मणिपुर के तेग्नौपाल जिले में प्रस्तावित 11th IRB यानी इंडियन रिजर्व बटालियन के मुख्यालय निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। कुकी चीफ्स एसोसिएशन ने सैवोम गांव में बनने वाले इस सुरक्षा बेस की निविदा प्रक्रिया पर गहरी आपत्ति जताई है। संगठन का स्पष्ट कहना है कि राज्य में जब तक पूर्ण शांति और सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती, तब तक इस तरह की किसी भी सरकारी निर्माण परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
स्थानीय संस्थाओं को बिना बताए जारी की गई निविदा
कुकी चीफ्स एसोसिएशन का आरोप है कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों तथा नागरिक समाज संगठनों से कोई सलाह-मशविरा किए बिना ही निर्माण कार्य का टेंडर जारी कर दिया। संगठन ने कहा कि प्रभावित इलाके के लोगों की चिंताओं और जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करके यह कदम उठाया गया है। स्थानीय प्रतिनिधियों का मानना है कि वर्तमान माहौल में बिना आम सहमति के सुरक्षा ढांचा खड़ा करने की कोशिशों से स्थिति सुधरने के बजाय और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
परियोजना की लागत और निर्माण संबंधी विवरण
11th IRB मुख्यालय के पहले चरण के निर्माण के लिए मणिपुर पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से बोलियां आमंत्रित की गई हैं। सैवोम गांव में प्रस्तावित इस चरण के तहत माउंट बैरक, सामान्य बैरक और एक पुलिस स्टोर का निर्माण किया जाना है। आधिकारिक निविदा दस्तावेज के अनुसार, इस अनुबंध का कुल अनुमानित मूल्य 39,43,838 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि इसके लिए बयाना राशि यानी अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट 78,900 रुपये तय की गई है। यह टेंडर 12 अगस्त 2026 को जारी किया गया था और बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 रखी गई है।
नागरिक संगठनों की चेतावनी और कार्य रोकने का अल्टीमेटम
परियोजना का कड़ा विरोध करते हुए कुकी चीफ्स एसोसिएशन ने यह साफ कर दिया है कि अगर सरकार किसी ठेकेदार को काम का ठेका आवंटित कर भी देती है, तब भी तेग्नौपाल जिले के नागरिक समाज संगठन जमीन पर निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे। संगठन ने सरकार के साथ-साथ संभावित ठेकेदारों को भी किसी भी रास्ते से जबरन निर्माण कराने के प्रयासों से दूर रहने की हिदायत दी है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस विरोध के बावजूद काम आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, तो उससे उत्पन्न होने वाले किसी भी तरह के परिणामों के लिए केवल सरकार और ठेकेदार ही जिम्मेदार होंगे। संगठन ने दोहराया है कि तेग्नौपाल और पूरे क्षेत्र में पूरी तरह शांति लौटने तक इस निर्माण कार्य को हर हाल में स्थगित रखा जाए।



















