अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए यह स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सैन्य बलों ने हॉरमुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रपति के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई ईरान की उस नाकाम कोशिश के बाद की जा रही है, जिसके तहत जलमार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने का प्रयास किया गया था। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में उस समुद्री मार्ग से सभी सुरंगों को पूरी तरह से हटा दिया गया है या उन्हें नष्ट किया जा चुका है और वहां कोई बारूदी सुरंग मौजूद नहीं है।
जॉर्डन स्थित सैन्य अड्डे पर हमला
इस ताजा सैन्य तनाव के पीछे एक और बड़ी वजह जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया जाना है। अधिकारियों के मुताबिक, तेहरान की तरफ से कुल आठ मिसाइलें दागी गई थीं, जिन्हें अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने हवा में ही सफलतापूर्वक ढेर कर दिया। इन सभी मिसाइलों को बीच में ही रोककर गिरा दिए जाने के बावजूद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं, जिसके बाद वाशिंगटन ने इस बड़े और आक्रामक कदम उठाने का फैसला किया है।
बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी नेतृत्व ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस सैन्य कार्रवाई के बदले में किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश करता है, तो उसे और भी अधिक विनाशकारी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन का कहना है कि वर्तमान हमले बेहद शक्तिशाली हैं, लेकिन यदि संघर्ष थमता नहीं है, तो इससे भी बड़े सैन्य विकल्प तैयार रखे गए हैं, जिनके पूरा होने के बाद इस्लामिक गणराज्य ईरान का बहुत कम हिस्सा ही सुरक्षित बचेगा।
वैश्विक बाजारों और मुद्राओं पर असर
इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी हलचल तेज हो गई है। विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर में मजबूती देखने को मिल रही है, जबकि ब्रिटिश पाउंड और यूरो जैसी प्रमुख मुद्राएं दबाव में नजर आ रही हैं। निवेशक मौजूदा संकट के बीच अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित करने के लिए अमेरिकी डेटा और इन भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का बारीकी से आकलन कर रहे हैं।
सोना, क्रिप्टोकरेंसी और बॉन्ड बाजार की स्थिति
मध्य पूर्व में गहराते संकट के बावजूद सुरक्षित निवेश के तौर पर देखे जाने वाले सोने की कीमतों में नरमी दर्ज की गई है और यह औंस के हिसाब से पिछले तीन हफ्तों के निचले स्तर के करीब फिसल गया है। इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन और इथेरियम जैसे प्रमुख डिजिटल असेट्स एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। दूसरी ओर, वैश्विक बॉन्ड बाजारों में बिकवाली का माहौल है और निवेशकों की बढ़ती चिंता के बीच यील्ड में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
कमोडिटी और ऊर्जा बाजार में हलचल
ऊर्जा क्षेत्र में भी कच्चे तेल और डीजल के मोर्चे पर हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है। डीजल के फ्यूचर अनुबंधों में प्रीमियम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौरान आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ने वाले दबाव को साफ तौर पर दर्शाता है। बाजार विश्लेषक इन सभी ग्लोबल मैक्रो संकेतों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा का अंदाजा लगाया जा सके।




















