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मानसून में रिहायशी इलाकों के आसपास उगी बेकाबू घास बढ़ाती है विषैले जीवों और मच्छरों का खतरा, जानिए सफाई के आसान तरीकेजीवनशैली
6 अग॰ 2026, 4:07 pm (2 दिन पहले)· 1

मानसून में रिहायशी इलाकों के आसपास उगी बेकाबू घास बढ़ाती है विषैले जीवों और मच्छरों का खतरा, जानिए सफाई के आसान तरीके

बरसात के मौसम में घरों और खाली भूखंडों में तेजी से उगने वाली जंगली घास मच्छरों, सांपों और बिच्छुओं का सुरक्षित ठिकाना बन जाती है। जानिए हाथ से उखाड़ने और खरपतवारनाशी छिड़काव के प्रभावी तरीके।

बरसात का मौसम आते ही रिहायशी बस्तियों, खाली पड़े भूखंडों और तंग गलियों में जंगली घास का तेजी से पनपना एक आम समस्या बन जाता है। पहली नजर में साधारण दिखने वाली यह हरी-भरी घास यदि समय पर न काटी जाए तो जल्द ही जानलेवा मच्छरों, हानिकारक कीटों और सांप व बिच्छू जैसे विषैले जीवों की पनाहगाह बन जाती है। इसी कारण विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों के अनुसार मानसून की पूरी अवधि के दौरान अपने आवासीय परिसर और आसपास के माहौल को पूरी तरह साफ-सुथरा रखना अनिवार्य हो जाता है।

मानसून में झाड़ियों और घास से बढ़ते गंभीर स्वास्थ्य जोखिम

घर के करीब उगने वाली अनियंत्रित घास केवल सुंदरता ही खराब नहीं करती, बल्कि यह परिवार की सेहत और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करती है। इस संबंध में स्थानीय निवासी उत्तम श्रीवास्तव का कहना है कि घर के इर्द-गिर्द बड़ी घास जमा होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी मच्छरों के अत्यधिक प्रकोप से होती है। शाम ढलते ही मच्छरों के हमले शुरू हो जाते हैं, जिससे रात के समय चैन से सोना भी दुभर हो जाता है।

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उत्तम श्रीवास्तव ने बताया, "घर के पास बड़ी घास उगने से शाम ढलते ही मच्छरों का आतंक शुरू हो जाता है और रात में आराम से सोना भी मुश्किल हो जाता है।" उन्होंने आगे ध्यान दिलाया कि बरसात के इस गीले मौसम में कई प्रकार के खतरनाक कीड़े-मकोड़े और जहरीले रेंगने वाले जीव भी इस घनी घास में छिपकर अपना डेरा बना लेते हैं। ये छिपे हुए जीव किसी भी पल घर के सदस्यों या बच्चों पर हमला करके गंभीर हादसा पैदा कर सकते हैं।

घास हटाने के दो प्रभावी तरीके: हाथ से उखाड़ना और दवा का छिड़काव

घास को हटाने और नियंत्रण में रखने के लिए मौसम के अनुकूल रणनीतियां अपनाई जा सकती हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुभव के मुताबिक बारिश की फुहारों के बाद जमीन की मिट्टी काफी मुलायम और नम हो जाती है। ऐसे समय में घास को जड़ों सहित हाथ से खींचकर आसानी से उखाड़ा जा सकता है। यह तरीका छोटी जगहों और बगीचों के लिए बेहद कारगर सिद्ध होता है।

अगर घास बहुत बड़े क्षेत्र में फैल चुकी है और हाथ से सफाई करना संभव न हो, तो खरपतवारनाशी दवाओं का सहारा लिया जा सकता है। यदि आपके पास स्प्रे पंप उपलब्ध है, तो बाजार में मिलने वाली उपयुक्त खरपतवारनाशी दवा का छिड़काव करना एक त्वरित समाधान है। दवा का छिड़काव करने के बाद घास कुछ ही दिनों में पूरी तरह सूखकर नष्ट हो जाती है। इसके अतिरिक्त, रासायनिक प्रभाव के कारण वहां दोबारा घास के जल्दी उगने की संभावना भी काफी घट जाती है।

बिना किसी खर्च के अपने परिवार और परिसर को सुरक्षित रखने के उपाय

यदि आपके पास छिड़काव करने वाला स्प्रे पंप या महंगे साधन नहीं हैं, तब भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है। बारिश के तुरंत बाद की गीली मिट्टी में साधारण दस्ताने पहनकर हाथ से घास उखाड़ना बहुत आसान होता है। लगातार और नियमित अंतराल पर सफाई अभियान चलाने से घर के आसपास का समूचा वातावरण स्वच्छ रहता है, मच्छरों का घनत्व नियंत्रित होता है और बिच्छू व सांप जैसे जानलेवा जीवों के छिपने की जगह हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है।

मानसून के पूरे महीने में की गई थोड़ी सी सतर्कता और नियमित शारीरिक श्रम आपके पूरे परिवार को मौसमी बीमारियों, मच्छरों के डंक और जहरीले जीवों के काटने जैसे गंभीर खतरों से सुरक्षित रख सकता है। अपने आसपास की सफाई को टालने की जगह समय रहते कदम उठाना ही सबसे बुद्धिमानी भरा निर्णय है।

सवाल-जवाब

मानसून के दौरान घर के आसपास घास उगना क्यों खतरनाक है?
बरसात में उगी घास मच्छरों के पनपने, खतरनाक कीड़ों और सांप-बिच्छू जैसे विषैले रेंगने वाले जीवों के छिपने का मुख्य ठिकाना बन जाती है।
बारिश के बाद हाथ से घास उखाड़ना क्यों आसान होता है?
बारिश के पानी से मिट्टी बेहद नरम और लचीली हो जाती है, जिससे घास को जड़ों सहित हाथ से खींचकर आसानी से निकाला जा सकता है।
बड़ी घास को हटाने के लिए खरपतवारनाशी दवा का इस्तेमाल कैसे करें?
यदि घास ज्यादा फैली हो और आपके पास स्प्रे पंप हो, तो बाजार से खरपतवारनाशी दवा लाकर छिड़काव करने से घास सूख जाती है और दोबारा जल्दी नहीं उगती।
उत्तम श्रीवास्तव के अनुसार घास न साफ करने से क्या समस्या होती है?
स्थानीय निवासी उत्तम श्रीवास्तव के अनुसार शाम ढलते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है जिससे सोना मुश्किल होता है और जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है।
बिना स्प्रे पंप के आसपास की सफाई कैसे रखी जा सकती है?
स्प्रे पंप न होने पर बारिश के बाद नम मिट्टी से हाथ द्वारा नियमित रूप से घास उखाड़कर वातावरण को साफ और सुरक्षित रखा जा सकता है।
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