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अमरूद का छिलका उतारकर खाना क्यों है बेहतर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर क्या असर होता हैस्वास्थ्य
5 अक्तू॰ 2026, 12:51 pm (35 मिनट पहले)· 0

अमरूद का छिलका उतारकर खाना क्यों है बेहतर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल पर क्या असर होता है

डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या में अमरूद को छीलकर या हल्का कच्चा खाना अधिक फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि पके अमरूद के छिलके में शुगर का स्तर बढ़ जाता है।

फलों के चयन में अमरूद को आमतौर पर सेहत के लिए बेहद मुफीद माना जाता है, खासकर जब बात ब्लड शुगर को संतुलित रखने की हो। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम रहता है, जिसके चलते खून में ग्लूकोज का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। इसके अतिरिक्त इसमें मौजूद फाइबर और पोटेशियम बैड कोलेस्ट्रॉल की रोकथाम करने में काफी मददगार साबित होते हैं। इन तमाम खूबियों के बावजूद इसके सेवन के तरीके पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। न्यूट्रिशनिस्ट और वेट लॉस कोच लीमा महाजन बताती हैं कि अगर डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल के मरीज अमरूद को सही ढंग से नहीं खाते हैं, तो यह फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान का सबब भी बन सकता है।

छिलके समेत पका अमरूद खाने से होने वाले नुकसान

पूरी तरह पके हुए अमरूद को सीधे छिलके सहित खाने से परहेज करना चाहिए। जब अमरूद पूरी तरह पक जाता है, तब उसके छिलके की संरचना में बदलाव आने लगता है। इस अवस्था में छिलके के भीतर मैग्नीशियम की मात्रा धीरे-धीरे घटने लगती है, जबकि प्राकृतिक शुगर का अनुपात बढ़ जाता है। अधिक मिठास वाला यह छिलका शरीर में ग्लूकोज के संतुलन को बिगाड़ सकता है।

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लीमा महाजन के अनुसार, छह हफ्तों तक चले एक अध्ययन में यह देखा गया कि जिन लोगों ने पके हुए अमरूद को बिना छीले खाया था, उनके फास्टिंग ब्लड शुगर स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। केवल शुगर ही नहीं, बल्कि उनके बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के आंकड़े भी बढ़ गए थे। इसके विपरीत, अध्ययन के दूसरे समूह ने जब अमरूद का छिलका उतारकर उसका सेवन किया, तो उनके फास्टिंग शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में साफ गिरावट देखी गई।

डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल में सेवन का सही तरीका

यदि कोई व्यक्ति डायबिटीज या बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल की परेशानी से जूझ रहा है, तो उसे अपनी खानपान की आदतों में थोड़ा बदलाव करना चाहिए। ऐसे लोगों के लिए थोड़े कच्चे या सख्त अमरूद का चयन करना सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है, क्योंकि उनमें शुगर की मात्रा पके फल की तुलना में काफी कम होती है।

अगर किसी को नरम और पका हुआ अमरूद ही पसंद है, तो उसे खाने से पहले चाकू से उसका ऊपरी छिलका पूरी तरह हटा देना चाहिए। छिलका हटा देने से फल में मौजूद अतिरिक्त शर्करा शरीर में जाने से रुक जाती है और अमरूद के अंदरूनी गूदे में मौजूद जरूरी पोषक तत्व बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के शरीर को मिल जाते हैं।

समग्र स्वास्थ्य के लिए अमरूद के बड़े लाभ

अमरूद केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखने में भी बड़ी भूमिका निभाता है। प्रचुर मात्रा में डाइट्री फाइबर होने के कारण यह पाचन तंत्र को सुचारू बनाए रखता है, जिससे पेट में गैस, ब्लोटिंग और लंबे समय से बनी कब्ज जैसी दिक्कतों में राहत मिलती है।

इसके अलावा यह फल एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी का एक बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत है। विटामिन सी न सिर्फ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, बल्कि कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से भी उनकी रक्षा करता है। त्वचा की सेहत के लिए भी यह बेहद उपयोगी है, क्योंकि विटामिन सी स्किन के भीतर कोलेजन के निर्माण को बढ़ावा देता है। साथ ही, इसमें उपस्थित पोटेशियम रक्तचाप को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और दिल की सेहत बेहतर बनी रहती है।

सवाल-जवाब

क्या डायबिटीज के मरीज अमरूद खा सकते हैं?
हाँ, कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और उच्च फाइबर के कारण डायबिटीज के मरीज अमरूद खा सकते हैं, लेकिन उन्हें कच्चा या छिला हुआ पका अमरूद खाना चाहिए।
पके हुए अमरूद को छिलके सहित खाने से क्या नुकसान हो सकता है?
पके अमरूद के छिलके में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है और मैग्नीशियम घट जाता है, जिससे फास्टिंग ब्लड शुगर, बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ सकते हैं।
अध्ययन में अमरूद छीलकर खाने के क्या परिणाम सामने आए?
छह हफ्तों के अध्ययन में देखा गया कि अमरूद को छीलकर खाने वाले लोगों का फास्टिंग शुगर, बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स स्तर कम हुआ।
अमरूद दिल की सेहत और ब्लड प्रेशर में कैसे मदद करता है?
अमरूद में मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल काबू में रहता है और हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है।
पाचन और त्वचा के लिए अमरूद के क्या फायदे हैं?
अमरूद का फाइबर कब्ज और ब्लोटिंग से राहत दिलाता है, जबकि इसका विटामिन सी त्वचा में कोलेजन निर्माण को बढ़ावा देकर स्किन को स्वस्थ रखता है।
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