मध्य प्रदेश के रीवा शहर की सड़कों पर एक ऐसा हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने वहां से गुजरने वाले हर राहगीर को अचंभे में डाल दिया। एक सगी बेटी ने बीच बाजार अपनी ही जन्म देने वाली मां को पहचानने से पूरी तरह इनकार कर दिया, जिसके बाद सड़क पर भारी तमाशा और हंगामा खड़ा हो गया। यह पूरी घटना केवल एक साधारण पारिवारिक विवाद का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे घर से भागने, बगावत और एक प्रेम प्रसंग की काफी उलझी हुई कहानी छिपी थी। तमाशबीनों की भारी भीड़ के बीच जब हालात पूरी तरह बेकाबू होने लगे और बहस चीख-पुकार में बदल गई, तो अंततः कानून व्यवस्था को दखल देना पड़ा।
धोबिया टंकी चौराहे पर भड़की विवाद की चिंगारी
यह अजीबोगरीब और हैरान करने वाला घटनाक्रम शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेहद व्यस्त धोबिया टंकी चौराहे पर घटित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर पैदल चल रही एक बुजुर्ग महिला और एक युवा लड़की के बीच अचानक बहुत तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। यह विवाद उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब युवती ने सरेआम चिल्ला-चिल्लाकर कहना शुरू कर दिया कि वह अपने साथ खड़ी इस महिला को बिल्कुल नहीं जानती है और इसका उससे कोई रिश्ता नहीं है। अपनी ही सगी मां को सरेराह अजनबी बताने की इस शर्मनाक हरकत ने वहां मौजूद हर एक शख्स को हैरत में डाल दिया। देखते ही देखते इस विवाद को देखने के लिए मौके पर लोगों का भारी मजमा लग गया। स्थिति को लगातार बिगड़ता देख और विवाद को हिंसक रूप लेता हुआ पाकर, वहां मौजूद कुछ जागरूक स्थानीय नागरिकों ने बिना देर किए 112 नंबर डायल करके पुलिस सहायता की गुहार लगाई।
सीधी जिले से जुड़ा है पूरा मामला
जब पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की शुरुआती तहकीकात शुरू की, तो इस सड़क छाप ड्रामे के पीछे की असल और चौंकाने वाली वजह धीरे-धीरे सामने आई। थाने ले जाकर की गई पूछताछ में यह बड़ा खुलासा हुआ कि यह विद्रोही युवती असल में रीवा की नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले सीधी की रहने वाली है। पुलिस की जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि युवती का अपने ही इलाके के किसी युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी रिश्ते को लेकर हुए विवाद के चलते वह अपना घर-बार छोड़कर भाग आई थी। घर से बगावत करके रीवा पहुंचने के बाद, वह पिछले कुछ समय से महिलाओं की सहायता और सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'वन स्टॉप सेंटर' में आश्रय लिए हुए थी। इसी प्रेम प्रसंग की जिद ने उसे मानसिक रूप से इस कदर भटका दिया था कि वह अपने परिवार से सारे रिश्ते-नाते हमेशा के लिए तोड़ने पर उतारू हो गई थी।
सुलह की कोशिशों पर फिरा पानी
अपनी लापता बेटी के रीवा में सुरक्षित होने की पुख्ता जानकारी मिलने पर उसके परेशान परिजन, विशेषकर उसकी मां, उसे वापस अपने साथ घर ले जाने के मकसद से वहां पहुंचे थे। शुरुआत में सब कुछ एकदम सामान्य लग रहा था। वन स्टॉप सेंटर के अनुभवी अधिकारियों ने मां और बेटी दोनों को आमने-सामने बिठाकर उचित काउंसलिंग की लंबी प्रक्रिया पूरी की थी। इस बातचीत के बाद युवती मान गई थी और अपनी मां के साथ खुशी-खुशी घर लौटने के लिए राजी हो गई थी। लेकिन यह दिखावटी सहमति ज्यादा देर टिक नहीं पाई। जैसे ही दोनों सेंटर के दरवाजे से बाहर निकलीं और घर जाने के लिए धोबिया टंकी चौराहे के पास पहुंचीं, युवती का मन अचानक फिर से बदल गया। उसने फिर से पुरानी बगावत शुरू कर दी और घर वापस जाने से साफ मना करते हुए बीच सड़क पर यह पूरा ड्रामा रच दिया।
कोतवाली पुलिस की पहल से सुलझा विवाद
सड़क पर चल रहे इस हाई वोल्टेज ड्रामे की सूचना कंट्रोल रूम से मिलते ही सिटी कोतवाली थाना पुलिस की एक विशेष टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले वहां तमाशबीनों की तरह खड़ी उग्र होती भीड़ को खदेड़ कर रास्ता साफ करवाया और फिर दोनों पक्षों को किसी तरह समझा-बुझाकर सुरक्षित थाने ले आए। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने इस बेहद संवेदनशील पारिवारिक मामले को पूरी गंभीरता से लिया। उन्होंने थाने के भीतर एक सुरक्षित और शांत माहौल में युवती और उसके परिजनों को दोबारा आमने-सामने बिठाकर एक बार फिर से लंबी काउंसलिंग की। थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों की सख्त हिदायत और समझदारी भरी लंबी समझाइश का आखिरकार सकारात्मक असर हुआ। कई घंटों की जद्दोजहद के बाद, युवती का गुस्सा और जिद शांत हुई। वह अपनी गलती मानते हुए अपनी मां के साथ वापस सीधी जाने के लिए राजी हो गई, जिसके बाद पुलिस ने पूरी कागजी कार्रवाई पूरी करके उन्हें सुरक्षित उनके घर रवाना कर दिया।




















