देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को अपने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजों का ऐलान करने जा रही है। बाजार की नजर सिर्फ मुनाफे के आंकड़ों पर नहीं, बल्कि कंपनी के अलग-अलग कारोबारी हिस्सों के प्रदर्शन पर भी टिकी है। दुनिया भर में बनी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक O2C, तेल एवं गैस, टेलीकॉम, रिटेल और मीडिया जैसे सेगमेंट में कंपनी की चाल को बारीकी से परखेंगे।
यही वजह है कि नतीजों वाले दिन रिलायंस का शेयर बाजार में चर्चा के केंद्र में रहने वाला है। जितनी उत्सुकता आंकड़ों को लेकर है, उतनी ही अटकलें मुकेश अंबानी की टिप्पणी को लेकर भी हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO पर रहेगी सबसे बड़ी नजर
नतीजों के साथ-साथ निवेशक सबसे ज्यादा इंतजार जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़े किसी अपडेट का कर रहे हैं। तिमाही प्रदर्शन के बीच मुकेश अंबानी इस पर क्या कहते हैं, इस पर पूरे बाजार की निगाहें लगी हुई हैं। यही एक बयान शेयर की चाल को नई दिशा दे सकता है।
पहली तिमाही में कैसा रह सकता है प्रदर्शन
Q1FY27 में रिलायंस का प्रदर्शन पिछली तिमाहियों के मुकाबले मजबूत रहने की उम्मीद है। इसकी दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं, पहली O2C कारोबार में सुधार और दूसरी जियो प्लेटफॉर्म्स की लगातार बनी हुई रफ्तार। हालांकि रिटेल कारोबार की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है और रिलायंस रिटेल में लो-डबल-डिजिट यानी 10 से 15 फीसदी के आसपास की ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
खास बात यह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ इसकी दो बड़ी सहायक कंपनियां, रिलायंस रिटेल और जियो प्लेटफॉर्म्स भी इसी दिन अपने पहली तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी। यानी एक ही दिन में समूह की पूरी तस्वीर निवेशकों के सामने होगी।
बीते वित्त वर्ष में कैसा रहा था दमखम
अगर पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की ताकत साफ दिखती है। इस दौरान रिलायंस का शुद्ध मुनाफा और सहयोगी कंपनियों एवं संयुक्त उद्यमों के लाभ-हानि का हिस्सा सालाना आधार पर 17.8 फीसदी बढ़कर 95,754 करोड़ रुपये (10.1 अरब डॉलर) पर पहुंच गया था।
इसी तरह, पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी ने 207,911 करोड़ रुपये का समेकित EBITDA दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 13.4 फीसदी की बढ़त थी। वहीं पूरे साल के लिहाज से रिलायंस का सकल राजस्व 325,290 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 12.9 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन्हीं मजबूत आंकड़ों के दम पर बाजार को इस बार भी बेहतर नतीजों की उम्मीद है।





















