दिन के उजाले में हुई वारदात ने उड़ाई नींद
कटनी शहर में चोरों के बढ़ते दुस्साहस ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालत यह है कि बदमाश अब रात का इंतजार भी नहीं करते, बल्कि दिन के उजाले में ही बेखौफ होकर घरों को निशाना बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मिशन चौक स्थित ईश्वरीपुरा वार्ड से सामने आया है, जहां अज्ञात बदमाशों ने एक मकान की दीवार में सेंध लगाकर लाखों रुपये का सोना-चांदी, नगदी और दूसरा कीमती सामान पार कर दिया।
सुनियोजित साजिश का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह कोई आम चोरी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। परिवार के अनुसार, आरोपियों ने पहले इलाके की रेकी की और घर की दिनचर्या व आवाजाही की जानकारी जुटाने के लिए बच्चों का सहारा लिया। पूरी टोह लेने के बाद बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया। गनीमत रही कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों ने पूरी घटना रिकॉर्ड कर ली।
घर लौटे तो उड़ गए होश
ईश्वरीपुरा वार्ड निवासी मोहम्मद सदीक के परिजनों ने बताया कि घटना से ठीक पहले उनके परिवार के कुछ सदस्यों के साथ मारपीट हुई थी। इसी की शिकायत दर्ज कराने वे कोतवाली थाना गए हुए थे। जब वे वापस घर लौटे तो हालात देखकर उनके होश उड़ गए। बदमाश दीवार तोड़कर अंदर घुसे थे और घर में रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी तथा अन्य कीमती सामान समेटकर फरार हो चुके थे।
सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि कुछ लोग घर के भीतर पूरी तरह बेखौफ होकर घूम रहे हैं और इत्मीनान से सामान बटोर रहे हैं। वीडियो से ऐसा लगता है कि आरोपियों को पकड़े जाने का जरा भी डर नहीं था और उन्होंने लंबे समय तक घर के अंदर रहकर वारदात को अंजाम दिया।
9 से 10 लाख का नुकसान, समय पर नहीं पहुंची पुलिस
पीड़ित पक्ष के सदस्य मसकूर अहमद ने बताया कि चोरी में करीब 9 से 10 लाख रुपये मूल्य का सामान गायब हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। बाद में जब 181 पर शिकायत दर्ज कराई गई, तब जाकर मामला संज्ञान में लिया गया। परिवार का कहना है कि इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें न्याय की गुहार लगाने पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचना पड़ा। परिवार ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।
पुलिस की दलील: मारपीट या चोरी?
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष ने पहले पुरानी रंजिश के चलते मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी और चोरी की बात इसके बाद सामने आई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि नुकसान मारपीट और तोड़फोड़ के दौरान हुआ है या सचमुच चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया गया है कि सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल कोतवाली पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।













