टोरंटो में एलेना रिबाकिना की शानदार वापसी, नाओमी ओसाका को हराकर कनाडाई ओपन के सेमीफाइनल में बनाई जगहएसडी बर्मन के धुन पर किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने अमर बनाया शर्मीली का गाना खिलते हैं गुल यहांगिलास पर चम्मच मारकर आरडी बर्मन ने तैयार की थी चुरा लिया है तुमने जो दिल को की धुन, 1973 की फिल्म का यह नगमा आज भी है हिटडिलेन मैरॉन के अनुभव और शोध से खुलासा, मतभेदों में टेक्स्ट के बजाय बोलकर बात करना क्यों है ज्यादा बेहतर1984 के ब्लॉकबस्टर गाने 'तोहफा तोहफा' के पीछे था बप्पी लहरी का अनोखा प्रयोग, 'डिस्को डांसर' के 'जिमी जिमी' पैटर्न से रचा था इतिहासपीएमएवाई-अर्बन 2.0 के तहत गृह ऋण पर मिलेगा 1.80 लाख रुपये तक ब्याज अनुदान, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रियासूरज निकलने से पहले एक्सरसाइज और देसी खाने का शौक, 68 वर्ष के अभिनेता सनी देओल ने खोला अपनी फिटनेस का राजएप्पल के iOS 27 बीटा 5 में आए 5 नए फीचर्स, ऐप आइकन से लेकर सिरी की आवाज तक में हुए बड़े बदलाववोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग की सफाई, प्रकाश राज का नाम हटने का सच आया सामनेचंबा में पत्नी से फोन पर बहस के बाद पिता ने 6 साल के मासूम को रावी नदी में बहाया, सुबह खुद पुलिस को किया फोन
प्रयागराज के विशेषज्ञ की सलाह: बारिश में सांपों के खतरे से बचाएगा यह खास मोबाइल ऐप, जानिए इस्तेमाल का तरीकाजीवनशैली
27 जून 2026, 9:27 pm (46 दिन पहले)· 5

प्रयागराज के विशेषज्ञ की सलाह: बारिश में सांपों के खतरे से बचाएगा यह खास मोबाइल ऐप, जानिए इस्तेमाल का तरीका

मॉनसून के दौरान सांपों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक खास मोबाइल ऐप जीपीएस तकनीक के जरिए लोगों को अलर्ट कर रहा है और सुरक्षित रहने में मदद दे रहा है।

बारिश की रिमझिम फुहारें जहां तपती गर्मी से राहत देती हैं, वहीं इस मौसम में खेतों, बगीचों और घरों के आस-पास सांप निकलने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ जाती हैं। दरअसल, बारिश का पानी बिलों में भर जाने के कारण ये जीव सुरक्षित और सूखी जगहों की तलाश में बाहर निकल आते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और खेतों में लगातार काम करने वाले किसानों को इस दौरान बहुत अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। इस गंभीर समस्या का समाधान अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से निकाला जा रहा है। एक विशेष मोबाइल ऐप की मदद से अब लोग यह जान सकते हैं कि उनके आस-पास के किन इलाकों में पहले सांप देखे जा चुके हैं और उन्हें कहां विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रयागराज के एक सर्प विशेषज्ञ ने इस तकनीक के उपयोग और इसके फायदों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं।

जीपीएस तकनीक पर आधारित अनोखा सेफ्टी ऐप

यह खास डिजिटल टूल बिग 4 मैपर (जो अब कई क्षेत्रों में सर्पेंट बाय इंडियनस्नेक्स के रूप में भी उपलब्ध है) के नाम से जाना जाता है। यह एप्लिकेशन मुख्य रूप से डिजिटल मैप और GPS तकनीक की मदद से काम करता है। इस प्लेटफॉर्म पर कोई भी यूजर अपने आस-पास सांप दिखने की जानकारी, उसकी फोटो और सटीक लोकेशन दर्ज कर सकता है। जब कोई यूजर इस तरह की जानकारी ऐप पर साझा करता है, तो वह डेटा मैप पर दर्ज हो जाता है। इससे उस इलाके में रहने वाले अन्य लोगों को भी उस क्षेत्र में सांप की मौजूदगी की जानकारी मिल जाती है। खेतों, जंगलों और ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोग इस जानकारी का उपयोग करके पहले से ही सुरक्षात्मक उपाय कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें

इन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है यह तकनीक

इस एप्लिकेशन का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होता है जो अक्सर खुले और प्राकृतिक माहौल में काम करते हैं या यात्रा करते हैं। खेतों में काम करने वाले किसान, वन क्षेत्रों के नजदीक रहने वाले लोग, पहाड़ों और जंगलों में ट्रैकिंग करने वाले शौकीन और रात के समय अंधेरे में बाहर निकलने वाले राहगीर इस ऐप के जरिए पहले से सतर्क हो सकते हैं। मानसून के महीनों में जब सांपों की सक्रियता चरम पर होती है, तब यह तकनीक संभावित खतरों वाले क्षेत्रों की जानकारी देकर लोगों को सुरक्षित रहने में मदद करती है। हालांकि, यह ऐप किसी संभावित खतरे की कोई भविष्यवाणी या गारंटी नहीं देता है, बल्कि यह केवल पूर्व में दर्ज की गई रिपोर्ट और यूजर द्वारा साझा की गई लोकेशन के आधार पर आंकड़े उपलब्ध कराता है।

सांपों की सही पहचान करना हुआ आसान

अक्सर लोगों में सांपों को लेकर बहुत अधिक डर होता है, क्योंकि वे यह पहचान नहीं पाते कि सामने दिख रहा सांप जहरीला है या बिना जहर वाला। इस डर को दूर करने के लिए इस ऐप में सांपों की विभिन्न प्रजातियों की हाई-डेफिनिशन तस्वीरें और उनके लक्षणों से जुड़ी जानकारियां शामिल की गई हैं। इन जानकारियों को पढ़कर यूजर विभिन्न प्रजातियों के बारे में सीख सकते हैं और बिना वजह घबराने से बच सकते हैं। इसके बावजूद, विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी अज्ञात या जंगली सांप के पास जाने, उसे छूने या पकड़ने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

आपातकालीन स्थिति में क्या करें और क्या न करें

यदि किसी व्यक्ति को सांप काट लेता है, तो केवल किसी मोबाइल ऐप या घरेलू उपचार पर निर्भर रहना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे समय में सबसे आवश्यक कदम यह है कि पीड़ित व्यक्ति को बिना कोई समय गंवाए जल्द से जल्द नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया जाए। जहरीले सांप के काटने पर केवल समय पर मिलने वाला डॉक्टरी इलाज और एंटी-स्नेक वेनम ही पीड़ित की जान बचा सकता है। हालांकि, कई आधुनिक सुरक्षा ऐप प्राथमिक उपचार से जुड़े जरूरी निर्देश भी प्रदान करते हैं, लेकिन इन्हें किसी भी तरह से अस्पताल के इलाज का विकल्प नहीं माना जा सकता।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के महीनों में कुछ बुनियादी सावधानियां बरतकर सांपों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अपने घर के आस-पास उगी जंगली झाड़ियों और घास की नियमित सफाई करें। रात के समय बाहर निकलते समय हमेशा तेज रोशनी वाली टॉर्च का उपयोग करें। खेतों में काम करते समय हमेशा ऊंचे और मजबूत जूते पहनें। इसके अलावा, किसी भी अंधेरे कोने, पत्थरों के ढेर या लकड़ी के नीचे हाथ डालने से पहले उस जगह को किसी डंडे की मदद से अच्छी तरह से जांच लें। आधुनिक तकनीक जागरूकता बढ़ाने का एक बेहतरीन माध्यम जरूर है, लेकिन व्यक्तिगत सतर्कता और आपातकाल में त्वरित चिकित्सा सहायता ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR