अमेरिका में जुलाई महीने के लिए पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई के आंकड़े जारी हो गए हैं। सालाना आधार पर हेडलाइन PCE महंगाई दर 3.7% दर्ज की गई, जो पिछले महीने के स्तर पर ही स्थिर है। हालांकि, यह वित्तीय बाजार के 3.6% के अनुमान से थोड़ी अधिक रही है। मासिक आधार पर हेडलाइन PCE में 0.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि बाजार को 0.1% वृद्धि की उम्मीद थी। वहीं दूसरी ओर, खाद्य और ऊर्जा कीमतों को हटाकर आंकी जाने वाली कोर PCE महंगाई दर बाजार के अनुमान के बिल्कुल मुताबिक रही। कोर PCE में सालाना आधार पर 3.3% और मासिक आधार पर 0.2% की बढ़त देखी गई। हेडलाइन महंगाई में इस मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में हलचल बढ़ गई है और प्रमुख विदेशी मुद्राओं पर दबाव देखा जा रहा है।
अमेरिकी डॉलर मजबूत, सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ी
PCE महंगाई के आंकड़ों के जारी होते ही अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में तेजी का रुख देखने को मिला। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में छोटी और लंबी दोनों अवधि की दरों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। महंगाई के इन मजबूत आंकड़ों को देखते हुए निवेशकों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है, जिससे इस बात की संभावना काफी बढ़ गई है कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी सितंबर नीति बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। ट्रेजरी यील्ड में आई इस तेजी से अमेरिकी डॉलर को व्यापक मजबूती मिली, जिसके कारण EUR/USD करेंसी पेयर गिरकर 1.1650 के स्तर पर आ गया। गुरुवार के यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान EUR/USD इसी निचले स्तर के आसपास बना रहा, जो अमेरिकी मुद्रा की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
ईसीबी के कड़े रुख से यूरो को सहारा, 1.3600 के नीचे स्थिर हुआ पाउंड
अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती के बावजूद यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) से जुड़े सख्त रुख के अनुमानों ने यूरो को एक सीमा तक सहारा दिया है। यूरोपीय केंद्रीय बैंक के अधिकारी मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख बनाए हुए हैं, जिससे EUR/USD पेयर को भारी गिरावट से बचने में मदद मिली और यह 1.1650 के आसपास एक निश्चित दायरे में बना रहा। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी आने वाले अमेरिकी जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़ों और मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी बारीक नजर रख रहे हैं, जो आने वाले समय में करेंसी मार्केट का मूड तय कर सकते हैं।
इसी के साथ, ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) भी अपने साप्ताहिक निचले स्तर के करीब स्थिर होता हुआ दिखा। गुरुवार को यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान GBP/USD पेयर 1.3600 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे कारोबार कर रहा था। हालांकि, पाउंड में और अधिक गिरावट दर्ज नहीं की गई क्योंकि करेंसी व्यापारी केंद्रीय बैंकों के अगले कदमों को लेकर स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं और किसी भी बड़े सौदे से फिलहाल परहेज कर रहे हैं।
जैक्सन होल सम्मेलन में केविन वॉश के भाषण पर टिकीं बाजार की निगाहें
अब वैश्विक वित्तीय बाजारों का पूरा ध्यान फेडरल रिजर्व के वार्षिक आर्थिक सम्मेलन जैक्सन होल पर केंद्रित हो गया है। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय "फाइनेंशियल इनोवेशन: इम्प्लिकेशंस फॉर पेमेंट्स एंड पॉलिसी" रखा गया है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकरों और शीर्ष अर्थशास्त्रियों के इस बड़े सम्मेलन को आने वाले महीनों की मौद्रिक नीति की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस पूरे सम्मेलन का सबसे प्रमुख आकर्षण शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉश का मुख्य संबोधन होगा। चेयरमैन के रूप में जैक्सन होल सम्मेलन में केविन वॉश का यह पहला भाषण होगा। बाजार के प्रतिभागी इस बात के संकेत तलाश रहे हैं कि सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ेंगी या स्थिर रहेंगी। हालांकि, डैंस्के बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि केविन वॉश अपने पुराने ढर्रे पर कायम रहते हुए आगे की नीति को लेकर बहुत कम या ना के बराबर स्पष्ट संकेत (फॉरवर्ड गाइडेंस) देंगे।



















