बीजेपी नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा ने त्योहारों, लाउडस्पीकर और सियासी बयानबाजी से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी है। दही हांडी उत्सव से लेकर हनुमान चालीसा, डीजे-लाउडस्पीकर विवाद, वारिस पठान की टिप्पणी और असदुद्दीन ओवैसी की आलोचना तक, हर मोर्चे पर नवनीत राणा का अंदाज तीखा रहा। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के फैसलों की तारीफ भी की और उद्धव ठाकरे पर पुराने विवाद को लेकर कटाक्ष भी किया।
जेन-जी को बीजेपी का साथी बताते हुए दही हांडी पर बड़ा बयान
नवनीत राणा ने दावा किया कि आज की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी पूरी तरह बीजेपी के साथ खड़ी है और आगे भी साथ रहेगी। उन्होंने सायन में हुए दही हांडी आयोजन का जिक्र करते हुए कहा कि यह उत्सव जन्माष्टमी की पुरानी परंपरा से जुड़ा है और इसमें युवाओं की भारी भागीदारी इस बात का सबूत है कि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति से कटी नहीं है। उनके मुताबिक, महाराष्ट्र में पीढ़ी-दर-पीढ़ी त्योहार और परंपराएं आगे बढ़ती रही हैं। नवनीत राणा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उस पहल की सराहना की, जिसमें गोविंदा पथकों और गोविंदा मंडलों से जुड़े युवाओं को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने की बात कही गई है। साथ ही दही हांडी को खेल का दर्जा दिए जाने के फैसले को भी उन्होंने सरकार का बड़ा और सराहनीय कदम बताया, जिससे इससे जुड़े युवाओं को आगे सरकारी मान्यता और सुविधाएं मिलने का रास्ता खुलेगा।
मातोश्री के करीब खड़े होकर हनुमान चालीसा पर तंज
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान जब हनुमान चालीसा बजाई गई, तो नवनीत राणा ने इसे लेकर उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि वह जहां खड़ी हैं यानी सायन से उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है, और इसके बावजूद अब हनुमान चालीसा बजाने में किसी को डर नहीं है। इशारा उस पुराने प्रकरण की तरफ था जिसमें हनुमान चालीसा बजाने के आरोप में किसी को 14 दिन जेल जाना पड़ा था। नवनीत राणा ने कहा कि अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और हनुमान चालीसा की गूंज दूर-दूर तक पहुंचनी चाहिए, हर गली और हर घर तक।
पहले अजान के लाउडस्पीकर बंद हों, फिर डीजे की बात हो
डीजे बजाने को लेकर छिड़े विवाद पर नवनीत राणा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रुख का समर्थन किया। उनका कहना था कि अगर डीजे पर पाबंदी लगानी है तो नियम सभी धर्मस्थलों के लाउडस्पीकर पर समान रूप से लागू होना चाहिए, किसी एक पक्ष पर अकेले सख्ती ठीक नहीं है। उन्होंने मस्जिदों से दिन में पांच बार होने वाली अजान में इस्तेमाल होने वाले लाउडस्पीकर पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि पहले वे लाउडस्पीकर बंद किए जाएं, उसके बाद ही डीजे बंद करने पर चर्चा होनी चाहिए। उनके अनुसार, नियम अगर बनें तो सबके लिए बराबर हों।
वारिस पठान को सुनाई खरी-खरी, कहा सरहद पार चले जाएं
गणपति उत्सव के दौरान लाउडस्पीकर बजाने की समय-सीमा बढ़ाए जाने पर वारिस पठान ने आपत्ति जताई थी, जिस पर नवनीत राणा ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वारिस पठान से सीधे कहा कि अगर उन्हें हिंदुओं के त्योहारों और उनकी गूंज से दिक्कत है, तो वह पाकिस्तान चले जाएं। नवनीत राणा ने जोड़ा कि हिंदुस्तान की जमीन पर यहां की संस्कृति, यहां के त्योहार और यहां के नियम-कायदों के मुताबिक ही चीजें तय होंगी, किसी और की मर्जी नहीं चलेगी।
सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर ओवैसी को करारा जवाब
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक अवैध मस्जिद गिराए जाने पर असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर नवनीत राणा ने कहा कि बीजेपी किसी निजी रंजिश के चलते मस्जिदें नहीं गिराती। उनका कहना था कि अगर किसी ने कार्रवाई की शुरुआत की है तो पार्टी के लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए भरोसा जताया कि योगी आदित्यनाथ हर पक्ष के साथ न्याय करेंगे और गड़बड़ियों को ठीक करेंगे।
ओवैसी-रेवंत रेड्डी की जोड़ी पर तंज, पुराना विवाद भी दोहराया
नवनीत राणा ने कांग्रेस और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर असदुद्दीन ओवैसी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता एक-दूसरे की तारीफ में जुटे रहते हैं और इसी वजह से दोनों को 'चोर-चोर मौसेरे भाई' करार दिया। यह पहला मौका नहीं है जब नवनीत राणा ने इस तरह की तल्ख टिप्पणी की हो। इससे पहले पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का दावा करने वाले हुमायूं कबीर को नवनीत राणा ने चेतावनी दी थी कि हिंदुस्तान में उन्हें कब्र के लिए भी जगह नहीं मिलेगी।



















