अडाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबारी सत्र के दौरान बढ़त देखने को मिली। ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल द्वारा जारी एक नई रिसर्च रिपोर्ट के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयरों पर खरीदारी (Buy) की रेटिंग के साथ कवरेज की शुरुआत की है और इसका टारगेट प्राइस 3,880 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह नया टारगेट प्राइस वर्तमान बाजार मूल्य से लगभग 25 प्रतिशत तक के अपसाइड पोटेंशियल को दर्शाता है। देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) चक्र में कंपनी की मजबूत स्थिति को इस रेटिंग का मुख्य आधार बनाया गया है।
शेयरों की चाल और मार्केट कैप का ब्योरा
बीएसई (BSE) पर 27 अगस्त को दोपहर 1:21 बजे अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 1.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 3,159.95 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 4,27,676.99 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। गुरुवार के कारोबारी सत्र में स्टॉक ने 3,161.80 रुपये प्रति शेयर का इंट्राडे हाई और 3,125 रुपये प्रति शेयर का इंट्राडे लो छुआ। ब्रोकरेज रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी गतिविधियां देखने को मिलीं।
मोतीलाल ओसवाल की बाय रेटिंग और SoTP वैल्यूएशन
मोतीलाल ओसवाल ने 27 अगस्त को अपनी रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि अडाणी एंटरप्राइजेज सम्स-ऑफ-द-पार्ट्स (SoTP) वैल्यूएशन के आधार पर 3,880 रुपये के लक्ष्य तक पहुंचने की क्षमता रखती है। रिपोर्ट के अनुसार, अडाणी एंटरप्राइजेज का बिजनेस मॉडल नए अवसरों की पहचान करने, उन्हें बड़े पैमाने पर स्थापित करने और बाजार में अग्रणी स्थिति हासिल करने पर केंद्रित है। जब ये प्लेटफॉर्म्स परिपक्व हो जाते हैं, तो कंपनी इनका मुद्रीकरण (Monetisation) करके पूंजी का पुनर्चक्रण (Capital Recycling) करती है। यह बार-बार दोहराया जाने वाला मॉडल कंपनी की भावी कमाई को रफ्तार देने में मदद करता है।
इनफ्लेक्शन फेज में प्रवेश कर रहे प्रमुख कारोबार
रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि अडाणी एंटरप्राइजेज द्वारा संचालित कई अलग-अलग व्यावसायिक इकाइयां अब एक इनफ्लेक्शन फेज (बदलाव के महत्वपूर्ण चरण) में प्रवेश कर रही हैं, जहां से उनकी कमाई में तेजी से इजाफा देखने को मिल सकता है। कंपनी के पोर्टफोलियो में कई ऐसे क्षेत्र शामिल हैं जिनमें अपार संभावनाएं मौजूद हैं
- एयरपोर्ट बिजनेस: कंपनी के पास 8 हवाई अड्डों का एक बड़ा पोर्टफोलियो है। यह केवल एक विनियमित इंफ्रास्ट्रक्चर प्ले नहीं है, बल्कि हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या, कमर्शियल डेवलपमेंट और नॉन-एरोनॉटिकल मुद्रीकरण के जरिए कमाई का बड़ा जरिया बन रहा है।
- सड़क पोर्टफोलियो: कंपनी के पास एचएएम (HAM), बीओटी (BOT) और टीओटी (TOT) मॉडलों के तहत सड़कों का एक विविध पोर्टफोलियो मौजूद है, जो दीर्घकालिक राजस्व सुनिश्चित करता है।
- डाटा सेंटर्स: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) वर्कलोड में हो रही बढ़ोतरी के कारण डाटा सेंटर कारोबार का तेजी से विस्तार हो रहा है।
- ग्रीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग: अडाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ANIL) के माध्यम से कंपनी भारत को स्वच्छ ऊर्जा उपकरणों के आयातक से एक घरेलू विनिर्माण केंद्र में बदलने की दिशा में काम कर रही है। इसे घरेलू सामग्री आवश्यकताओं (Domestic Content Requirements) का सीधा लाभ मिल रहा है।
- खनन और कॉपर प्रोजेक्ट्स: इसके अतिरिक्त, कंपनी माइनिंग सर्विसेज, कमर्शियल माइनिंग, इंटीग्रेटेड रिसोर्सेज मैनेजमेंट (IRM) और कॉपर निर्माण जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
भारत के कैपेक्स साइकिल का सीधा फायदा
ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि भारत में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास और पूंजीगत व्यय चक्र का सीधा लाभ अडाणी एंटरप्राइजेज को मिलेगा। कंपनी की उपस्थिति एयरपोर्ट्स, रोड नेटवर्क, न्यू एनर्जी, डाटा सेंटर्स, माइनिंग और कॉपर मैन्युफैक्चरिंग जैसे प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में फैली हुई है। स्थापित व्यवसायों की स्थिरता और उच्च-वृद्धि वाले नए प्लेटफॉर्म्स का यह संयोजन कंपनी को वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखता है।



















