रोजाना रात के भोजन में सामान्य दाल और सूखी सब्जी खाकर अक्सर लोग ऊब जाते हैं। ऐसे में मेन्यू में बदलाव करके शाम की थाली को रेस्टोरेंट जैसा खास और जायकेदार बनाया जा सकता है। भारतीय पारंपरिक खानपान अपनी समृद्ध ग्रेवी और संतुलित मसालों के लिए जाना जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इन लजीज व्यंजनों को तैयार करने के लिए किसी दुर्लभ सामग्री की जरूरत नहीं होती, बल्कि रसोई में मौजूद रोजमर्रा के सामान से ही इन्हें बड़ी आसानी से पकाया जा सकता है। अपनी शाम की थाली को नया रूप देने के लिए तीन बेहतरीन विकल्पों को आजमाया जा सकता है।
शाही पनीर से बढ़ाएं थाली की रौनक
पनीर के शौकीनों के लिए शाही पनीर एक बेहद लोकप्रिय विकल्प है। इस व्यंजन की मुख्य पहचान इसकी गाढ़ी और मखमली ग्रेवी है। इसे तैयार करने के लिए टमाटर, प्याज, काजू और पारंपरिक खड़े मसालों का बारीक पेस्ट बनाकर भुना जाता है। जब ग्रेवी तेल छोड़ने लगे और अच्छी तरह पक जाए, तब इसमें पनीर के ताजे टुकड़े मिलाए जाते हैं। इसके बाद धीमी आंच पर कुछ मिनट पकाने से मसालों का स्वाद पनीर के भीतर तक समा जाता है। ढाबे या होटल जैसा असली स्वाद हासिल करने के लिए पकने के अंतिम चरण में थोड़ी कसूरी मेथी और पिसा हुआ गरम मसाला डालना फायदेमंद रहता है। इसे गरमा-गरम नान, बटर रोटी, लच्छा पराठा या जीरा राइस के साथ परोसा जा सकता है।
धीमी आंच पर तैयार होने वाली दाल मखनी
उत्तर भारतीय भोजन में दाल मखनी को सबसे प्रतिष्ठित व्यंजनों में गिना जाता है। इसे साबुत काली उड़द और लाल राजमा के मेल से तैयार किया जाता है। इस व्यंजन का असली राज धीमी आंच पर घंटों तक पकने में छिपा है, जिससे दाल पूरी तरह गल जाती है और उसमें प्राकृतिक गाढ़ापन आ जाता है। जब दाल अच्छी तरह नरम हो जाए, तब इसमें टमाटर की प्यूरी और भुने हुए मसालों का तड़का लगाया जाता है। इसका हल्का स्मोकी स्वाद और मखमली अहसास इसे रोज की दाल से बिल्कुल अलग बनाता है। गैस बंद करने से ठीक पहले इसमें ताजा मक्खन या क्रीम मिलाई जाती है। यह डिश तंदूरी रोटी, नान या सादे उबले चावल के साथ सबसे ज्यादा पसंद की जाती है।
सब्जियों से भरपूर मिक्स वेजिटेबल कोफ्ता
अगर पनीर और दाल से हटकर कुछ अलग पकाने का विचार है, तो मिक्स वेज कोफ्ता एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। इसमें उबले आलू, कद्दूकस की गई गाजर, हरी मटर और बारीक कटी बीन्स जैसी पौष्टिक सब्जियों को मिलाकर गोल कोफ्ते तैयार किए जाते हैं। सेहत को ध्यान में रखते हुए इन कोफ्तों को डीप फ्राई करने के बजाय एयर-फ्राई या तवे पर शैलो-फ्राई भी किया जा सकता है। इसके बाद प्याज और टमाटर के तीखे-चटपटे मसालेदार रसे में इन कोफ्तों को डालकर पकाया जाता है। सब्जियों के गुणों से भरपूर यह करी सादी रोटी, नान या सुगंधित पुलाव के साथ परोसने पर लाजवाब लगती है।
थाली को दें संतुलित और संपूर्ण रूप
डिनर को संपूर्ण और संतुलित बनाने के लिए इन मुख्य व्यंजनों के साथ कुछ पूरक चीजें भी शामिल की जा सकती हैं। थाली में खीरे या बूंदी का रायता, ताजा हरा सलाद और भुना हुआ पापड़ परोसने से भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। वहीं भोजन के अंत में मीठे के तौर पर पारंपरिक चावल की खीर या ताजे फलों वाला कस्टर्ड परोसना बेहतरीन रहता है। दाल, हरी सब्जियों और डेयरी उत्पादों के इस तालमेल से शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता है और रात का खाना स्वादिष्ट भी बनता है।



















