वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर में हालिया कारोबारी सत्रों के दौरान तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है, हालांकि यह हलचल किसी नए स्थायी रुझान को स्थापित करने के बजाय एक सीमित दायरे के भीतर सिमटती दिख रही है। 157.86 के आसपास घूमती इस जोड़ी ने 157.51 से लेकर 158.36 के बीच झूले जैसी गति दिखाई है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक (UOB) के विश्लेषक क्वेक सेर लियांग और ली सू एन के अनुसार, आगामी सत्रों में दैनिक कारोबार 157.50 से 158.50 के बीच केंद्रित रहने की संभावना है। वहीं, एक से तीन हफ्तों के व्यापक परिदृश्य को देखें तो दीर्घावधि गिरावट के दबाव के बावजूद यह जोड़ी 157.00 से 158.70 के अपेक्षाकृत संकरे दायरे में स्थिरता हासिल कर सकती है।
विश्लेषकों ने स्पष्ट किया कि 5 अक्टूबर को जब हाजिर भाव 157.65 पर था, तब यह अनुमान था कि डॉलर पूर्व निर्धारित 156.00 से 158.70 के बजाय 156.35 और 158.70 के दायरे में कारोबार करेगा। अब इस रुझान को और संशोधित करते हुए यह अनुमान जताया गया है कि 157.00 से 158.70 का यह दायरा कीमतों की आवाजाही को बांधे रखेगा। मौजूदा बाजार आंकड़ों के मुताबिक USD/JPY की दर 158.27 पर चल रही है, जो पिछले बंद स्तर 158.06 के मुकाबले 0.13 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है।
जापान के आर्थिक आंकड़े और घरेलू खर्च में सुस्ती
जापानी येन की कमजोरी की सबसे बड़ी वजह जापान के आंतरिक आर्थिक मोर्चे से सामने आई है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई है। उपभोक्ताओं द्वारा अपनी जेबें ढीली न करने की इस प्रवृत्ति ने जापानी अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार को धीमा किया है, जिसके सीधे असर के तौर पर येन को तगड़ा झटका लगा है और USD/JPY जोड़ी 158.00 के स्तर पर अपनी बढ़त बरकरार रखने में कामयाब रही है।
घरेलू खर्च में लगातार गिरावट यह संकेत देती है कि महंगाई और घटती वास्तविक आमदनी के दबाव के चलते जापानी नागरिक अपनी खरीदारी घटा रहे हैं। जब तक उपभोक्ता मांग में टिकाऊ सुधार नहीं दिखता, तब तक स्थानीय मुद्रा के लिए विदेशी विनिमय बाजार में टिकना एक कठिन चुनौती बना रहेगा।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति
डॉलर के मोर्चे पर स्थिति मिली-जुली बनी हुई है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रात भर आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर को उसके 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा है। हालांकि, फेडरल रिजर्व का सख्त ब्याज दर रुख और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव अमेरिकी डॉलर की किसी भी बड़ी गिरावट को रोक रहे हैं। यही संतुलन USD/JPY के निचले स्तरों को सहारा दे रहा है और इसे गहरे गोते लगाने से बचा रहा है।
अमेरिकी डॉलर सूचकांक आगामी आंकड़ों से पहले 102.50 के करीब अपने 2026 के उच्चतम स्तर के पास दबाव बनाए हुए है। बाजार की निगाहें मिशिगन कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स के प्रारंभिक आंकड़ों पर टिकी हैं, जहां अक्टूबर महीने में लगातार तीसरे महीने गिरावट का अनुमान लगाया गया है। अगर उपभोक्ता धारणा और घटती है, तो डॉलर पर दबाव बढ़ सकता है।
तकनीकी संकेतक और अहम कारोबारी स्तर
तकनीकी चार्ट पर इस मुद्रा जोड़ी की स्थिति काफी दिलचस्प बनी हुई है। 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 56 के स्तर पर दर्ज किया गया है, जो न तो अत्यधिक खरीद और न ही अत्यधिक बिक्री का संकेत देता है। एमएसीडी (MACD) 0.19 पर है, जो सिग्नल लाइन -0.02 के ऊपर 0.21 के हिस्टोग्राम के साथ तेजी के पक्ष में है। मूविंग एवरेज की बात करें तो 20-दिवसीय ईएमए 157.56, 50-दिवसीय ईएमए 158.01 और 200-दिवसीय ईएमए 157.76 पर स्थित है। 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर निकलना एक गोल्डन क्रॉस दर्शाता है, जिससे लंबी अवधि में बढ़त का रुझान बना हुआ है।
20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड 154.39 से 159.83 के दायरे में फैले हैं और मौजूदा भाव 157.11 के मध्य स्तर से ऊपर टिका है। 14-दिवसीय एडीएक्स 17 पर होने के कारण रुझान की दिशा कमजोर और सीमित दायरे वाली मानी जा रही है। स्टोकैस्टिक की फास्ट लाइन 72 और सिग्नल लाइन 71 पर है। 1.18 का एटीआर (ATR) दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा तय करता है। कारोबारी स्तरों में मुख्य धुरी बिंदु 158.15 है, जिसके ऊपर पहला प्रतिरोध R1 158.54 और दूसरा प्रतिरोध R2 158.82 पर है। वहीं, नीचे की ओर पहला समर्थन S1 157.87 और दूसरा समर्थन S2 157.48 पर मौजूद है। पिछले 52 हफ्तों में यह जोड़ी 150.49 से 163.98 के बीच झूलती रही है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का रुख
फॉरेक्स बाजार के अन्य हिस्सों में भी डॉलर की नरमी का प्रभाव दिखा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने साप्ताहिक निचले स्तर से उबरते हुए शुक्रवार को एशियाई सत्र में 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश की। अमेरिकी यील्ड में नरमी और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से सख्त नीतियों की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नीचे से सहारा दिया।
कमोडिटी बाजार में सोने ने अपनी मजबूती बनाए रखी और शुक्रवार को 4,200 डॉलर के स्तर का परीक्षण करते हुए दो महीने के निचले स्तर से अपनी रिकवरी को आगे बढ़ाया। कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में गिरावट के साथ डॉलर के नरम पड़ने से सोने को बल मिला है, हालांकि सोने का दैनिक आरएसआई अभी भी मंदी के दायरे में बना हुआ है।






















