वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर पर बने रहने और फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने डॉलर इंडेक्स को मजबूत किया है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने भी सुरक्षित ठिकाने के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ा दी है। निवेशक अब मंगलवार को आने वाले रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जो इस मुद्रा जोड़े की अल्पकालिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
तकनीकी परिदृश्य: 0.7000 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण
तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण करने पर AUD/USD में मंदी का स्पष्ट रुझान दिखाई देता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 35 के आसपास बना हुआ है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र की ओर इशारा कर रहा है। इसके अलावा, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) संकेतक शून्य से नीचे बना हुआ है और इसका हिस्टोग्राम भी नकारात्मक रुख दिखा रहा है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.7025 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.7008 से थोड़ा ऊपर है। हालांकि, यदि कीमत 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे टूटती है, तो 78.6% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर 0.6945 पर गहरा समर्थन देखने को मिल सकता है। इससे नीचे जाने पर पिछला निचला स्तर 0.6866 एक प्रमुख संरचनात्मक समर्थन का कार्य करेगा।
दूसरी ओर, तेजी की स्थिति में पहली रुकावट 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) पर 0.7026 के आसपास देखी जा रही है। यदि यह जोड़ी इस स्तर को पार करने में सफल होती है, तो 50.0% फाइबोनैचि स्तर 0.7051 अगला प्रतिरोध बनेगा। इसके बाद 38.2% स्तर 0.7094 और 23.6% रिट्रेसमेंट स्तर 0.7148 की ओर रास्ता खुल सकता है। हालांकि, जब तक कीमत 0.7235 के मुख्य उच्च स्तर से नीचे रहती है, तब तक व्यापक मंदी का ढांचा बना रहेगा।
डॉलर/येन में उछाल और बैंक ऑफ जापान का रुख
विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में, USD/JPY में शुक्रवार की गिरावट के बाद फिर से खरीदारी देखी गई है। जापानी अधिकारियों द्वारा येन को संभालने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने की अटकलों के बावजूद, बैंक ऑफ जापान (BoJ) की नरम रुख वाली बैठक के मिनट्स ने जापानी येन की बढ़त को सीमित कर दिया। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने भी डॉलर को मजबूत किया है, जिससे यह जोड़ी फिर से 158.00 के स्तर की ओर बढ़ती दिख रही है।
सोने की कीमतों में गिरावट और केंद्रीय बैंकों की नीतियां
अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती का सीधा असर सोने की कीमतों पर भी पड़ा है। सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिसलकर $4,200 के करीब पहुंच गया है, जो इसके मासिक दायरे की निचली सीमा के करीब है। अक्टूबर में फेड द्वारा दरें बढ़ाए जाने की मजबूत उम्मीदों और मुद्रास्फीति के जोखिमों ने सोने की अपील को कम कर दिया है। हाल के दिनों में फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों ने अपनी ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है। दोनों केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति के खतरों से जूझ रहे हैं और उन्होंने संकेत दिया है कि उनके भविष्य के फैसले पूरी तरह से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे।



















