कुरकुरी फ्रेंच फ्राइज सुनते ही मन ललचा उठता है, लेकिन घर की रसोई में यही डिश अक्सर बाजार वाला जायका नहीं दे पाती. आलू तला तो जाता है, मगर बाहर की परत उतनी क्रंची नहीं बनती जितनी किसी रेस्टोरेंट या ढाबे की फ्राइज में मिलती है. कई बार फ्राइज ठंडी होते ही पिचक जाती हैं और मुलायम पड़ जाती हैं. काटने पर हल्की सी कुरकुराहट देने वाली फ्राइज और बीच में ही पिलपिली पड़ जाने वाली फ्राइज के बीच का यह फर्क अक्सर उस एक स्टेप की वजह से आता है जिसे ज्यादातर लोग घर पर छोड़ देते हैं. इसकी वजह कोई महंगी मशीन या खास तकनीक नहीं, बल्कि उबालने के तरीके में छिपी होती है.
बेकिंग सोडा से कैसे बढ़ता है कुरकुरापन?
आलू के टुकड़ों को साधारण पानी की बजाय बेकिंग सोडा मिले पानी में उबालने पर पानी का पीएच स्तर ऊपर चला जाता है. इस वजह से आलू की बाहरी परत हल्की मुलायम पड़ने लगती है और उसमें मौजूद स्टार्च सामान्य से तेज गति से टूटता है. यही टूटा हुआ स्टार्च आलू की सतह पर एक बारीक परत के रूप में जम जाता है, और जब इसे तेल में तला या ओवन में बेक किया जाता है तो यही परत सुनहरी और कुरकुरी बनकर उभरती है.
घर पर आजमाने का सही तरीका
- एक लीटर पानी में करीब आधा चम्मच बेकिंग सोडा घोल लें.
- कटे आलू इस पानी में तब तक उबालें जब तक वे हल्के नरम न पड़ जाएं.
- पानी छानकर आलू को धीरे से हिलाएं, इससे बाहरी सतह पर स्टार्च की परत जम जाती है.
- अंत में गरम तेल में सुनहरा रंग आने तक तलें या फिर ओवन में बेक कर लें.
सिर्फ पानी में उबालना क्यों कम कारगर है
अगर आलू को केवल पानी में उबाला जाए तो वे भीतर से नरम तो हो जाते हैं, मगर उनकी सतह पर वह स्टार्ची परत नहीं बन पाती जो कुरकुरापन लाने में मदद करती है. बेकिंग सोडा दरअसल आलू की बाहरी बनावट को ही बदल देता है, जिससे तलने के बाद क्रंच कहीं ज्यादा बेहतर आता है. इसी वजह से रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड की फ्राइज घर की फ्राइज से ज्यादा कुरकुरी महसूस होती हैं. यह एक स्टेप छूट जाने पर ही घर की फ्राइज बाजार वाला स्वाद नहीं पकड़ पातीं.
ज्यादा कुरकुरी फ्राइज के लिए अन्य उपाय
- आलू काटने के फौरन बाद उन्हें कुछ देर ठंडे पानी में डुबोकर रखें, इससे अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है.
- एक बार में कढ़ाई या ओवन में जरूरत से ज्यादा फ्राइज न डालें, वरना भाप बनने लगती है और फ्राइज मुलायम रह जाती हैं.
- फ्राइज के लिए हमेशा ज्यादा स्टार्च वाली आलू की किस्म चुनें, इससे नतीजा बेहतर मिलता है.
उबलते पानी में किया गया यह छोटा-सा बदलाव उन्हीं आलुओं को रेस्टोरेंट जैसी कुरकुरी फ्राइज में बदल सकता है, वो भी बिना किसी अतिरिक्त उपकरण या सामग्री के.


















