गुरुवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के मुकाबले अपने साप्ताहिक निचले स्तर के करीब सीमित बढ़त दर्ज की। हालांकि इस तेजी में मजबूत लिवाली का अभाव देखा गया और मुद्रा जोड़ी 216.00 के मध्य स्तरों के आसपास कारोबार कर रही है। जापानी येन की विनिमय दर में लगातार जारी कमजोरी के पीछे मुख्य रूप से जापान की नाजुक वित्तीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौद्रिक नीति का बड़ा अंतर जिम्मेदार है। भले ही अमेरिकी डॉलर की हल्की मजबूती के कारण ब्रिटिश पाउंड पर दबाव बना हुआ है, लेकिन येन में जारी बिकवाली ने पाउंड के लिए एक अहम सहारा प्रदान किया है।
मौद्रिक नीति का अंतर और कैरी ट्रेड का प्रभाव
जापानी येन की विनिमय दर पर देश के विशाल राष्ट्रीय कर्ज और सरकार की नई वित्तीय खर्च योजनाओं का भारी दबाव बना हुआ है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि जापान की बिगड़ती राजकोषीय सेहत निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर रही है। इसके अलावा, दुनिया की प्रमुख केंद्रीय बैंकों और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत दृष्टिकोण में बड़ा अंतर मौजूद है। हालांकि बैंक ऑफ जापान ने जून के दौरान अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 1.00 प्रतिशत कर दिया था, जो कि पिछले 31 वर्षों का सबसे उच्चतम स्तर है। इसके बावजूद वैश्विक मानकों की तुलना में यह दर काफी कम बनी हुई है।
दूसरी ओर, बैंक ऑफ इंग्लैंड ने अपनी मुख्य बेंचमार्क दर को 3.75 प्रतिशत पर स्थिर बनाए रखा है। इसके परिणामस्वरूप यूके और जापान की ब्याज दरों के बीच लगभग 275 बेसिस पॉइंट्स यानी 2.75 प्रतिशत का एक बड़ा अंतर बना हुआ है। इस व्यापक अंतर के कारण जापानी येन में कैरी ट्रेड रणनीति को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार में निवेशक कम ब्याज दर वाली मुद्रा येन में उधार लेकर उच्च ब्याज देने वाली मुद्राओं में निवेश कर रहे हैं, जिससे ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन की विनिमय जोड़ी को लगातार समर्थन मिल रहा है।
फेड के संकेतों से पहले GBP/USD और EUR/USD में सीमित दायरा
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड की चाल केवल येन तक सीमित नहीं है। गुरुवार के कारोबार के दौरान GBP/USD जोड़ी 1.3600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे अपने साप्ताहिक दायरे के निचले सिरे के करीब स्थिर बनी रही। अमेरिकी डॉलर की हालिया मजबूती ने पाउंड की बढ़त को सीमित किया है, लेकिन कारोबारी किसी भी बड़े दांव को लगाने से पहले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश के आगामी भाषण का इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार को होने वाले इस संबोधन से अमेरिका की भावी ब्याज दर दिशा का स्पष्ट संकेत मिलने की उम्मीद है, जिससे पाउंड में और गिरावट फिलहाल रुकी हुई है।
इसी तरह, यूरोपीय सत्र के दौरान EUR/USD जोड़ी भी 1.1650 के आसपास एक सीमित दायरे में कारोबार करती नजर आई। हाल ही में जारी हुए अमेरिकी पीसीई यानी व्यक्तिगत उपभोग व्यय के मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई थी, लेकिन यूरोपीय केंद्रीय बैंक की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों ने यूरो को समर्थन दिया है। इसके अतिरिक्त, बाजार प्रतिभागी मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिका में सामने आने वाले साप्ताहिक बेरोजगारी दावों के आंकड़ों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
जैक्सन होल संबोधन और प्रमुख आर्थिक आंकड़े
वित्तीय बाजारों की मुख्य निगाहें शुक्रवार को होने वाले जैक्सन होल सम्मेलन पर टिकी हैं, जहां फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश केंद्रीय बैंक के प्रमुख के रूप में अपना पहला संबोधन देने जा रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की उम्मीदें केवल सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बदलाव या ठहराव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अमेरिकी मौद्रिक नीति के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को समझना चाहते हैं। केविन वॉश का यह वक्तव्य अमेरिकी डॉलर के साथ-साथ पाउंड और यूरो जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की भविष्य की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जब तक फेड अध्यक्ष का भाषण समाप्त नहीं हो जाता और नए आर्थिक आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक मुद्रा बाजारों में सीमित उतार-चढ़ाव रहने की संभावना जताई जा रही है। ब्रिटिश पाउंड को जहां एक तरफ जापानी येन की कमजोरी का फायदा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर की वैश्विक मजबूती इसके ऊपर दबाव बनाए रख सकती है। आने वाले दिनों में ब्रिटेन, अमेरिका और जापान के आर्थिक आंकड़े विदेशी मुद्रा बाजार के रुझान को नई दिशा देंगे।



















