कुदरत के अनूठे जीवों में शामिल बर्ड्स ऑफ पैराडाइज अपनी अनोखी जीवनशैली और मेटिंग के दिलचस्प तौर-तरीकों के लिए जाने जाते हैं। इस पक्षी परिवार में लगभग तीन दर्जन से अधिक प्रजातियां मौजूद हैं, जिनमें प्रजनन के मौसम के दौरान नर पक्षियों के बीच एक हैरतअंगेज मुकाबला देखने को मिलता है। यह होड़ किसी खामोश जंग जैसी होती है, जहां शारीरिक हिंसा के बजाय सुंदरता, पंखों की चमक और डांस का सहारा लिया जाता है। हर नर परिंदा खुद को बाकी प्रतिद्वंद्वियों से कहीं अधिक मोहक दिखाने की कोशिश में जुटा रहता है, क्योंकि मादा पक्षी अपना साथी चुनते समय सिर्फ उसी नर पर भरोसा जताती है जिसका रूप सबसे चमकीला और डांस सबसे प्रभावशाली साबित होता है।
बहुविवाह की व्यवस्था और बच्चों के पालन से दूरी
इन पक्षियों के सामाजिक ताने-बाने में बहुविवाह यानी पॉलीगाइनस व्यवस्था चलती है। अपने मोहक प्रदर्शन से मादा को आकर्षित करने के बाद एक अकेला नर पक्षी एक ही प्रजनन काल में कई अलग-अलग मादाओं के साथ संबंध स्थापित करता है। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया का सबसे चौंकाने वाला पहलू मेटिंग के ठीक बाद सामने आता है। प्रणय निवेदन और सहवास पूरा होते ही नर पक्षी वहां से किनारा कर लेता है और आगे की किसी भी जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ लेता है। इसके बाद घोंसला बनाने, अंडे सेने और अंडों से बाहर आए नन्हे चूजों को दाना खिलाकर पालने-पोसने का समूचा संघर्ष अकेली मादा पक्षी को ही उठाना पड़ता है।
भरपूर भोजन से मिलती है रूप संवारने की ऊर्जा
इन नर परिंदों के पास अपने आकर्षक रूप और लंबे डांस स्टेप्स की रिहर्सल के लिए इतना अतिरिक्त समय और सामर्थ्य कहां से आता है, इसकी वजह उनका खास प्राकृतिक आवास है। न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया के घने वर्षावनों में फलों, फूलों, बेरीज और छोटे-मोटे कीड़े-मकोड़ों की कोई कमी नहीं रहती। चूंकि भोजन जुटाने के लिए उन्हें जंगलों में लंबी भटकन या भारी मशक्कत नहीं करनी पड़ती, इसलिए उनकी शारीरिक ऊर्जा रोजमर्रा के पोषण की तलाश में जाया नहीं होती। पेट भरने के बाद बची हुई इसी विपुल ऊर्जा को नर पक्षी अपने शरीर पर लंबे और आकर्षक पंख विकसित करने तथा जटिल डांस मुद्राओं का अभ्यास करने में लगा देते हैं।
भारी-भरकम पंख और फिटनेस का इम्तिहान
प्रकृति ने नर बर्ड्स ऑफ पैराडाइज को असाधारण रूप से लंबे, घने और भड़कीले पंखों से नवाजा है। कई मौकों पर ये पंख इतने भारी हो जाते हैं कि उनके लिए सामान्य रूप से उड़ना भी एक बड़ी चुनौती बन जाता है। सिर पर सजी ऊंची कलगी और पूंछ के भारी पंख पेड़ों की उलझी हुई पतली शाखाओं के बीच उड़ान भरने में सीधी अड़चन पैदा करते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि मादा पक्षी के नजरिए से यही शारीरिक बाधा नर की सबसे बड़ी खूबी बन जाती है। इन भारी पंखों के साथ फुर्ती से नाचना मादा को यह ठोस संदेश देता है कि इतने वजन और अड़चनों के बावजूद यह नर जंगल के संकटों से जूझने में पूरी तरह समर्थ, तंदुरुस्त और ताकतवर है।
प्राकृतिक शिकारियों की कमी और सुरक्षित माहौल
इन वर्षावनों में बर्ड्स ऑफ पैराडाइज के जीवन को खतरे में डालने वाले बड़े प्राकृतिक शिकारी जीव बेहद कम सक्रिय हैं। किसी बड़े हिंसक जानवर का खौफ न होने के कारण ये पक्षी बिना किसी घबराहट या तनाव के शांत माहौल में अपने पंख फैलाकर घंटों तक मंच सजाते हैं और रिझाने वाला नृत्य पेश करते हैं। हालांकि मानवीय दखल और गतिविधियों से कुछ इलाकों के पर्यावरण पर असर जरूर पड़ा है, लेकिन रेड बर्ड ऑफ पैराडाइज जैसी सीमित प्रजातियों को अलग रख दिया जाए तो बाकी जातियां सुरक्षित मानी जाती हैं। बाहरी दुश्मनों की गैरमौजूदगी ने ही इस जटिल और आकर्षक मेटिंग परंपरा को पीढ़ियों से जिंदा रखा है।
आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक नृत्यों पर गहरा असर
बर्ड्स ऑफ पैराडाइज का यह मोहक प्रदर्शन केवल पक्षी प्रेमियों या वैज्ञानिकों को ही हैरान नहीं करता, बल्कि न्यू गिनी के स्थानीय आदिवासी समाज के साथ भी इसका ऐतिहासिक नाता रहा है। वहां की जनजातियां सदियों से अपने सांस्कृतिक समारोहों, उत्सवों और खास रिवाजों के दौरान इन परिंदों के चमकीले और बहुरंगी पंखों से बनी टोपियां पहनती रही हैं। ऑस्ट्रेलियन म्यूजियम की कलेक्टशंस ऑफिसर इवोन कैरिलो-हफमैन का कहना है कि ये खूबसूरत पंख स्थानीय आदिवासियों के लिए ताकत, संपन्नता और अपने कबीले की प्रतिष्ठा का सबसे बड़ा प्रतीक माने जाते हैं। इतना ही नहीं, न्यू गिनी के कई कबीलों ने अपने पारंपरिक नृत्यों की शारीरिक भंगिमाएं और स्टेप्स इन्हीं परिंदों के प्रेम नृत्य को देखकर गढ़े हैं। जब यह पक्षी अपनी गर्दन को विशेष अंदाज में मटकाते हैं और पंखों को हवा में लहराते हुए झूमते हैं, तो उनका अंदाज किसी कुशल मंच कलाकार जैसा दिखाई देता है।


















