त्योहारों के आगमन के साथ ही घरों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान गति पकड़ लेता है। पूरे साल जमा हुई गर्द-गुबार साफ करने के दौरान अक्सर अंधेरे कोनों, सिंक के नीचले हिस्सों और भारी अलमारियों के पीछे छिपे कीड़े बाहर निकलने लगते हैं। कई बार घंटों पसीना बहाने के बाद भी कॉकरोच और चींटियों जैसे कीट दोबारा नजर आने लगते हैं। ऐसे में रासायनिक छिड़काव के बजाय कुछ बुनियादी घरेलू नुस्खों और सफाई की सुनियोजित रणनीति से घर को पूरी तरह कीट-मुक्त बनाया जा सकता है।
रसोई की गहरी सफाई और चिकनाई हटाने के तरीके
सफाई की शुरुआत हमेशा उन हिस्सों से करनी चाहिए जहां आमतौर पर नियमित झाड़ू-पोछा नहीं पहुंच पाता। छत के किनारों, अलमारियों के पीछे के स्थानों और कैबिनेट में बने जालों को पूरी तरह साफ करना जरूरी होता है। रसोई घर में तेल के छींटे और भोजन के बारीक कण जमा होने से कॉकरोच तेजी से आकर्षित होते हैं। इस चिकनाई को हटाने के लिए खौलते या गुनगुने पानी में थोड़ा लिक्विड सोप मिलाकर स्लैब और दराजों की सतह को पोंछना बेहद कारगर साबित होता है। इसके साथ ही घर के किसी भी कोने में खाने के बिखरे टुकड़ों को बिल्कुल न रहने दें।
पोछे के पानी में सिरका और नीम के तेल का प्रयोग
फर्श को चमकाने और कीटों को दूर भगाने के लिए साधारण पानी के स्थान पर खास मिश्रण का इस्तेमाल किया जा सकता है। पोछा लगाने वाले पानी में सफेद सिरका मिलाने से उसकी तीखी गंध चींटियों के गंध-मार्ग को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर देती है, जिससे वे घर में प्रवेश नहीं कर पातीं। इसके अतिरिक्त पानी में नीम के तेल की कुछ बूंदें डालकर पोछा लगाने से रोगाणु और कीड़े दूर रहते हैं। जिन जगहों पर सिंक या सीलन रहती है, वहां पुदीने के तेल की बूंदों को पानी में घोलकर स्प्रे किया जा सकता है। यह प्राकृतिक सुगंध कीटों को भगाती है, हालांकि ऐसे किसी भी तेल को बच्चों और घरेलू पालतू जानवरों की पहुंच से सुरक्षित दूरी पर रखना चाहिए।
खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण और तेजपत्ते की भूमिका
भोजन की उपलब्धता ही कीड़ों के पनपने की मुख्य वजह होती है, विशेषकर सिंक के आसपास कॉकरोच नमी और जूठन की तलाश में छिपते हैं। सभी खाद्य पदार्थों को खुला छोड़ने के बजाय हमेशा पूरी तरह ढककर रखना चाहिए और काम खत्म होते ही रसोई की सतह को सूखा कर देना चाहिए। चीनी, आटा, दालें और अन्य सूखी राशन सामग्रियों को केवल वायुरोधी यानी एयरटाइट डिब्बों में ही सुरक्षित रखें। मसालों में इस्तेमाल होने वाले तेजपत्ते को रसोई की अलमारियों और कोनों में रखने से उसकी तीक्ष्ण महक कीड़ों को वहां टिकने नहीं देती। यदि समस्या बहुत गंभीर हो चुकी हो, तो बाजार में उपलब्ध सुरक्षित तथा प्रमाणित कीट नियंत्रण उत्पादों की मदद ली जा सकती है।
दरारों को बंद करना और कचरा प्रबंधन
घर में कीटों के प्रवेश का सबसे बड़ा जरिया खिड़कियों, चौखटों और दीवारों में पड़ी नन्हीं दरारें होती हैं। सफाई के दौरान इन छिद्रों और दरारों की पहचान कर उन्हें सील करना अत्यंत आवश्यक कदम है। बाथरूम और वॉशबेसिन की नालियों को नियमित रूप से साफ रखें ताकि पाइपों के भीतर गंदगी जमा न हो। रात के समय बेसिन या फर्श पर पानी बिल्कुल जमा न रहने दें, क्योंकि नमी कीटों को आमंत्रित करती है। इसके अलावा घर का कचरा लंबे समय तक अंदर न रखें और कूड़ेदान पर हमेशा ढक्कन लगाकर रखें। इन व्यावहारिक सावधानियों को अमल में लाकर घर को लंबे समय तक स्वच्छ और कीट-मुक्त बनाए रखा जा सकता है।



















