देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में इस बार सावन के दौरान जलार्पण करने जा रहे श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था पूरी तरह बदल दी गई है। जिला प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आम श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर उन सभी पर पड़ेगा जो इस सावन बाबा नगरी पहुंचने वाले हैं।
वीआईपी और आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूरी तरह रोक
पूरे राजकीय श्रावणी मेला और भादो मेला के दौरान अब किसी भी श्रद्धालु को वीआईपी, वीवीआईपी या आउट ऑफ टर्न दर्शन की सुविधा नहीं मिलेगी। यानी कोई भी विशेष व्यक्ति अब कतार तोड़कर पहले दर्शन नहीं कर पाएगा। प्रशासन के मुताबिक यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि हर श्रद्धालु को बराबरी का मौका मिले और आम भक्तों को इंतजार में कम परेशानी उठानी पड़े। मेले के दोनों चरणों, यानी श्रावणी मेला और उसके बाद होने वाले भादो मेला में यह नियम पूरी तरह लागू रहेगा।
बैठक में हुआ फैसला, कौन कौन रहा शामिल
यह बड़ा फैसला बाबा मंदिर परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में हुई एक अहम बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने की। इसमें बाबा मंदिर से जुड़े अलग अलग संगठनों के प्रतिनिधि, पंडा धर्मरक्षणी सभा के पदाधिकारी, तीर्थ-पुरोहित समाज के सदस्य और प्रशासन के कई अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सावन और भादो मेले के दौरान उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए विचार विमर्श किया गया। प्रशासन का कहना है कि मकसद यही है कि बाबा नगरी आने वाला हर भक्त सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुखद अनुभव लेकर अपने घर लौटे।
रविवार सोमवार को शीघ्र दर्शनम भी नहीं मिलेगा
देवघर पंडा धर्मरक्षणी सभा के महामंत्री निर्मल झा ने बताया कि सावन में सबसे ज्यादा भीड़ रविवार और सोमवार के दिन उमड़ती है। इसी वजह से इन दो दिनों में शीघ्र दर्शनम की सुविधा को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। सीधे शब्दों में कहें तो रविवार और सोमवार को कोई भी श्रद्धालु पैसे देकर जल्दी दर्शन का लाभ नहीं उठा सकेगा, बल्कि सभी को सामान्य कतार में लगकर ही बाबा का जलार्पण करना होगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा और दर्शन प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी बनेगी।
मंगलवार से शुक्रवार तक सुविधा जारी, लेकिन फीस दोगुनी
सप्ताह के बाकी दिनों यानी मंगलवार से शुक्रवार तक शीघ्र दर्शनम की सुविधा पहले की तरह चालू रहेगी। हालांकि इसके लिए अब श्रद्धालुओं को ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। पहले शीघ्र दर्शनम कूपन के लिए 300 रुपये चुकाने पड़ते थे, लेकिन अब यह शुल्क बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है, यानी फीस पूरी तरह दोगुनी हो गई है। प्रशासन के अनुसार फीस बढ़ाने के पीछे मकसद भीड़ को संतुलित रखना और दर्शन व्यवस्था को ज्यादा सुचारू ढंग से चलाना है।
कूपनधारकों के लिए अलग रूट, नया फुट ओवरब्रिज भी तैयार
इस बार कूपन लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी खास इंतजाम किया गया है। उनके लिए एक अलग डेडिकेटेड रूट बनाया गया है, ताकि सामान्य कतार में लगे श्रद्धालुओं और कूपनधारकों की आवाजाही आपस में न टकराए। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए एक नया फुट ओवरब्रिज भी बनकर तैयार हो गया है। इससे मंदिर परिसर के आसपास भीड़ का दबाव कम होगा और श्रद्धालु ज्यादा सुरक्षित तरीके से आवाजाही कर सकेंगे।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात को लेकर व्यापक तैयारी
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि इस बार पूरा जोर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम जलार्पण पर रहेगा। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा बंदोबस्त, स्वास्थ्य सेवाओं और मंदिर परिसर के रखरखाव को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे तय नियमों का पालन करें, धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि दुनियाभर में मशहूर बाबा बैद्यनाथ धाम का राजकीय श्रावणी मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल तरीके से संपन्न हो सके।



















