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मिथिलांचल में फूलगोभी के नए पौधों पर कीटों की आफत, दिन ढलते ही ओझल हो रहे कीटजीवनशैली
25 अक्तू॰ 2026, 5:27 am (4 दिन पहले)· 2

मिथिलांचल में फूलगोभी के नए पौधों पर कीटों की आफत, दिन ढलते ही ओझल हो रहे कीट

दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर में फूलगोभी की फसल पर सुबह दिखने वाले कीट का हमला हुआ है, जिस पर कृषि वैज्ञानिक ने पहचान के बाद ही कीटनाशक डालने की सलाह दी है।

बिहार के मिथिलांचल इलाके में सर्दियों की नकदी फसल फूलगोभी पर इस बार अज्ञात कीट का साया मंडरा रहा है। दरभंगा के साथ-साथ समस्तीपुर और मधुबनी जैसे प्रमुख उत्पादक जिलों में किसानों ने बड़े रकबे पर फूलगोभी के नए पौधे लगाए थे। बाजार में अच्छी कीमत की आस लगाए बैठे इन किसानों के सामने अब पौधों को बचाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। हाल ही में रोपे गए छोटे पौधों पर एक विचित्र कीट हमला कर रहा है, जो दिन का उजाला और धूप खिलते ही पूरी तरह गायब हो जाता है। इस वजह से खेतों में नुकसान तो साफ दिख रहा है, लेकिन नुकसान पहुंचाने वाला जीव दोपहर में कहीं नजर नहीं आता।

भोर में खेतों में डेरा डाल रहे किसान

कीट के इस रहस्यमयी व्यवहार ने उत्पादकों की नींद उड़ा रखी है। स्थानीय काश्तकारों का अनुभव है कि यह कीट केवल भोर के समय ही पत्तियों पर डेरा जमाए दिखता है। जैसे ही सूरज की किरणें तेज होती हैं, यह पौधों से हटकर कहीं छिप जाता है। इसी कारण काश्तकार अंधेरे में ही टार्च लेकर खेतों की ओर दौड़ रहे हैं ताकि रोशनी फैलने से पहले इसकी गतिविधियों को पकड़ सकें। लगातार निगरानी रखने के बाद भी छोटे पौधे तेजी से कमजोर पड़ रहे हैं, जिससे पूरी पौधशाला और फसल के चौपट होने की आशंका गहरा गई है।

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पत्तियों के निचले हिस्से की जांच जरूरी

इस संकट के बीच डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. एस. के. सिंह ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके अपनाने का मशविरा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भोर के वक्त खेतों में जाकर पौधों के पत्तों को उलटकर देखना चाहिए, क्योंकि सुबह के समय यह परजीवी अक्सर पत्ती के पिछले हिस्से पर चिपका रहता है। कीट की शारीरिक बनावट और प्रजाति सुनिश्चित किए बिना खेत में किसी भी रसायन का इस्तेमाल करना व्यर्थ साबित होगा।

दुकानदारों के कहने पर कीटनाशक डालने से बचें

कृषि वैज्ञानिक ने खाद-बीज विक्रेताओं की मौखिक सलाह पर अंधी दवाइयां छिड़कने के चलन पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सचेत किया कि केवल विक्रेता के सुझाव पर अंधाधुंध कीटनाशक डालना आर्थिक नुकसान देने के साथ पौधों को भी झुलसा सकता है। सही तरीका यही है कि किसान कीट का नमूना लेकर या उसकी स्पष्ट तस्वीर कृषि विशेषज्ञों को दिखाएं और कीट की पुष्टि के बाद ही अनुशंसित रसायन का संतुलित उपयोग करें। फिलहाल मिथिलांचल के किसान अपनी मेहनत को सुरक्षित रखने के लिए भोर की पहली किरण के साथ खेतों में डटे हुए हैं।

सवाल-जवाब

फूलगोभी की फसल पर दिखने वाला कीट दिन में क्यों नहीं दिखता?
यह कीट धूप और तेज रोशनी निकलने के बाद छिप जाता है, इसलिए यह केवल भोर और सुबह के समय ही दिखाई देता है।
कीट की पहचान के लिए कृषि वैज्ञानिक ने क्या तरीका बताया है?
डॉ. एस. के. सिंह के अनुसार किसानों को सूर्योदय के समय खेत में जाकर फूलगोभी की पत्तियों के पिछले हिस्से की बारीकी से जांच करनी चाहिए।
मिथिलांचल के किन जिलों में इस कीट का असर देखा जा रहा है?
इस समस्या का असर दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी जिलों में फूलगोभी के खेतों पर देखा जा रहा है।
कीटनाशक के छिड़काव को लेकर विशेषज्ञों की क्या चेतावनी है?
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि खाद-बीज दुकानदारों के कहने पर दवा न डालें, बल्कि कृषि वैज्ञानिकों से कीट की पहचान कराकर ही सही दवा का उपयोग करें।
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टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·3 दिन पहले

सुबह-सुबह टार्च लेकर खेत में घूमना और कीट छिप जाना किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा है। क्या सच में इतने शातिर कीड़े होते हैं जो धूप निकलते ही गायब हो जाएं? मुझे थोड़ा शक है कि सिर्फ दुकानदारों की सलाह ही गलत है या कीड़े की पहचान में ही कोई लोचा है।

Meera Joshi@meera-joshi·3 दिन पहले

सुबह-सुबह टार्च लेकर खेत में घूमना और फसल बचाने की यह टेंशन किसानों के मानसिक स्वास्थ्य पर कितना असर डालती होगी? क्या कोई हेल्पलाइन है जो ऐसी आपदा में उनकी मानसिक शांति के लिए मदद कर सके?

Nyra Kaif@nyra-kaif·3 दिन पहले

मीरा, तुम्हारी बात सही है कि किसानों पर तनाव बहुत होगा। पर क्या सरकार ने कभी ऐसे कीटों से निपटने के लिए कोई समय पर ट्रेनिंग कैंप लगाए हैं?

Neha Verma@neha-verma·4 दिन पहले

मिथिलांचल के किसानों के लिए सुबह-सुबह की यह कीट वाली समस्या बहुत डराने वाली है। फूलगोभी की फसल बचाने के चक्कर में सुबह-सुबह टॉर्च लेकर घूमना पड़ रहा है, उम्मीद है कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से पौधों को समय पर बचाया जा सकेगा।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·4 दिन पहले

नेहा, टॉर्च लेकर सुबह-सुबह घूमना वाकई मुश्किल है। क्या इस कीट की कोई तस्वीर यूनिवर्सिटी भेजी गई है?

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