मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले को बुनियादी शिक्षा, ग्रामीण संपर्क और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी सौगातें मिली हैं। जिले में 42.52 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के भव्य परिसर का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए विशेष विद्यालय बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और परिसर में पौधरोपण भी किया गया। सामाजिक सुरक्षा के दायरे को विस्तार देते हुए प्रदेश भर के 35.56 लाख से अधिक पात्र पेंशन हितग्राहियों के बैंक खातों में कुल 213.41 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस आयोजन के दौरान ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व योजना के तहत उनकी संपत्तियों के आधिकारिक मालिकाना हक के प्रमाण पत्र बांटे गए और वरिष्ठ नागरिकों का शॉल, वस्त्र तथा पुष्प भेंट कर सम्मान किया गया।
नरसिंहपुर के लिए 95 करोड़ के 21 विकास कार्यों की नींव
जिले के विकास ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगभग 95 करोड़ रुपये की लागत वाले 21 विभिन्न निर्माण व विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया गया। इसके अलावा पूर्व से पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों में 4 महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कें और शासकीय हाईस्कूल कल्याणपुर का औपचारिक लोकार्पण भी संपन्न हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 23.17 करोड़ रुपये की लागत से 50 गांवों में नल-जल योजना का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सड़क नेटवर्क को उन्नत बनाने के लिए 540 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से गोटेगांव-नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग के चौड़ीकरण और उन्नयन की योजना की घोषणा की गई। क्षेत्रीय आवागमन को सुगम करने के लिए खेरी नाका से रेलवे स्टेशन तक प्रमुख मार्ग का निर्माण होगा। सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से नरसिंहपुर में भव्य गीता भवन और एकांत वन कॉरिडोर का निर्माण कराया जाएगा। मां नर्मदा के पावन वरमान घाट पर एक आधुनिक रिवर फ्रंट भी विकसित किया जाएगा। नरसिंहपुर को निकटवर्ती जबलपुर मेट्रोपोलिटन एरिया के विस्तार का सीधा ढांचागत और औद्योगिक लाभ मिलने की रूपरेखा भी तैयार की गई है।
शिक्षा सुधार और 375 सांदीपनि स्कूलों का नेटवर्क
प्राचीन गुरुकुल परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली रहे सांदीपनि आश्रम के आदर्शों पर आधुनिक शिक्षा केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में अब तक 375 सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और परिवहन साधनों के विस्तार के चलते प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) 14 प्रतिशत से घटकर शून्य पर पहुंच चुकी है।
छात्रों को आधुनिक तकनीक और उच्च अध्ययन से जोड़ने के लिए मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप खरीदने की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। बालिकाओं और छात्रों की गतिशीलता बढ़ाने के लिए साइकिल और स्कूटी वितरण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से सीधे संवाद में उनकी पढ़ाई की प्रगति, भविष्य के लक्ष्यों और करियर की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
स्वास्थ्य तंत्र का विस्तार और 1 लाख नई सरकारी नौकरियां
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर बड़े नीतिगत बदलाव किए जा रहे हैं। आजादी के बाद लंबे समय तक प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण के तहत अगले वर्ष 12 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की पूरी तैयारी है। रोजगार के क्षेत्र में 85 हजार नई सरकारी नियुक्तियां पूरी की जा चुकी हैं और ढाई लाख से ज्यादा शासकीय कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है।
प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने और युवाओं को व्यापक अवसर देने के लिए बहुत जल्द 1 लाख से अधिक नए सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। वर्ष 2027 को आधिकारिक तौर पर 'युवा वर्ष' के रूप में घोषित किया गया है, जिसके तहत उस वर्ष मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) की परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी ताकि उम्मीदवारों को चयन के अधिक अवसर मिल सकें।
सुरक्षा व्यवस्था और ग्रामीण विकास के कार्य
सुरक्षा और आंतरिक शांति के क्षेत्र में बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जैसे जिले लंबे समय तक नक्सलवादी गतिविधियों से प्रभावित रहे थे, जहां विकास कार्य पूरी तरह ठहर गए थे। प्रशासनिक दृढ़ता और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बल पर इन जिलों से नक्सली नेटवर्क को समाप्त किया गया है, जबकि चंबल अंचल में ऐतिहासिक दस्यु समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास के तहत पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल के नेतृत्व में जल संरक्षण तथा नल-जल योजनाओं के माध्यम से 10 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य धरातल पर उतारे गए हैं। राज्य में 'एक बगिया मां के नाम' योजना के माध्यम से पौधारोपण को जनआंदोलन बनाया जा रहा है, जबकि किसानों की सिंचाई सुरक्षा के लिए महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो अभियान को गति दी जा रही है।
दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों के लिए 1 लाख का पुरस्कार
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के कुल दुग्ध उत्पादन को मौजूदा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पशुपालन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेश के सभी विकासखंडों में विशेष दुग्ध उत्पादक और पशुपालक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले पशुपालक को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान पर रहने वाले को 50 हजार रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्तें निरंतर जारी की जा रही हैं। वहीं महिला सशक्तिकरण के तहत लाड़ली बहना योजना में पात्र महिलाओं को प्रत्येक माह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 50 लाख संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का संकल्प भी लिया है, जिसके साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान ग्रामीणों को सौंपे जा रहे हैं।
खेल उपलब्धियां, औद्योगिक प्रगति और राजनीतिक टिप्पणियां
खेल के क्षेत्र में भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व का उल्लेख करते हुए एशियन गेम्स 2026 के नतीजों को रेखांकित किया गया, जहां मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण पदकों सहित कुल 11 पदक अपने नाम किए। आर्थिक और तकनीकी उत्पादन के क्षेत्र में देश मोबाइल निर्माण का प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में बड़ा मील का पत्थर है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य पर चर्चा करते हुए चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्षी दलों के रुख की आलोचना की गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले दलों को याद दिलाया गया कि पूर्व में मुख्य चुनाव आयुक्त रहे टीएन शेषन को कांग्रेस द्वारा लालकृष्ण आडवाणी के विरुद्ध चुनावी मैदान में उतारा गया था और मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान केपीएस गिल को संगठन से जोड़ा गया था। आजादी के बाद 600 देशी रियासतों के विलय के इतिहास और नेहरू-गांधी परिवार के राजनीतिक एकाधिकार पर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि तमिलनाडु में 50 वर्षों से, पश्चिम बंगाल में 40 से 45 वर्षों से और उत्तर प्रदेश तथा बिहार में जनता कांग्रेस के राजनीतिक प्रभाव को नकार चुकी है।
साढ़े 4 लाख करोड़ का बजट और बेहतर परिवहन व्यवस्था
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सांदीपनि विद्यालयों का आधुनिक ढांचा राज्य की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। आर्थिक अनुशासन और सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन के आधार पर मध्य प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए साढ़े 4 लाख करोड़ रुपये का व्यापक बजट पेश किया है। सुगम परिवहन योजना के तहत शुरू की गई नई बस सेवाओं से न केवल आम नागरिकों को आवागमन की सुरक्षित सुविधा मिलेगी, बल्कि सुदूर गांवों से आने वाले स्कूली विद्यार्थियों की दैनिक यात्रा भी सुगम और सुरक्षित बनेगी।





















