बारिश का मौसम शुरू होते ही हर साल बहुत से लोगों की सबसे बड़ी परेशानी बालों का झड़ना बन जाती है. जिन लोगों को रोज काम, कॉलेज या दूसरे जरूरी कामों से बाहर निकलना पड़ता है, वे अक्सर अचानक हुई बारिश में भीग जाते हैं या फिर लंबे समय तक नमी भरी हवा में रहते हैं, जिससे उनके बाल और स्कैल्प लगातार गीले बने रहते हैं. जड़ों में यह लंबी नमी अक्सर इंफेक्शन, डैंड्रफ और साफ नजर आने वाले हेयर फॉल की वजह बन जाती है, और हर मानसून में यह समस्या बहुत सारे लोगों को परेशान करती है. अगर आप भी इस बरसाती मौसम में बालों के झड़ने से जूझ रहे हैं, तो कुछ आसान और सस्ते घरेलू उपाय वाकई इस समस्या को काबू में लाने में मदद कर सकते हैं.
बारिश का पानी अब बन चुका है त्वचा और बालों के लिए नुकसानदायक
देहरादून के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि पुराने समय में लोग यह मानते थे कि बारिश के पानी में नहाने से शरीर की कई बीमारियां अपने आप दूर हो जाती हैं. लेकिन उनका कहना है कि आज के दौर में हालात काफी बदल चुके हैं. गाड़ियों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं लगातार हवा में और फिर बादलों तक पहुंचता है, जिसकी वजह से जमीन तक पहुंचने वाला बारिश का पानी अब वैसा नहीं रहा, बल्कि वह ‘एसिडिक वाटर’ यानी अम्लीय जल बन चुका है. डॉ. सिद्दीकी के मुताबिक, यह अम्लीय बारिश का पानी त्वचा के साथ-साथ बालों पर भी बहुत बुरा असर डालता है, इसलिए मानसून में सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है, यह सोचकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए कि बारिश का पानी हमेशा की तरह हानिरहित है.
हेलमेट पहनने वाले लोग रखें खास ध्यान, वरना जड़ों में हो सकता है इंफेक्शन
डॉ. सिद्दीकी की खास सलाह है कि जहां तक हो सके, बारिश का पानी सीधे बालों पर गिरने से बचाना चाहिए. रोज दोपहिया वाहन चलाने वाले और हेलमेट पहनने वाले लोगों के लिए वे एक खास बात पर जोर देते हैं, उनका कहना है कि हेलमेट लगाने से पहले सिर पर एक साफ सूती रुमाल जरूर बांध लेना चाहिए, वरना पसीना, नमी और गंदगी घंटों तक स्कैल्प से चिपकी रह जाती है. इसके साथ ही वे यह भी कहते हैं कि कंघी को नियमित रूप से धोते और साफ करते रहना चाहिए, क्योंकि गंदी कंघी हर बार इस्तेमाल के साथ जमा हुई गंदगी वापस जड़ों तक पहुंचा देती है. बालों को गंदगी और ज्यादा नमी से बचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि जैसे ही इन गीली हालातों में जड़ों में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, वहां इंफेक्शन हो जाता है, और इसका सीधा और साफ नतीजा लगातार बढ़ता हुआ हेयर फॉल होता है.
प्याज में छिपा है झड़ते बालों का इलाज
बालों का झड़ना कम करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए डॉ. सिद्दीकी एक खास प्याज के नुस्खे की सलाह देते हैं, जिसे और फायदे के लिए एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर भी तैयार किया जा सकता है. उनका कहना है कि प्याज में सल्फर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हेयर ग्रोथ को बढ़ावा देता है और समय के साथ बालों की कुल लंबाई बढ़ाने में मदद करता है. यह नुस्खा बनाने के लिए ज्यादातर सामान वैसे भी हर घर की रसोई में आसानी से मिल जाता है.
- सबसे पहले प्याज को कद्दूकस करके या पीसकर उसका रस निकाल लें.
- इसके बाद इस प्याज के रस में थोड़ा सा नारियल का तेल और आधा चम्मच एलोवेरा जेल डालकर तीनों को अच्छी तरह मिक्स कर लें.
- इस तैयार मिश्रण को बालों और स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाएं और करीब 10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें.
- 10 मिनट पूरे होने के बाद इसे किसी माइल्ड शैम्पू से धो लें.
हफ्ते में तीन बार आजमाएं यह नुस्खा, चंपी से भी मिलेगी राहत
डॉ. सिद्दीकी कहते हैं कि जो लोग बालों के झड़ने से पूरी तरह छुटकारा चाहते हैं, उन्हें प्याज और एलोवेरा से बना यह घरेलू नुस्खा हफ्ते में कम से कम तीन बार जरूर आजमाना चाहिए. इसे इसी तरह नियमित रूप से अपनाने पर कुछ ही दिनों में बालों का झड़ना साफ तौर पर कम होने लगता है. इसके अलावा वे यह भी सुझाव देते हैं कि इस मानसून के मौसम में रोजमेरी ऑयल या लेमन ऑयल से बालों की चंपी भी की जा सकती है, ताकि बालों को जड़ों से पोषण मिले और वे और मजबूत बनें. यह अतिरिक्त उपाय स्कैल्प के मौजूदा इंफेक्शन को दूर करने के साथ-साथ बालों में मानसून के इन नम महीनों में भी प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद करता है.




















