अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की विनिमय दर लगातार चौथे दिन रक्षात्मक रुख बनाए हुए है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा वर्ष की दूसरी छमाही में मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त करने की निरंतर चर्चा, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण डॉलर में जोरदार खरीदारी देखी जा रही है। इस मजबूत अमेरिकी डॉलर के असर से AUD/USD फिसलते हुए 0.7000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ रहा है। ताज़ा बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.7016 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 0.7112 के बंद स्तर के मुकाबले 1.36 प्रतिशत की कमजोरी दर्शाता है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के घरेलू मोर्चे पर जिद्दी महंगाई और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के आक्रामक रुख को देखते हुए बाजार विश्लेषक किसी बहुत गहरी गिरावट की राह में मजबूत बाधाएं भी देख रहे हैं।
सितंबर की तेजी के बाद 200-दिवसीय औसत की परीक्षा
सितंबर महीने में 0.7240 के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने के बाद, इस मुद्रा जोड़ी ने नीचे की तरफ रुख किया है। मौजूदा गिरावट अब सीधे 200-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज (SMA) की परीक्षा ले रही है, जो 0.7015 से 0.7018 के दायरे में स्थित है। तकनीकी नजरिए से 200-दिवसीय SMA मध्यम अवधि के रुझान के लिए एक आधार माना जाता है। जब तक कीमत इसके ऊपर बनी रहती है, तब तक व्यापक संरचना सकारात्मक बनी रह सकती है। लाइव तकनीकी आंकड़ों में 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 32 पर आ गया है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब है। स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 3 और सिग्नल लाइन 21 पर पहुंच चुकी है, जबकि दैनिक बोलिंजर बैंड के तहत निचला बैंड 0.7052 पर है और मौजूदा भाव इससे नीचे फिसल चुका है। यह तकनीकी स्थिति संकेत देती है कि अत्यधिक बिकवाली के बाद किसी भी समय तकनीकी सुधार या शॉर्ट-टर्म कंसॉलिडेशन देखने को मिल सकता है।
ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और मिले-जुले आर्थिक आंकड़े
व्यापक आर्थिक मोर्चे पर ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था अभी भी कई जी10 प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर स्थिति पेश कर रही है, जिसे मजबूत घरेलू मांग और सकारात्मक आर्थिक वृद्धि का सहारा मिल रहा है। हालांकि, हालिया आंकड़े मिले-जुले रहे हैं। व्यापार के मोर्चे पर देश ने अपनी मजबूती साबित की है, जहां जुलाई में 1.923 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का व्यापार अधिशेष दर्ज किया गया, जो जून के 2.341 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के अधिशेष के बाद आया है। इसके विपरीत, कारोबारी गतिविधियों की गति में कुछ सुस्ती दिखाई दी है। प्राथमिक आंकड़ों के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर में घटकर 49.3 पर आ गया, जो पूर्व में 52.0 था। इसी प्रकार सर्विसेज PMI भी 53.2 से घटकर 51.4 के स्तर पर आ गया।
आर्थिक वृद्धि की बात करें तो 2026 की दूसरी तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछली तिमाही के 0.3 प्रतिशत से थोड़ा बेहतर था। परंतु वार्षिक वृद्धि दर पूर्ववर्ती 2.5 प्रतिशत से फिसलकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई। रोजगार बाजार ने भी अगस्त में मिश्रित संकेत दिए हैं। अगस्त में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई, जबकि अर्थशास्त्रियों का अनुमान 4.5 प्रतिशत का था। दूसरी तरफ रोजगार परिवर्तन के आंकड़े ने चौंकाया और जुलाई में लगभग 16 हजार नौकरियों के नुकसान की भरपाई करते हुए अगस्त में 39.5 हजार नई नौकरियों का इजाफा दर्ज हुआ।
महंगाई लक्ष्य से ऊपर और रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का रुख
ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के लिए मुद्रास्फीति सबसे बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। जुलाई के आंकड़ों से पता चला है कि मूल्य दबाव RBA के 2 से 3 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य दायरे से काफी ऊपर बने हुए हैं। हेडलाइन महंगाई दर जुलाई में घटकर 3.5 प्रतिशत पर आई जो पहले 3.8 प्रतिशत थी, जबकि कोर महंगाई यानी ट्रिम्ड मीन 3.6 प्रतिशत पर स्थिर रही। इसके अतिरिक्त मेलबर्न इंस्टीट्यूट का उपभोक्ता मुद्रास्फीति प्रत्याशा सूचकांक सितंबर में 4.9 प्रतिशत पर स्थिर रहा। यह स्थिति दर्शाती है कि महंगाई को नियंत्रण में लाने का काम अभी अधूरा है। बैंक के नीति निर्माताओं का आकलन है कि मुद्रास्फीति 2028 की शुरुआत में ही लक्ष्य दायरे में वापस लौटेगी।
नीति निर्माताओं ने पिछली बैठकों में 25 आधार अंकों की संभावित बढ़ोतरी पर चर्चा की थी, लेकिन तब उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि वर्तमान नीतिगत रुख मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त रूप से सख्त है। बोर्ड ने संतुलित जोखिमों पर भी ध्यान दिया है, जिसमें घरों की कीमतों में गिरावट और रोजगार को गंभीर नुकसान पहुंचाए बिना महंगाई के कम होने की संभावना शामिल है। बाजार में फिलहाल वर्ष के अंत तक लगभग 42 आधार अंकों की नीतिगत सख्ती का अनुमान लगाया जा रहा है, और 29 सितंबर को होने वाली बैठक में आधिकारिक नकद दर (OCR) में 25 आधार अंकों की वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।
चीन का आर्थिक प्रभाव और सुस्त सुधार
ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के नाते चीन का आर्थिक स्वास्थ्य ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। चीन ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था को एक बुनियादी स्थिरता तो दे रहा है, लेकिन वह तीव्र विकास की गति प्रदान नहीं कर पा रहा है जो अतीत में ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूती देती रही है। अप्रैल-जून तिमाही में चीनी अर्थव्यवस्था में सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। औद्योगिक उत्पादन में साल-दर-साल आधार पर 5.2 प्रतिशत का विस्तार हुआ और जुलाई में चीन का व्यापार अधिशेष बढ़कर 119.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
हालांकि, चीन में उपभोक्ता खर्च अभी भी दबाव में है, जहां खुदरा बिक्री सालाना आधार पर महज 0.4 प्रतिशत बढ़ी। नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के अनुसार अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग PMI 49.2 से सुधरकर 49.8 पर आ गया, जबकि सर्विसेज PMI 49.0 पर अपरिवर्तित रहा। निजी क्षेत्र के रेटिंगडॉग सर्वेक्षण में मैन्युफैक्चरिंग 51.5 और सर्विसेज 51.4 पर रहकर विस्तार के दायरे में दिखे। चीन में मूल्य सूचकांकों की बात करें तो अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) सालाना आधार पर 0.8 प्रतिशत बढ़ा, जो जुलाई में 0.5 प्रतिशत था, जबकि उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) में 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने हाल ही में अपने लोन प्राइम रेट्स को यथावत रखा है, जिसमें एक वर्षीय दर 3.00 प्रतिशत और पांच वर्षीय दर 3.50 प्रतिशत पर टिकी हुई है। इसके अलावा कारोबारी ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक पर भी सतर्क नजर बनाए हुए हैं।
कमोडिटी और तकनीकी स्तरों का खेल
ऑस्ट्रेलिया के लिए लौह अयस्क (आयरन ओर) सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है, जिसका वार्षिक मूल्य 2021 के आंकड़ों के मुताबिक 118 अरब डॉलर रहा है और चीन इसका मुख्य गंतव्य है। जब लौह अयस्क की कीमतें चढ़ती हैं, तो ऑस्ट्रेलिया का व्यापार संतुलन मजबूत होता है और ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की मांग बढ़ती है। विपरीत स्थिति में मुद्रा पर नकारात्मक असर पड़ता है।
कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के 15 सितंबर को समाप्त सप्ताह के आंकड़ों से पता चलता है कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर सट्टेबाजी में मंदी का रुख मजबूत हुआ है। नेट शॉर्ट पोजीशन बढ़कर लगभग 39 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स पर पहुंच गई, हालांकि 4-सप्ताह का शुद्ध बदलाव 5.2 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स पर रहकर यह संकेत देता है कि व्यापक मंदी का रुख बेकाबू नहीं हुआ है। ओपन इंटरेस्ट बढ़कर करीब 494.1 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स पर पहुंच गया है, जो स्पष्ट करता है कि व्यापारी नई शॉर्ट पोजीशन बना रहे हैं। सट्टेबाजी का शुद्ध एक्सपोजर -7.9 प्रतिशत पर है।
तकनीकी चार्ट पर प्रतिरोध स्तरों की बात करें तो पहला तत्काल अवरोध 200-दिवसीय SMA पर 0.7022 पर मौजूद है। इसके बाद 100-दिवसीय SMA 0.7073 और क्षैतिज अवरोध 0.7079 पर स्थित है, जिसके ठीक ऊपर 55-दिवसीय SMA 0.7081 पर एक मजबूत दीवार बनाता है। यदि यह जोड़ी और ऊपर निकलती है, तो 0.7200 के पार 2026 का उच्च स्तर 0.7278 से 0.7283 और फिर 0.7300 तथा 2022 का उच्चतम स्तर 0.7593 और 0.7661 का दूरस्थ लक्ष्य सामने आएगा। दूसरी तरफ, गिरावट की स्थिति में तत्काल समर्थन 24 सितंबर के निचले स्तर 0.7007 और फिर 0.7001 पर है। यदि 0.7000 का स्तर टूटता है, तो 29 जुलाई के निचले स्तर 0.6922 की पुनः परीक्षा हो सकती है, जिसके नीचे 0.6833, 0.6660, 0.6593 और 0.6414 से 0.6373 के दीर्घकालिक ढांचागत समर्थन स्तर मौजूद हैं।
अन्य वैश्विक संपत्तियों का हाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में भी अमेरिकी डॉलर की ताकत का असर देखा गया। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। इसके बावजूद USD/JPY तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से फिसलकर एशियाई सत्र में 158.00 के करीब आ गया। वहीं सर्राफा बाजार में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं के कारण सोना कमजोर होकर 4,250 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे आ गया। आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल वैश्विक जोखिम की भावना, कच्चे माल की मांग और आरबीए की 29 सितंबर की दर घोषणा से तय होगी।



















