पंजाब के जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हालिया उपद्रव और भारी तोड़फोड़ के सिलसिले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हिंसक विरोध प्रदर्शन, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और अव्यवस्था फैलाने के आरोप में सुरक्षाबलों ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। इन पकड़े गए आरोपियों में हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले का रहने वाला एक नाबालिग छात्र भी शामिल है, जिसकी गतिविधि घटना के दौरान काफी चर्चा में रही थी।
सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान और गिरफ्तारी
जांच अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इस तकनीकी जांच के दौरान सुरक्षाबलों ने उस मुख्य लड़के की शिनाख्त की, जो शैक्षणिक संस्थान के बाहर स्थापित भारतीय वायुसेना के मिग-23UM लड़ाकू विमान के ऊपर चढ़ गया था। पहचान पुख्ता होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे अपनी हिरासत में ले लिया। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पकड़ा गया किशोर मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के मंडी का निवासी है और उसके पिता मंडी में जिला उपायुक्त कार्यालय में बतौर अधिकारी कार्यरत हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी विवादित तस्वीर
विश्वविद्यालय परिसर में फैली अशांति के बीच उक्त नाबालिग का एक वीडियो और तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर अत्यधिक तेजी से साझा की गई थी। उस दृश्य में किशोर परिसर के प्रवेश द्वार पर खड़े फाइटर जेट के ऊपर खड़ा दिखाई दे रहा था, जबकि उसके ठीक पीछे भयंकर आग की लपटें उठ रही थीं। कई सोशल मीडिया मंचों पर इस आपत्तिजनक गतिविधि को अनुचित तरीके से एक नायक जैसी छवि बनाकर प्रसारित किया जा रहा था, जिसने जांच एजेंसियों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींचा।
यूनिवर्सिटी चांसलर का बयान और घटनाक्रम की पृष्ठभूमि
शैक्षणिक संस्थान के चांसलर अशोक मित्तल ने इस अमर्यादित कृत्य पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर मिग-23 लड़ाकू विमान और वर्ष 1971 के ऐतिहासिक युद्ध में हिस्सा लेने वाले सैन्य टैंक विशेष रूप से स्थापित किए गए हैं, ताकि वे सशस्त्र बलों का मान बढ़ाएं और युवा पीढ़ी को देश सेवा की प्रेरणा दें। चांसलर ने कहा कि ऐसे गौरवशाली रक्षा प्रतीकों पर चढ़कर उपद्रव करना राष्ट्र के रक्षकों का अपमान करने जैसा है।
इस पूरे उग्र आंदोलन की शुरुआत दरअसल हॉस्टल के भीतर एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की अफवाह फैलने के बाद हुई थी। इस अपुष्ट सूचना के फैलते ही छात्रों का उग्र हुजूम सड़कों पर उतर आया। देखते ही देखते शांतिपूर्ण दिखने वाला जमावड़ा बेकाबू हो गया, जिसमें उग्र भीड़ ने आगजनी, भारी तोड़फोड़ की और पास से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य उपद्रवियों की भूमिका की भी सघनता से पड़ताल कर रही है।





















