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अक्टूबर में 38 डिग्री के टॉर्चर के बाद मुंबई में कैसी रहेगी इस बार ठंड, जानिए मौसमी गणितमहाराष्ट्र
20 अक्तू॰ 2026, 2:46 pm (2 घंटे पहले)· 1

अक्टूबर में 38 डिग्री के टॉर्चर के बाद मुंबई में कैसी रहेगी इस बार ठंड, जानिए मौसमी गणित

अक्टूबर के महीने में तेज लू और 38 डिग्री पारे का सामना करने वाली मुंबई में आने वाले महीनों के दौरान भीषण ठंड पड़ने के आसार बेहद कम हैं। जानकारों के आकलन के अनुसार दिसंबर और जनवरी में सुबह के वक्त हल्की ठंडक तो मिलेगी, लेकिन दोपहर का तापमान ऊंचा ही रह सकता है।

महाराष्ट्र की राजधानी में मौसम का मिजाज इन दिनों लोगों को हैरान कर रहा है। उत्तर भारत की राजधानी दिल्ली में जहां अक्टूबर के दौरान पारा 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ है, वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पारा उछलकर 38 डिग्री सेल्सियस की दहलीज पर पहुंच चुका है। लगातार बने उमस भरे और तपते माहौल ने शहर के बाशिंदों के मन में यह आशंका पैदा कर दी है कि क्या इस साल महानगर में कड़ाके की ठंड देखने को ही नहीं मिलेगी। मौसम चक्र की गतिविधियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों ने इस पूरे घटनाक्रम और आने वाली सर्दियों को लेकर अपनी विस्तृत राय साझा की है।

सामने आ रहे मौसमी पूर्वानुमानों की मानें तो आने वाले शीतकालीन महीनों में किसी भारी या चुभने वाली ठंड की गुंजाइश नहीं दिख रही है। दिसंबर और जनवरी के महीनों में भोर तथा सुबह के समय हल्की ठंडक जरूर महसूस की जा सकेगी, परंतु दोपहर के समय तापमान में अच्छी खासी बढ़ोतरी बनी रहने की संभावना है। ऐसे में यह मान लेना सही नहीं होगा कि शहर में लंबे समय तक चलने वाला शीत लहर जैसा दौर आने वाला है।

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अक्टूबर की झुलसाने वाली धूप और रिकार्ड तोड़ता तापमान

महानगर में चालू महीने की शुरुआत से ही पारा सामान्य स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है। सांताक्रूज वेधशाला के आंकड़ों पर नजर डालें तो 11 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के सामान्य औसत से 4.9 डिग्री अधिक था। साल 2015 के बाद यह अक्टूबर के महीने में दर्ज सबसे गर्म दिन साबित हुआ, क्योंकि तब 17 अक्टूबर को पारा 38.6 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ा था। गर्मी का यह दौर यहीं नहीं थमा, बल्कि 12 अक्टूबर को भी तापमान 38.2 डिग्री और अगले दिन दोबारा 38 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि मौसम विभाग (IMD) को शहर सहित पड़ोसी ठाणे और पालघर जिलों के लिए हीटवेव की औपचारिक चेतावनी जारी करनी पड़ गई थी।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस तीव्र गर्मी के पीछे मध्य भारत के वायुमंडलीय तंत्र का बड़ा हाथ रहा है। दरअसल दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और गुजरात के ऊपर एक मजबूत एंटीसाइक्लोनिक सिस्टम सक्रिय था। इस प्रणाली ने उत्तर-पश्चिम और पश्चिमी दिशा से बेहद गर्म तथा शुष्क हवाओं को तटीय कोंकण क्षेत्र की तरफ धकेल दिया। आमतौर पर समुद्र से चलने वाली ठंडी बयार दोपहर में शहर के तापमान को नीचे लाने का काम करती है, लेकिन इस बार हवाओं की दिशा के कारण समुद्री हवा आने में भारी विलंब हुआ। इसके साथ ही आसमान साफ रहने, बादलों की नाममात्र मौजूदगी और सीधी चिलचिलाती धूप ने धरातल को और तपा दिया।

मुंबई के भौगोलिक इतिहास को देखें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के फौरन बाद अक्टूबर में गरमी का उभरना कोई अनोखी बात नहीं है। इस बार मानसून 3 अक्टूबर को ही शहर से विदा हो गया, जबकि इसकी औपचारिक वापसी अमूमन 10 से 11 अक्टूबर के आसपास दर्ज की जाती है। समय से पूर्व मानसून की वापसी और अल नीनो के प्रभाव को भी इस अप्रत्याशित तापवृद्धि की एक संभावित वजह माना जा रहा है, यद्यपि पूरे बदलाव का ठीकरा केवल एक कारक पर फोड़ना न्यायसंगत नहीं होगा।

सर्दियों की रूपरेखा: सिर्फ सुबह की नरमी और दिन में गर्माहट

आने वाले महीनों का मौसमी खाका यह संकेत दे रहा है कि मुंबई में इस मर्तबा बेहद हल्की और कमजोर सर्दी ही दर्ज होगी। दिसंबर और जनवरी के दौरान सुबह का वक्त अपेक्षाकृत सुहावना और ठंडा हो सकता है, लेकिन सूरज चढ़ने के साथ ही दोपहर में पारे की तेजी बरकरार रहेगी। यह कोई दिन-प्रतिदिन का पक्का दैनिक पूर्वानुमान नहीं है, बल्कि एक दीर्घकालिक मौसमी अनुमान है जो वायुमंडलीय हलचलों के साथ संशोधित हो सकता है। मौजूदा गणना के तहत नवंबर का महीना गर्म बीतने का अंदेशा है, दिसंबर और जनवरी में थोड़ी नरमी मिलेगी, जिसके बाद फरवरी आते ही तापमान दोबारा ऊपर की ओर रुख करने लगेगा।

बारिश की उम्मीदें और राहत का गणित

अक्टूबर की इस तपन के बीच यदि आसमान से राहत बरसने की बात करें, तो इस सप्ताह व्यापक वर्षा के कोई बड़े संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। महाराष्ट्र के वायुमंडल में आवश्यक नमी के मजबूत प्रवाह की कमी देखी जा रही है, जिस कारण पूरे राज्य में बादलों का घेरा सीमित ही रहेगा। यद्यपि दक्षिणी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं, लेकिन मौजूदा मौसम मॉडल के अनुसार मुंबई और पुणे के इलाके बड़ी बारिश से अछूते रह सकते हैं। चूंकि मौसम प्रणालियों में बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय स्तर पर अचानक बनने वाले बादलों से हल्की-फुल्की फुहारों की गुंजाइश को पूरी तरह नकारा भी नहीं गया है। अगर गरज-चमक के साथ कहीं कोई बौछार पड़ी भी, तो वह केवल कुछ घंटों के लिए दिन के पारे को गिराएगी, उसे सर्दी की दस्तक नहीं माना जाएगा।

तटीय भूगोल और घने कोहरे की संभावना

शीतकाल के दौरान उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में छाने वाले घने कोहरे को लेकर भी विशेषज्ञों ने स्थिति स्पष्ट की है। तटीय शहर होने के नाते मुंबई की भौगोलिक बनावट और यहां का न्यूनतम तापमान उत्तर के शहरों से सर्वथा भिन्न है। अनुकूल परिस्थितियों में रात और तड़के धुंध या हल्का कोहरा भले ही दिख जाए, मगर हफ्तों तक छाए रहने वाले दृश्यता-बाधक घने कोहरे की संभावना लगभग नगण्य है। हवा में मौजूद आर्द्रता और स्थानीय वायु प्रवाह ही दृश्यता का स्तर तय करेंगे।

सकारात्मक इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) और अल नीनो जैसे बड़े जलवायु कारक वायुमंडलीय समीकरणों में अनिश्चितता अवश्य जोड़ते हैं, मगर इनका यह कतई अर्थ नहीं कि हर तटीय इलाका भीषण गर्माहट में ही डूबा रहेगा। इनका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि स्थानीय वायु परिसंचरण तंत्र इनके साथ कैसा तालमेल बैठाता है। कुल मिलाकर मुंबई वासियों को आने वाले हफ्तों में चिलचिलाती गर्मी से राहत तो मिलेगी, मगर कंबल ओढ़ने वाली स्थायी ठंड का इंतजार इस बार अधूरा ही रह सकता है।

सवाल-जवाब

अक्टूबर में मुंबई में अधिकतम तापमान कितना दर्ज किया गया?
सांताक्रूज वेधशाला में 11 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक था।
क्या मुंबई में 2015 के बाद यह सबसे गर्म अक्टूबर रहा है?
हां, 17 अक्टूबर 2015 को दर्ज 38.6 डिग्री सेल्सियस के बाद यह अक्टूबर का सबसे अधिक तापमान रहा है।
इस अचानक बढ़ी गर्मी का मुख्य कारण क्या है?
दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और गुजरात के ऊपर बने एंटीसाइक्लोनिक सिस्टम के चलते गर्म हवाएं मुंबई की ओर आईं और समुद्री हवा आने में देरी हुई।
क्या दिसंबर और जनवरी में मुंबई में कड़ाके की ठंड पड़ेगी?
नहीं, मौसमी अनुमान के मुताबिक सिर्फ सुबह के वक्त हल्की ठंडक रहेगी, जबकि दोपहर का तापमान ऊंचा बना रहेगा।
क्या इस सर्दी में मुंबई में घना कोहरा देखने को मिलेगा?
तटीय स्थिति और गर्म तापमान के कारण मुंबई में उत्तर भारत जैसा घना कोहरा छाने के आसार नहीं हैं, केवल हल्की धुंध दिख सकती है।
इस सप्ताह मुंबई में बारिश की कितनी संभावना है?
राज्य में पर्याप्त नमी की कमी के कारण व्यापक बारिश की उम्मीद कम है, हालांकि स्थानीय स्तर पर छिटपुट बौछारों की संभावना खारिज नहीं की जा सकती।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

38 डिग्री तो अक्टूबर में वैसे भी बहुत ज्यादा होता है, पंखे-कूलर से भी राहत नहीं मिलती होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, सच कह रहे हो, पिछली बार जब मैं बांद्रा में ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहा था, तो पसीने से मेरी शर्ट पूरी भीग गई थी, अक्टूबर की ऐसी गर्मी सचमुच बहुत डराती है।

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