हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अमरूद के भीतर कीड़े निकलने से जुड़े कई वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद फल बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। ग्राहकों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि बाहर से हरा-भरा दिखने वाला फल अंदर से सड़ चुका है या उसमें कीट मौजूद हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज के फल व्यापारी और बागवानी विशेषज्ञ कादिर भाई ने कुछ व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया है। इन सुझावों पर अमल करके खरीदार बाजार में आसानी से ताजा और गुणवत्तापूर्ण अमरूद का चयन कर सकते हैं।
अत्यधिक मुलायम और दबे हुए अमरूद खरीदने से बचें
अमरूद का चुनाव करते समय सबसे पहले उसके बाहरी स्वरूप और कठोरता का आकलन करना चाहिए। कादिर भाई के अनुसार, अत्यधिक दबा हुआ, बहुत अधिक मुलायम या अलग-अलग जगहों से गलता हुआ नजर आने वाला फल बिल्कुल नहीं खरीदना चाहिए। दुकान पर फल उठाते समय उसे हल्के हाथों से दबाकर देखें। यदि अमरूद जरूरत से ज्यादा सॉफ्ट महसूस होता है या उंगलियों का दबाव पड़ते ही उसका आकार बिगड़ जाता है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि फल अत्यधिक पक चुका है या अंदर से खराब होना शुरू हो गया है। ऐसे अमरूद के अंदर सड़ांध या कीट होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
छिलके की बनावट, छेद और काले निशानों की बारीक जांच करें
खरीदारी के दौरान अमरूद की पूरी सतह का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करना बेहद जरूरी है। यदि फल की बाहरी त्वचा पर बारीक छेद, असामान्य काले या भूरे रंग के धब्बे, सड़न का प्रभाव या किसी हिस्से से रस निकलता हुआ दिखाई दे, तो उस फल को तुरंत अलग रख देना चाहिए। फल मक्खी जैसे हानिकारक कीट अमरूद की ऊपरी परत में अंडे दे देते हैं, जिससे बाहर की तरफ निशान बन जाते हैं। हालांकि केवल बाहरी छिलके को देखकर शत-प्रतिशत यह दावा नहीं किया जा सकता कि फल अंदर से पूरी तरह सुरक्षित है। इसीलिए किसी विश्वसनीय और साफ-सुथरा माल बेचने वाले विक्रेता से ही छंटाई किए गए ताजे फल खरीदना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
रंग के बदलाव और प्राकृतिक खुशबू से पहचानें ताजगी
अमरूद का रंग उसकी अलग-अलग किस्मों के आधार पर भिन्न हो सकता है। आमतौर पर जब अमरूद पकने की प्रक्रिया में होता है, तो उसका रंग गहरे हरे से बदलकर हल्का हरा या हल्का पीला होने लगता है। बहुत अधिक पीला पड़ चुका, झुर्रीदार या मुरझाया हुआ फल पुराना माना जाता है। इसके विपरीत, ताजा और प्राकृतिक रूप से पका हुआ अमरूद अपने आसपास हल्की और मीठी सुगंध छोड़ता है। सुगंध की अनुपस्थिति या बासी गंध से भी फल की ताजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
काटने के बाद गूदे की जांच और इस्तेमाल में बरतें यह सावधानी
अमरूद खरीदकर घर लाने के बाद भी कुछ सावधानियां बरतना आवश्यक है। फल का सेवन करने से पहले उसे साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद अमरूद को छोटे टुकड़ों में काटकर उसके आंतरिक हिस्से का निरीक्षण करें। स्वस्थ अमरूद का गूदा सामान्य रंग का होना चाहिए। यदि काटने के बाद गूदे में असामान्य सुरंगे, अत्यधिक भूरापन, सड़न या कीड़े रेंगते हुए दिखाई दें, तो उस फल का सेवन बिल्कुल न करें। जरा सा भी संदेह होने पर ऐसे फल को फेंक देना ही स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से उचित रहता है।
खरीदारी में जल्दबाजी न करें, इन जरूरी हिदायतों का रखें ध्यान
फल खरीदते समय केवल उसके बड़े आकार या छिलके की चमक को देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए। हमेशा अमरूद की मजबूती, रंग, छिलके की स्थिति और संभावित नुकसान के लक्षणों की जांच करें। यदि आप पहली बार किसी नई जगह से खरीदारी कर रहे हैं, तो कम मात्रा में फल खरीदें और घर जाकर काटने के बाद ही उसकी गुणवत्ता परखें। वायरल वीडियो देखकर अमरूद खाना बंद करने के बजाय सही चयन, बेहतर सफाई और काटने के बाद आंतरिक जांच जैसे सामान्य नियमों का पालन करना सबसे समझदारी भरा कदम है।



















