निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। बैंक के शीर्ष पद पर अनूप बागची की नियुक्ति का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है। वह मौजूदा प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे। जगदीशन का तय कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है, जिसके ठीक अगले दिन 27 अक्टूबर 2026 से बागची इस महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थान की कमान संभालेंगे। इस बड़ी घोषणा के सामने आने के बाद घरेलू शेयर बाजार में बैंक के शेयरों में उतार-चढ़ाव और बिकवाली का दबाव देखा गया।
बाजार में एचडीएफसी बैंक के शेयर का प्रदर्शन
नेतृत्व परिवर्तन की जानकारी सामने आने के बाद 5 अक्टूबर को कारोबारी सत्र के दौरान बैंक के शेयरों में तेज हलचल दर्ज की गई। शेयर बाजार में एचडीएफसी बैंक का शेयर 731.95 रुपये के भाव पर खुला था। शुरुआती कारोबार में लिवाली के सहारे यह तेजी दिखाते हुए 734.20 रुपये के इंट्राडे उच्च स्तर तक पहुंचा। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकाम रहने के बाद स्टॉक में मुनाफावसूली और गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया।
कारोबार के दौरान बिकवाली हावी होने से यह फिसलकर 708.80 रुपये के निचले स्तर तक चला गया। सुबह 10:53 बजे के आसपास बैंक का शेयर 709.60 रुपये के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रबंधन में बदलाव के समय निवेशक अक्सर सतर्क रुख अपनाते हैं, जिससे अल्पावधि में स्टॉक के भाव पर असर देखने को मिलता है।
अनूप बागची का अनुभव और बैंकिंग करियर
केंद्रीय बैंक ने अनूप बागची की इस नियुक्ति को 27 अक्टूबर से प्रभावी होने वाले तीन साल के कार्यकाल के लिए स्वीकृत किया है। वर्तमान समय में वह आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। वित्तीय सेवा क्षेत्र में उनका कार्य अनुभव तीन दशकों से भी अधिक समय का रहा है, जिसमें उन्होंने कई बड़े वित्तीय उपक्रमों का नेतृत्व किया है।
बागची वर्ष 1992 से ही आईसीआईसीआई समूह के साथ गहराई से जुड़े रहे हैं। इस लंबे सफर के दौरान उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज में कई वरिष्ठ और रणनीतिक पदों की जिम्मेदारी संभाली है। उनका व्यापक अनुभव खुदरा बैंकिंग, पूंजी बाजार, वेल्थ मैनेजमेंट और बीमा उद्योग जैसे वित्तीय तंत्र के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में फैला हुआ है।
नए प्रमुख के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियां
नवनियुक्त प्रमुख के रूप में अनूप बागची को पूर्ववर्ती प्रमुख शशिधर जगदीशन द्वारा स्थापित किए गए आधार को आगे बढ़ाने की अहम जिम्मेदारी निभानी होगी। उनके सामने सबसे बड़ा काम एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के ऐतिहासिक विलय के बाद शुरू की गई एकीकरण प्रक्रिया को पूरी मजबूती से आगे बढ़ाना होगा। विलय के बाद बनी इस विशाल संयुक्त इकाई के परिचालन प्रदर्शन को बेहतर बनाना, लागत दक्षता हासिल करना और कारोबार में तालमेल बनाए रखना उनके कार्यकाल का मुख्य एजेंडा रहने वाला है।
मोतीलाल ओसवाल की राय और नया टारगेट प्राइस
शेयर में आई तात्कालिक कमजोरी के बावजूद प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने एचडीएफसी बैंक को लेकर अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। ब्रोकरेज हाउस को भरोसा है कि बैंक की वित्तीय स्थिति और कमाई के प्रदर्शन में वित्त वर्ष 2028 से ठोस सुधार देखने को मिलेगा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपनी मॉर्निंग इंडिया रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि वित्त वर्ष 2028 से एचडीएफसी बैंक के मुनाफे और कमाई में तेज गति आने का अनुमान है, जबकि संपत्तियों पर प्रतिफल लगभग 1.7 प्रतिशत के स्तर पर बने रहने की संभावना है, जिसमें बीमा कमीशन में संभावित कटौती का असर भी शामिल किया गया है। फर्म ने शेयर पर खरीदारी की सलाह जारी रखते हुए 925 रुपये का लक्ष्य तय किया है। इंट्राडे स्तर 709.60 रुपये के मुकाबले यह टारगेट मूल्य निवेशकों के लिए अच्छी बढ़त की संभावना दर्शाता है, हालांकि यह केवल विश्लेषकों का अनुमान है।


















