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नोएडा के सेक्टर 63 में खुला स्कूल थीम वाला अनोखा कैफे, मार्कशीट मेन्यू और रोल नंबर टेबल से ताजा हो रहीं बचपन की यादेंजीवनशैली
20 सित॰ 2026, 3:19 pm (39 दिन पहले)· 1

नोएडा के सेक्टर 63 में खुला स्कूल थीम वाला अनोखा कैफे, मार्कशीट मेन्यू और रोल नंबर टेबल से ताजा हो रहीं बचपन की यादें

नोएडा सेक्टर 63 में डी स्क्वॉयर मॉल के बेसमेंट में स्थित द अटेंडेंस शीट कैफे लोगों को क्लासरूम के पुराने दिनों में ले जा रहा है, जहां मार्कशीट में ऑर्डर और रिपोर्ट कार्ड में बिल मिलता है.

नोएडा के सेक्टर 63 स्थित डी स्क्वॉयर मॉल के बेसमेंट में एक ऐसा नायाब ठिकाना खुला है, जो वहां कदम रखने वाले हर शख्स को सीधे स्कूल की सुनहरी यादों में वापस ले जाता है. इस कैफे का पूरा माहौल एक असली क्लासरूम की तर्ज पर ढाला गया है. यहां सामान्य कुर्सियों और मेजों की जगह क्लासरूम जैसी डेस्क लगाई गई हैं, दीवारों पर ब्लैकबोर्ड और ग्रीन बोर्ड सजे हैं, और बैठने के लिए टेबल नंबर की जगह बाकायदा रोल नंबर तय किए गए हैं. इसके अलावा परिसर में साइंस लैब और किताबों की लाइब्रेरी भी तैयार की गई है, जिससे ग्राहकों को स्कूल के बीते पलों का जीवंत अहसास होता है. इस जगह की सबसे अनोखी बात इसका मेन्यू कार्ड है, जिसे बिल्कुल एक मार्कशीट के स्वरूप में तैयार किया गया है. इस मार्कशीटनुमा मेन्यू में सिर्फ व्यंजनों के नाम ही दर्ज नहीं हैं, बल्कि हर डिश में शामिल सामग्री, उसके स्वाद और उससे जुड़ी दिलचस्प जानकारियों का भी पूरा ब्योरा दिया गया है.

स्कूल के बीते पलों को दोबारा जीने की अनोखी पहल

इस कैफे को शुरू करने के पीछे की पूरी सोच लोगों को उनके बचपन और क्लासरूम की यादों से फिर से जोड़ना है. बायबायकार्ट के को-फाउंडर एंड डायरेक्टर और द अटेंडेंस शीट कैफे के ऑनर आशीष पांडेय ने इस परिकल्पना के बारे में विस्तार से बात रखी. आशीष पांडेय ने बताया कि उम्र के किसी भी पड़ाव पर पहुंच चुके इंसान के दिल में अपने स्कूल के दिनों के लिए एक खास जगह हमेशा बनी रहती है. हर कोई उन बेफिक्र पलों को शिद्दत से याद करता है और अगर जिंदगी में दोबारा ऐसा मौका मिले, तो लोग फौरन अपनी पुरानी क्लासरूम में लौटकर उन दिनों को फिर से जीना चाहेंगे. इसी मानवीय भावना को ध्यान में रखकर इस कैफे का ताना-बाना बुना गया है, ताकि यहां आने वाले हर व्यक्ति को वही पुराना क्लासरूम वाला अहसास मिल सके और वे अपनी पुरानी सुनहरी यादों को ताजा कर सकें.

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मार्कशीट में टिक लगाकर ऑर्डर और स्कूलिया नामों वाले लजीज व्यंजन

खान-पान के चुनाव की प्रक्रिया को भी पूरी तरह स्कूल की कार्यप्रणाली से जोड़ा गया है. कैफे के संचालक आशीष पांडेय के मुताबिक, जब कोई ग्राहक अपनी सीट पर बैठता है, तो ऑर्डर लेने के लिए उसके हाथ में सामान्य मेन्यू के बजाय एक मार्कशीट थमाई जाती है. इस मेन्यू में परोसे जाने वाले सभी व्यंजनों और पेय पदार्थों के नाम भी स्कूल की दिनचर्या और यादों से प्रेरित रखे गए हैं. उदाहरण के तौर पर यहां खाने के शौकीनों के लिए गृहकार्य तड़का मैगी, ट्यूशन वाली मैगी, स्टाफ रूम प्रिंसिपल चाय और प्रार्थना सभा चाय जैसे मजेदार विकल्प मौजूद हैं. इसके अलावा मेन्यू में केमिस्ट्री साइंस लैब मॉकटेल्स और बैकबेंचर मोमोज जैसी डिशेज भी शामिल की गई हैं. बैकबेंचर मोमोज के नीचे बाकायदा यह भी लिखा गया है कि इसे किस अंदाज में तैयार किया गया है. ग्राहकों को जो भी खाना या पीना होता है, वे उस मार्कशीट में संबंधित डिश के आगे टिक मार्क लगाते हैं और फिर वह पर्चा वहां मौजूद स्टाफ को सौंप देते हैं, जिसके बाद उनका पसंदीदा व्यंजन उनकी मेज पर परोसा जाता है.

अंक तालिका के रूप में बिलिंग और ए, बी, सी ग्रेड की व्यवस्था

ऑर्डर देने से लेकर भुगतान करने तक के पूरे सफर को स्कूल के नियमों की तरह ही डिजाइन किया गया है. आशीष पांडेय ने स्पष्ट किया कि जिस तरह विद्यार्थी परीक्षा हॉल में प्रश्न पत्र हल करके जमा करते हैं और उसके बाद उनका परिणाम आता है, ठीक उसी तर्ज पर यहां भी ग्राहक का ऑर्डर पूरा होने के बाद उसका बिल एक अंक तालिका यानी रिपोर्ट कार्ड के रूप में बनकर सामने आता है. कैफे के भीतर बैठने की व्यवस्था के लिए टेबल नंबर को स्कूल के हाजिरी रजिस्टर के क्रमांक यानी रोल नंबर का रूप दिया गया है. इतना ही नहीं, जब ग्राहक के सामने अंतिम बिल पेश किया जाता है, तो उसमें बाकायदा ए, बी और सी जैसे ग्रेड भी अंकित रहते हैं. इस पूरी प्रक्रिया से हर आने वाले को ऐसा महसूस होता है मानो वह किसी रेस्तरां में नहीं, बल्कि अपने स्कूल के किसी इम्तिहान के बाद परिणाम हासिल कर रहा हो.

हाजिरी की दीवार पर चॉक से दर्ज होती है मौजूदगी

इस प्रतिष्ठान का नाम द अटेंडेंस शीट कैफे रखने की वजह भी काफी दिलचस्प है. आशीष पांडेय ने बताया कि स्कूल में जब भी दिन की शुरुआत होती है, तो सबसे पहला काम हाजिरी लगाना ही होता है. उसी के बाद पढ़ाई-लिखाई और बाकी गतिविधियों का सिलसिला आगे बढ़ता है. इसी नियम को आधार बनाकर यह नाम चुना गया, ताकि खान-पान और पुरानी यादों के इस सफर का आगाज भी एक तरह से हाजिरी से ही हो. कैफे के भीतर एक खास अटेंडेंस वाल भी सजाई गई है. खाना खत्म करने के बाद ग्राहक हाथ में चॉक उठाकर उस दीवार पर अपनी हाजिरी दर्ज कर सकते हैं. लोग वहां अपने स्कूल का पुराना रोल नंबर, अपना नाम और अपना सबसे पसंदीदा स्नैक लिखकर खुद को प्रेजेंट मार्क करते हैं. संचालक के अनुसार, लोग इस अनूठे प्रयोग को बेहद उत्साह के साथ अपना रहे हैं और यह कोना ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुका है.

दीवारों पर लिखे स्कूल के कायदे और साइंस लैब के लाइव प्रोजेक्ट्स

कैफे के प्रवेश द्वार और अंदर की दीवारों पर क्लासरूम के वे सारे कायदे-कानून और अनुशासन से जुड़ी बातें उकेरी गई हैं, जो हर किसी के बचपन का हिस्सा रही हैं. इनमें क्लास के दरवाजे पर खड़े होकर मे आई कम इन सर पूछना, कोई गलती होने या सजा मिलने पर स्टैंड अप ऑन द बेंच का आदेश मिलना, बच्चों के ज्यादा शोर मचाने पर साइलेंस इन द क्लास की चेतावनी और रोजाना अपना होमवर्क चेक करवाने जैसी बातें शामिल हैं. आशीष पांडेय का कहना है कि इन पंक्तियों को दीवारों पर इसलिए जगह दी गई है ताकि लोग अपने स्कूली जीवन के उन खट्टे-मीठे अनुभवों को तुरंत याद कर सकें. इसके अलावा परिसर में बनाई गई साइंस लैब में ऐसे लाइव मॉडल्स रखे गए हैं, जो विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट्स के लिए खुद तैयार करते थे. इस लैब में हाथ से पंप होने वाले प्रोजेक्ट्स, सोलर हाउस और पवन ऊर्जा यानी विंड एनर्जी से जुड़े विभिन्न मॉडल्स सजाए गए हैं, जो आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं.

सवाल-जवाब

यह स्कूल थीम वाला कैफे नोएडा में कहां स्थित है?
यह कैफे नोएडा के सेक्टर 63 में स्थित डी स्क्वॉयर मॉल के बेसमेंट में चल रहा है.
इस कैफे का नाम क्या है और इसके संचालक कौन हैं?
इस कैफे का नाम द अटेंडेंस शीट कैफे है और इसके ऑनर आशीष पांडेय हैं, जो बायबायकार्ट के को-फाउंडर एंड डायरेक्टर भी हैं.
कैफे का मेन्यू कार्ड किस तरह का है?
कैफे का मेन्यू कार्ड एक स्कूल मार्कशीट की तरह डिजाइन किया गया है, जिसमें सामग्री और स्वाद की जानकारी के साथ ग्राहक टिक लगाकर ऑर्डर करते हैं.
मेन्यू में कौन से प्रमुख व्यंजन और पेय पदार्थ शामिल हैं?
मेन्यू में गृहकार्य तड़का मैगी, ट्यूशन वाली मैगी, स्टाफ रूम प्रिंसिपल चाय, प्रार्थना सभा चाय, केमिस्ट्री साइंस लैब मॉकटेल्स और बैकबेंचर मोमोज जैसे नाम रखे गए हैं.
कैफे में बिल किस तरह दिया जाता है?
ग्राहक को बिल एक अंक तालिका यानी रिपोर्ट कार्ड के रूप में मिलता है, जिसमें ए, बी और सी जैसे ग्रेड भी दिए जाते हैं.
कैफे की अटेंडेंस वाल की क्या खासियत है?
ग्राहक खाना खाने के बाद चॉक से इस दीवार पर अपना पुराना स्कूल रोल नंबर, नाम और पसंदीदा स्नैक लिखकर अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं.
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