रेफ्रिजरेटर की समय-समय पर सफाई करते वक्त आमतौर पर लोग शेल्फ और खानों को तो चमका देते हैं, मगर दरवाजे के किनारों पर लगी रबर यानी गैस्केट की अनदेखी हो जाती है। लगातार इस्तेमाल के दौरान इसमें हवा में तैरती धूल, रसोई का तेल, भोजन के बारीक छींटे और नमी भीतर की सिलवटों में फंसते जाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि कुछ ही हफ्तों में यह पट्टी बेहद चिपचिपी और बदरंग नजर आने लगती है। अगर इसे लंबे समय तक बिना धोए छोड़ दिया जाए, तो नम वातावरण के कारण इसमें फफूंदी और नुकसानदेह बैक्टीरिया घर बना लेते हैं, जिसे साधारण पोंछे से हटाना मुश्किल हो जाता है। राहत की बात यह है कि बिना किसी महंगे उत्पाद के रसोई में मौजूद सामान्य चीजों से इसे बिल्कुल नया जैसा बनाया जा सकता है।
गैस्केट की स्वच्छता क्यों है रेफ्रिजरेटर की सेहत के लिए जरूरी
दरवाजे की यह रबर पट्टी केवल सजावट का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसका प्राथमिक काम रेफ्रिजरेटर के भीतर की ठंडी हवा को मजबूती से सील करके बाहर बहने से रोकना है। जब इस पट्टी की सतह और खांचों पर मैल, ग्रीस और फंगस की परत जम जाती है, तो दरवाजे की चुंबकीय पकड़ और सीलिंग ढीली पड़ जाती है। जब ठंडी हवा का रिसाव होने लगता है, तो कंप्रेसर को भीतरी तापमान बनाए रखने के लिए लगातार अधिक दबाव में काम करना पड़ता है। इससे सीधे तौर पर बिजली की खपत बढ़ जाती है और हर महीने का बिजली बिल जेब पर भारी पड़ने लगता है। इसलिए इस पट्टी को साफ और लचीला बनाए रखना उपकरण की कार्यक्षमता के लिए बेहद आवश्यक है।
सफेद सिरका और गुनगुने पानी का आसान घोल
हल्की चिपचिपाहट और नियमित रखरखाव के लिए सफेद सिरके का इस्तेमाल सबसे सुरक्षित माना जाता है। एक कटोरी में बराबर अनुपात में सादा सफेद सिरका और गुनगुना पानी मिला लें। इसके बाद कोई नरम सूती कपड़ा या साफ स्पंज इस तैयार मिश्रण में डुबोएं और रबर की बाहरी सतह के साथ-साथ उसके भीतर की परतों को हल्के हाथों से पोंछें। सिरके में मौजूद प्राकृतिक तत्व जमी हुई चिकनाई को तुरंत पिघला देते हैं। इसके अलावा यदि रबर में बासी बदबू या सीलन की महक बस गई हो, तो सिरका उसे भी पूरी तरह खींच लेता है।
जिद्दी मैल और दागों पर बेकिंग सोडा का असर
अगर रेफ्रिजरेटर की रबर पर महीनों पुराना चिपचिपापन जम चुका है और साधारण पोंछने से नहीं छूट रहा, तो बेकिंग सोडा का लेप कारगर साबित होता है। एक चम्मच बेकिंग सोडा में जरूरत अनुसार थोड़ा सा पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस लेप को रबर के गंदे हिस्सों पर समान रूप से लगा दें और लगभग 10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें ताकि यह सख्त मैल को ढीला कर सके। इसके बाद किसी पुराने टूथब्रश की मदद से हल्के हाथों से घिसाई करें। बेकिंग सोडा की हल्की रगड़ बिना रबर को नुकसान पहुंचाए जिद्दी से जिद्दी दाग और चिपचिपे ग्रीस को पूरी तरह अलग कर देती है।
कोनों और सिलवटों की सफाई के लिए टूथब्रश का नुस्खा
दरवाजे की सील में कई गहरी सिलवटें और मोड़ होते हैं, जहां सामान्य कपड़े या उंगलियों की पहुंच नहीं हो पाती। इन बारीक जगहों में छुपी मैल और फफूंदी को बाहर खींचने के लिए घर में पड़ा पुराना टूथब्रश सबसे कारगर औजार साबित होता है। ब्रश के मुलायम रेशों को सिरके या बेकिंग सोडा वाले घोल में भिगोएं और रबर के हर मोड़ में धीरे-धीरे घुमाते हुए रगड़ें। इससे अंदरूनी परतों में जमी धूल और काली फफूंद बिना किसी मशक्कत के साफ हो जाती है।
सफाई के बाद सुखाना और जरूरी सावधानियां
घोल और ब्रश से सफाई पूरी करने के तुरंत बाद एक बिल्कुल सूखे, साफ कपड़े से पूरी रबर पट्टी को अच्छी तरह पोंछ लें। रबर की सिलवटों में जरा सी भी नमी बाकी रह जाना फफूंदी के दोबारा पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है। जब तक रबर अंदर और बाहर से पूरी तरह सूख न जाए, तब तक रेफ्रिजरेटर का दरवाजा बंद न करें। इसके साथ ही रखरखाव के दौरान कुछ अहम बातों का ध्यान रखना आवश्यक है
- सफाई के लिए किसी भी तीखे केमिकल, एसिड या अधिक ब्लीच का प्रयोग करने से बचें, क्योंकि इनसे रबर सख्त होकर चटक सकती है।
- फंसी हुई गंदगी निकालने के लिए चाकू, सुई या किसी भी नुकीली वस्तु से रबर को कुरेदने की कोशिश न करें, इससे सील फट सकती है।
- गैस्केट की लचीलापन बनाए रखने और बैक्टीरिया से बचाव के लिए महीने में कम से कम एक बार यह सफाई अवश्य दोहराएं।
- अगर जांचने पर रबर कहीं से कटी-फटी, दरार वाली या पूरी तरह ढीली नजर आए जिससे दरवाजा ठीक से बंद न हो, तो सफाई के बजाय नई रबर बदलवाना ही समझदारी है।



















