अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में मेक्सिकन पेसो ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा है। राबोबैंक के वित्तीय विश्लेषकों क्रिश्चियन लॉरेंस और मौली श्वार्ट्ज के ताजा अध्ययन के अनुसार, USD/MXN मुद्रा जोड़ी मई 2024 के बाद पहली बार ऐतिहासिक 17 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे टूटी है। इस महत्वपूर्ण तकनीकी ब्रेकडाउन को देखने के बाद बैंक ने अपने निकटकालिक पूर्वानुमान में संशोधन किया है और संभावना जताई है कि आने वाले हफ्तों में यह विनिमय दर 16.5 तक गिर सकती है। बाजार में पेसो को मुख्य रूप से कैरी ट्रेड की भारी मांग और सीमित उतार-चढ़ाव से लगातार समर्थन मिल रहा है।
कैरी ट्रेड की मांग और तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण
राबोबैंक के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों के बीच कैरी ट्रेड का आकर्षण अभी खत्म नहीं हुआ है। जब तक उच्च ब्याज दर वाले देशों की मुद्राओं में निवेश का प्रतिफल बेहतर बना हुआ है और बाजार में अचानक उथल-पुथल नहीं आती, तब तक पेसो की मजबूती बनी रहने की उम्मीद है। तकनीकी दृष्टिकोण से, USD/MXN चार्ट पर 17 के स्तर से नीचे की क्लोजिंग दर्ज की गई है। इस स्तर के नीचे लगातार कैंडल क्लोज होने से निचले स्तरों पर और गिरावट का रास्ता साफ हो गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि 17 का स्तर टूटने के बाद करेंसी जोड़ी के पास 16.45 और 16.49 के आसपास मामूली सपोर्ट मौजूद है। इसके बाद 16.25 के स्तर पर एक बेहद मजबूत सपोर्ट जोन दिखाई देता है। बैंक के इन-हाउस तकनीकी संकेतकों ने पहले ही रिवर्सल की चेतावनी जारी की थी और चार्ट पर बुलिश डायवर्जेंस के संकेत भी उभरे थे। इसके बावजूद, बैंक का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियां पेसो को 16.50 तक धकेलने के लिए पर्याप्त मजबूत हैं। अगले वर्ष के लिए एक मामूली रिकवरी या रिट्रेसमेंट का अनुमान जरूर लगाया गया है, लेकिन यह पूरी तरह से हालिया ट्रेंड की सामान्य सीमाओं के भीतर ही रहने की उम्मीद है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि करेंसी pair का 16.25 के नीचे जाने का अनुमान फिलहाल नहीं है।
बाजार में वोलेटिलिटी बढ़ने पर पलट सकती है बाजी
राबोबैंक ने निवेशकों को एक संभावित जोखिम के प्रति भी आगाह किया है। यदि वैश्विक या घरेलू कारणों से बाजार में अचानक वोलेटिलिटी या उतार-चढ़ाव की स्थिति बनती है, तो पेसो की यह मजबूती बहुत तेजी से कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में USD/MXN का स्तर पलक झपकते ही 17.50 के आसपास के कंजेशन जोन में लौट सकता है। यदि अस्थिरता और बढ़ती है, तो बहुत कम समय में यह जोड़ी दोबारा 18 से ऊपर का स्तर हासिल कर सकती है। इसलिए ट्रेडर्स को कैरी ट्रेड में बने रहने के साथ-साथ वोलेटिलिटी इंडिकेटर्स पर पैनी नजर रखने की सलाह दी गई है।
ग्लोबल करेंसी मार्केट में GBP/USD और EUR/USD का रुख
मेक्सिकन पेसो के अलावा प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में भी अहम हलचल देखी जा रही है। यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान GBP/USD जोड़ी 1.3600 के स्तर से नीचे बनी हुई है और अपनी साप्ताहिक रेंज के निचले हिस्से के पास कंसोलिडेट कर रही है। हालांकि, स्टर्लिंग में आने वाली बड़ी गिरावट फिलहाल थमी हुई है क्योंकि निवेशक कोई भी नया ट्रेड लेने से पहले फेडरल रिजर्व के रुख को समझना चाहते हैं।
दूसरी ओर, EUR/USD में 1.1650 के आसपास एक सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की उम्मीदों ने यूरो को सहारा दिया है। वहीं, अमेरिका में PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों के आने के बाद अमेरिकी डॉलर में हल्की स्थिरता दर्ज की गई है। करेंसी बाजार के सहभागी इस समय मिडल ईस्ट के घटनाक्रमों और अमेरिकी जॉबलेस क्लेम्स के ताजा आंकड़ों पर भी सतर्कता से नजर बनाए हुए हैं।
जैक्सन होल में फेड चेयर केविन वॉर्श के संबोधन पर टिकीं नजरें
वैश्विक मुद्रा बाजारों का ध्यान इस समय आगामी जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी पर केंद्रित है। फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वॉर्श शुक्रवार को जैक्सन होल सम्मेलन में फेड चेयर के रूप में अपना पहला प्रमुख भाषण देने जा रहे हैं। बाजार सहभागियों की निगाहें केवल इस बात पर नहीं टिकी हैं कि सितंबर की नीतिगत बैठक में ब्याज दरें बढ़ेंगी या स्थिर रहेंगी, बल्कि वे आने वाले महीनों के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक की संपूर्ण मौद्रिक नीति और आर्थिक दृष्टिकोण के स्पष्ट संकेतों का भी इंतजार कर रहे हैं। केविन वॉर्श के संबोधन से मिलने वाले संकेत न केवल अमेरिकी डॉलर की दिशा तय करेंगे, बल्कि इसका सीधा असर पेसो, यूरो और पाउंड जैसी तमाम वैश्विक मुद्राओं पर पड़ेगा।



















