राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले से बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अवैध मिट्टी खनन पर कार्रवाई करने गए वन विभाग के एक अधिकारी को डंपर से कुचल दिया गया। यह वारदात जिले के छोटीसादड़ी इलाके की है। हमले में बुरी तरह जख्मी हुए रेंजर प्रताप सिंह को नाजुक हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में भारी शोक की लहर है।
वन विभाग की जमीन पर मिट्टी खनन की सूचना पर पहुंची थी टीम
पूरा घटनाक्रम पीथलवड़ी ग्राम पंचायत क्षेत्र का है, जहां वन विभाग के स्वामित्व वाली जमीन पर गैरकानूनी तरीके से मिट्टी खोदने और उसकी ढुलाई किए जाने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंजर प्रताप सिंह के नेतृत्व में वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचा था। टीम जब मौके पर अवैध गतिविधियों को रुकवाने और जब्ती की कार्रवाई में जुटी थी, उसी दौरान मिट्टी परिवहन कर रहे एक डंपर के चालक ने जानलेवा रुख अपनाते हुए रेंजर को वाहन के नीचे कुचल दिया। इस भयानक टक्कर में प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम, वन महकमे में आक्रोश
घटना के तुरंत बाद साथी कर्मचारियों ने खून से लथपथ रेंजर प्रताप सिंह को आनन-फानन में छोटीसादड़ी स्थित उप जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर उनकी अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं। कर्तव्य के दौरान रेंजर की इस तरह जान जाने से पूरे वन विभाग में सन्नाटा पसर गया है और कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
जेसीबी जब्त, फरार डंपर चालक की तलाश में जुटी पुलिस
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी डंपर चालक अपने वाहन के साथ मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें आरोपी की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मौके से वन विभाग की टीम ने अवैध खनन में इस्तेमाल की जा रही एक जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि यह साफ हो सके कि इस अवैध खनन सिंडिकेट के पीछे कौन-कौन से चेहरे शामिल थे और घटना के वक्त वहां किसकी मौजूदगी थी।





















