मध्य प्रदेश के सतना जिले में चर्चित देवांगना घाटी सामूहिक दुष्कर्म मामले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस और अपराधियों के बीच चित्रकूट के घने जंगलों में हुई आमने-सामने की मुठभेड़ के बाद इस वारदात के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार शाम को भरतकूप थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मड़फा जंगल में हुई इस मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश पुलिस की गोली से घायल हो गया, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, अंधेरे और घने जंगल की आड़ लेकर उसके दो अन्य साथी मौके से भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर खोजबीन अभियान चलाया जा रहा है।
मड़फा के जंगलों में जवाबी कार्रवाई
यह महत्वपूर्ण कार्रवाई एसओजी और बहिलपुरवा थाने की पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस को खुफिया सूत्रों से पुख्ता जानकारी मिली थी कि सामूहिक दुष्कर्म की इस वारदात में शामिल आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मड़फा जंगल के गुप्त रास्तों से भागने की फिराक में हैं। इस सूचना के मिलते ही सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी ताकि अपराधियों को भागने का कोई रास्ता न मिल सके।
खुद को चारों ओर से पुलिस बल से घिरा देखकर आरोपियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे देसी कट्टों से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भोले पटेल के पैर में गोली लग गई। पैर में गोली लगने से वह असहाय हो गया और पुलिस ने उसे तुरंत दबोच लिया। इस मुठभेड़ के दौरान बहिलपुरवा थाने में तैनात आरक्षक राघवेंद्र के हाथ में भी गोली लग गई। घायल पुलिसकर्मी को बिना समय गंवाए नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
फरार सह-आरोपियों की तलाश में कॉम्बिंग ऑपरेशन
गोलीबारी के दौरान मचे हड़कंप का लाभ उठाकर मुख्य आरोपी के दो साथी, जिनकी पहचान प्रवीण पटेल और विवेक पटेल के रूप में हुई है, घने जंगलों का फायदा उठाते हुए भाग निकले। घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें रात के अंधेरे में भी मड़फा के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक दोनों फरार आरोपियों को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक यह कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी रहेगा और उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। राज्य में महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन पर आरोपियों को जल्द सजा दिलाने का भारी दबाव था।
देवांगना घाटी की वारदात का पूरा घटनाक्रम
यह मामला 22 जुलाई की शाम का है, जब सतना जिले की रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती अपने 17 वर्षीय किशोर मित्र के साथ देवांगना घाटी घूमने के लिए आई थी। तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन युवक वहां पहुंचे। उन्होंने पहले युवती के नाबालिग साथी को बंधक बना लिया और फिर युवती को जबरन खींचकर जंगल के भीतर ले गए, जहां उन्होंने सामूहिक रूप से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस घिनौने अपराध के बाद आरोपियों ने दोनों पीड़ितों को इस घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी और फरार हो गए थे।
तकनीकी साक्ष्यों से सुलझी गुत्थी
इस संवेदनशील वारदात की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की धड़पकड़ के लिए साइबर सेल, सर्विलांस टीम और एसओजी को मिलाकर एक संयुक्त जांच दल का गठन किया था। पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचने के लिए आधुनिक तकनीकों और पारंपरिक पुलिसिंग दोनों का सहारा लिया। जांच प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग 18 महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे 374 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। इसके साथ ही, मामले में 58 संदेहास्पद लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तकनीकी सुराग जुटाने के लिए पुलिस ने लगभग 6 हजार मोबाइल फोन नंबरों की कॉल डिटेल और उनकी लोकेशन का गहन विश्लेषण किया। इसी तकनीकी छानबीन के बाद पुलिस अपराधियों की सही लोकेशन का पता लगाने और इस मुठभेड़ को अंजाम देने में कामयाब रही।



















