मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित ब्यावरा शहर में शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक गंभीर हादसा पेश आया। शहर के पीपल चौराहे पर पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां अचानक लपटें बेकाबू हो गईं। इस घटनाक्रम में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमन अरोरा और एनएसयूआई कार्यकर्ता विशाल दांगी सीधे आग की जद में आकर झुलस गए। आग की लपटें तेजी से उनके कपड़ों तक पहुंच गईं, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई।
पीपल चौराहे पर नारेबाजी और पुतले का प्रदर्शन
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पुतले में आग लगाने से पहले पीपल चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की प्रतीकात्मक अर्थी सजाई। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, नामों को गलत तरीके से हटाने और एसआईआर के मुद्दे पर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ता संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की तरफ मार्च निकालने के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के कदम का भी कड़ा विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को चकमा देकर पुतले को आग के हवाले कर दिया।
कपड़ों में लगी आग और बचाव के प्रयास
पुतला दहन की इस प्रक्रिया के दौरान अचानक उठी लपटों ने अमन अरोरा और विशाल दांगी के कपड़ों को पकड़ लिया। आग लगते ही वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य नागरिकों ने तत्परता दिखाई। लोगों ने अपने कपड़ों और पानी की मदद से दोनों कार्यकर्ताओं के शरीर पर लगी आग को बुझाया। हादसे के तुरंत बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी है।
दमकल की तैनाती और नेताओं का दौरा
पुलिस प्रशासन ने पुतला दहन की आशंका को देखते हुए पहले से ही घटनास्थल के पास फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात कर रखी थी। कार्यकर्ताओं द्वारा पुतले में आग लगाने के तुरंत बाद दमकल कर्मियों ने पानी डालकर पुतले की लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया। जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के झुलसने की खबर फैली, तो पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती दोनों घायल कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजाम और पाबंदियां
एक तरफ जहां मध्य प्रदेश के ब्यावरा में यह टकराव देखने को मिला, वहीं देश की राजधानी में भी विपक्षी खेमा मुख्य चुनाव आयुक्त के रुख को लेकर सख्त नजर आ रहा है। सीजेपी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा की है, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को आधिकारिक अनुमति नहीं दी है और पूरे क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कदम उठाते हुए धारा 163 लागू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरी दिल्ली में अर्धसैनिक बलों के कुल 21 हजार जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अलावा निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए जंतर-मंतर के आसपास करीब एक हजार अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी कैमरों से मिलने वाले लाइव फुटेज पर नजर रखने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, ताकि हर हलचल की निगरानी की जा सके।



















