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AUD/USD की उड़ान: मजबूत ऑस्ट्रेलियन रोजगार आंकड़ों ने कीमतों को 0.7000 के पार पहुंचायाबाज़ार
23 जुल॰ 2026, 1:46 pm (2 दिन पहले)· 0

AUD/USD की उड़ान: मजबूत ऑस्ट्रेलियन रोजगार आंकड़ों ने कीमतों को 0.7000 के पार पहुंचाया

ऑस्ट्रेलिया से आए शानदार रोजगार आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियन डॉलर को भारी मजबूती प्रदान की है, जिससे यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के अहम स्तर को पार कर गया है। वहीं दूसरी ओर भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिज़र्व की नीतियों के कारण विदेशी मुद्रा बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

AUD/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण23 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD अभी 0.70 पर है, जबकि EMA20 0.70, EMA50 0.70 और EMA200 0.69 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 (0.70) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 (0.69) टूटने पर गिरावट खुलती है।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD की MACD लाइन अपने सिग्नल के ऊपर है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

AUD/USD मुद्रा जोड़ी ने हाल ही में विदेशी मुद्रा बाज़ार में काफी मजबूत सकारात्मक गति हासिल की है और 0.7000 के प्रमुख मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है। वर्तमान में यह जोड़ी 0.7005 के स्तर पर कारोबार कर रही है और आज इसमें 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य कारण ऑस्ट्रेलिया से आने वाले बेहद मजबूत रोजगार के आंकड़े हैं। जब किसी देश में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ते हैं, तो यह उस देश की एक स्वस्थ और मजबूत अंतर्निहित अर्थव्यवस्था का सीधा संकेत देता है। इसके परिणामस्वरूप, बाज़ार के निवेशकों को यह उम्मीद होने लगती है कि रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया महंगाई को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए अपनी ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है या उन्हें और भी बढ़ा सकता है। उच्च ब्याज दरें हमेशा विदेशी निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर ऑस्ट्रेलियन डॉलर की मांग में भारी इज़ाफ़ा होता है। विदेशी मुद्रा बाज़ार के अनुभवी व्यापारी और वित्तीय विश्लेषक इन घरेलू आर्थिक संकेतकों पर बहुत बारीकी से नज़र रख रहे हैं क्योंकि वे मौजूदा तेजी को एक ठोस बुनियादी आधार प्रदान करते हैं। बाज़ार के व्यापक रुझानों के विश्लेषण से पता चलता है कि ऑस्ट्रेलियन डॉलर ने अपने कई बड़े प्रतिस्पर्धियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। विशेष रूप से, हालिया कारोबारी सत्रों में इसने न्यूज़ीलैंड डॉलर के मुकाबले बाज़ार में सबसे मजबूत प्रदर्शन करके दिखाया है।

अमेरिकी डॉलर की स्थिति: भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिज़र्व

जहां एक ओर ऑस्ट्रेलियन डॉलर को अपने घरेलू स्तर पर कई अनुकूल परिस्थितियों का सीधा लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर इस समय भू-राजनीतिक और मौद्रिक नीति के अत्यधिक जटिल कारकों से जूझ रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय तनाव ने अमेरिकी डॉलर की संभावित गिरावट को काफी हद तक सीमित करके रखा हुआ है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ा संघर्ष या भारी अनिश्चितता का माहौल होता है, तो दुनिया भर के निवेशक हमेशा सुरक्षित और स्थिर निवेश विकल्पों की तलाश करते हैं। ऐसे जोखिम भरे आर्थिक माहौल में अमेरिकी डॉलर निवेशकों की पहली और सबसे बड़ी पसंद बना रहता है। यह भू-राजनीतिक प्रीमियम एक तरह के मजबूत सुरक्षा कवच का काम करता है, जो डॉलर को अन्य सभी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले बहुत तेज़ी से गिरने से रोकता है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर बाज़ार में अटकलों का दौर भी तेज़ हो गया है। अमेरिका में ऊर्जा की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई का जबरदस्त दबाव बन रहा है। इस स्थिति से फेडरल रिज़र्व के आक्रामक कदम उठाने की पूरी संभावना बनी हुई है। भू-राजनीतिक चिंताएं और मौद्रिक नीति की उम्मीदें, दोनों कारक मिलकर AUD/USD मुद्रा जोड़ी के लिए एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण और जटिल माहौल तैयार कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की शानदार आर्थिक सकारात्मकता के बावजूद, अमेरिकी डॉलर की यह स्थिति इसकी संभावित बढ़त को किसी भी समय रोक सकती है।

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तकनीकी विश्लेषण: समर्थन और प्रतिरोध के प्रमुख स्तर

तकनीकी विश्लेषण के विस्तृत दृष्टिकोण से देखा जाए, तो AUD/USD जोड़ी की वर्तमान स्थिति स्पष्ट रूप से बुल्स यानी खरीदारी करने वालों के पक्ष में मजबूती से नज़र आ रही है। बाज़ार के मौजूदा लाइव आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी एक बहुत ही स्पष्ट और दीर्घकालिक अपट्रेंड का अनुसरण कर रही है। इसे 50-दिन और 200-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के बीच बने महत्वपूर्ण गोल्डन क्रॉस से और भी ज्यादा मजबूती मिलती है। फिलहाल 50-दिन का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.7010 के स्तर पर है और यह 0.6877 के 200-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से सफलतापूर्वक ऊपर निकल गया है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स इस समय 54 पर स्थित है, जो बाज़ार की एक तटस्थ स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि बाज़ार अभी न तो ओवरबॉट की स्थिति में गया है और न ही ओवरसोल्ड के स्तर पर है, जिससे कीमतों के और भी ऊपर जाने की पूरी गुंजाइश बनी हुई है। इस परिसंपत्ति ने 0.6415 से लेकर 0.7277 तक की विशाल 52-सप्ताह की रेंज में अपना कारोबार किया है, जो यह दर्शाता है कि इसने बाज़ार में कितनी शानदार वापसी की है। हालांकि, तकनीकी मोमेंटम संकेतकों से थोड़ा सतर्क रहने का इशारा भी मिलता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डायवर्जेंस का हिस्टोग्राम शून्य रेखा के ठीक नीचे आकर स्थिर हो गया है। यह स्पष्ट रूप से बताता है कि बाज़ार की गति सकारात्मक तो है लेकिन इसमें कोई बहुत बड़ा या आक्रामक उछाल नहीं दिख रहा है।

अगर यह जोड़ी अपनी तेजी को इसी तरह बरकरार रखती है, तो इसका सामना 0.7033 पर मौजूद 50.0 प्रतिशत के स्तर पर पहले प्रारंभिक प्रतिरोध से होगा। इसके तुरंत बाद, 0.7040 पर आर2 पिवट प्रतिरोध का भारी दबाव भी झेलना पड़ सकता है। इसकी अगली सबसे बड़ी तकनीकी बाधा 0.7072 पर स्थित 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर पर खड़ी है। अगर बाज़ार में खरीदारों का दबाव लगातार बना रहता है, तो 0.7129 पर 78.6 प्रतिशत के स्तर और 0.7201 पर पिछले उच्चतम स्तर के आसपास और भी मजबूत बाधाएं पहले से मौजूद हैं। दूसरी तरफ, अगर बाज़ार में अचानक गिरावट आती है, तो इसका तत्काल समर्थन 0.6993 पर 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके ठीक बाद 0.6988 पर एस1 पिवट सपोर्ट और 0.6976 पर 100-अवधि का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज बचाव के लिए खड़ा होगा। अगर बाज़ार में बहुत गहरी गिरावट होती है, तो यह 0.6944 पर 23.6 प्रतिशत के रिट्रेसमेंट स्तर का फिर से परीक्षण कर सकता है। बाज़ार का यह बेहद मजबूत बुलिश ढांचा केवल और केवल तभी गंभीर खतरे में पड़ेगा जब कीमतें 0.6865 के पास अपने सबसे निचले स्तर की ओर तेज़ी से खिसकेंगी। यह स्तर 20-दिन के बोलिंजर बैंड की निचली सीमा के बिल्कुल करीब है।

वैश्विक मुद्रा बाज़ार: यूरो और ब्रिटिश पाउंड का प्रदर्शन

AUD/USD मुद्रा जोड़ी के अलावा, कई अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में भी बहुत ही महत्वपूर्ण और दिलचस्प मूल्य गतिविधियां देखी जा रही हैं। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान, GBP/USD जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए 1.3385 के स्तर के आसपास अपना कारोबार किया। हालांकि, यूनाइटेड किंगडम में उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़ों के सामने आने के कारण ब्रिटिश पाउंड को कुछ विपरीत आर्थिक परिस्थितियों का सीधा सामना करना पड़ रहा है। इन आंकड़ों से बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा आक्रामक रूप से अपनी ब्याज दरें बढ़ाने की सभी उम्मीदें काफी कम हो गई हैं। इसके साथ ही, मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी इस पूरी मुद्रा जोड़ी में भारी अस्थिरता पैदा करके रख दी है। बाज़ार के सभी निवेशक और अर्थशास्त्री अब शुक्रवार को जारी होने वाली यूनाइटेड किंगडम की रिटेल सेल्स रिपोर्ट का बेहद बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट से वहां के उपभोक्ता खर्च और देश के समग्र आर्थिक स्वास्थ्य के बारे में बहुत अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।

इस बीच, EUR/USD जोड़ी ने बाज़ार में लगातार दूसरे दिन अपनी अच्छी बढ़त को कायम रखा है और वर्तमान में यह 1.1410 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास अपना कारोबार कर रही है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के आगामी बहुप्रतीक्षित ब्याज दर के फैसले से ठीक पहले निवेशकों ने अपनी स्थिति को पूरी तरह से मजबूत कर लिया है। यूरोपीय नीति निर्माताओं के किसी भी कड़े रुख से यूरो को बाज़ार में और भी ऊपर जाने में बहुत बड़ी मदद मिल सकती है, जबकि कोई भी नरम फैसला कीमतों में एक भारी और अचानक गिरावट का कारण बन सकता है।

कमोडिटी बाज़ार में तेज़ी: कच्चे तेल और सोने की कीमतों में उबाल

मुद्रा बाज़ारों को बहुत गहराई तक प्रभावित करने वाली भू-राजनीतिक चिंताओं ने वैश्विक कमोडिटी बाज़ार में भी भारी अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है। कच्चे तेल की कीमतें 11 जून के बाद से अपने एक बिल्कुल नए उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी हैं। तेल की कीमतों में आए इस भारी उछाल का सीधा संबंध संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते हुए तनावपूर्ण संबंधों से है। ऊर्जा की ये ऊंची कीमतें दुनिया भर की कई अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक दोधारी तलवार की तरह काम कर रही हैं। एक तरफ, ये सभी तेल निर्यातक देशों को बहुत बड़ा आर्थिक फायदा पहुंचाती हैं, लेकिन दूसरी तरफ ये वैश्विक महंगाई की गंभीर चिंताओं को भी भड़काती हैं। महंगाई के लगातार बढ़ने के डर से बाज़ार को यह स्पष्ट रूप से लगने लगता है कि फेडरल रिज़र्व आने वाले समय में अपनी ब्याज दरों में और भी अधिक बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर हो सकता है।

कच्चे तेल के साथ-साथ, सुरक्षित माने जाने वाले सोने की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। सोने ने 4,100 डॉलर के प्रमुख मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक ऊपर अपनी स्थिति को पूरी तरह से मजबूत कर लिया है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यह कीमती धातु अपनी भारी बढ़त को समेकित करने का प्रयास कर रही है। पिछले दिन यह अपने दो सप्ताह से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जहां से आई एक बहुत ही मामूली गिरावट अब पूरी तरह रुक गई है। जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं और भू-राजनीतिक जोखिम किसी भी तरह से कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं, सोना सभी घबराए हुए निवेशकों के लिए अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने का सबसे बेहतरीन और पसंदीदा विकल्प बना हुआ है।

क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार: क्या मंदी का दौर खत्म होने वाला है?

डिजिटल एसेट और क्रिप्टोकरेंसी पारिस्थितिकी तंत्र में भी इस समय कई नए और दिलचस्प घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। प्रमुख निवेश फर्म बिटवाइज़ के मुख्य निवेश अधिकारी मैट होगन ने हाल ही में अपना विश्लेषण साझा करते हुए कहा था कि अगला बड़ा क्रिप्टोकरेंसी बुल मार्केट पारंपरिक वित्त प्रणाली और ब्लॉकचेन-आधारित वित्तीय बुनियादी ढांचे के बीच बढ़ते अभिसरण से प्रेरित होकर आगे बढ़ सकता है। होगन ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में बताया कि मौजूदा क्रिप्टो बाज़ार अपने निचले स्तर के शुरुआती लेकिन स्पष्ट संकेत दिखा रहा है। उन्होंने विभिन्न परिसंपत्तियों के प्रदर्शन में एक बहुत ही स्पष्ट अंतर का उल्लेख किया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 1 जुलाई के बाद से जहां एक तरफ नैस्डैक 100 जैसे पारंपरिक शेयर सूचकांकों में 6 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने इसी अवधि के दौरान 9 प्रतिशत की एक बहुत ही शानदार बढ़त हासिल करके दिखाई है।

अल्टकॉइन स्पेस में भी बहुत हलचल देखी जा रही है। रिपल और स्टेलर जैसे बेहद लोकप्रिय टोकन अपने प्रमुख तकनीकी स्तरों के बीच बहुत ही सावधानी के साथ अपना कारोबार कर रहे हैं। एक्सआरपी टोकन वर्तमान में अपने 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के पास एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रतिरोध का परीक्षण करने में लगा हुआ है। इसी समय, एक्सएलएम 0.187 डॉलर के महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र के ठीक आसपास अपनी स्थिति को पूरी तरह मजबूत कर रहा है। डेरिवेटिव बाज़ार के उपलब्ध आंकड़े अभी भी मिले-जुले संकेत दे रहे हैं, जिनका झुकाव थोड़ा मंदी की तरफ दिखाई देता है। इससे यह स्पष्ट रूप से पता चलता है कि सभी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी व्यापारी अभी भी बाज़ार में हिचकिचा रहे हैं और वे कोई बड़ा निवेश करने से पहले बाज़ार में किसी बहुत ही स्पष्ट दिशात्मक संकेत का इंतज़ार कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

AUD/USD मुद्रा जोड़ी में उछाल का मुख्य कारण क्या है?
ऑस्ट्रेलिया से आए बेहद मजबूत रोजगार के आंकड़ों ने बाज़ार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर की मांग बढ़ा दी है, जिससे AUD/USD जोड़ी 0.7000 के स्तर को पार कर गई है।
क्या रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ब्याज दरें बढ़ाएगा?
मजबूत रोजगार आंकड़ों को देखते हुए बाज़ार को उम्मीद है कि रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया महंगाई को रोकने के लिए अपनी ब्याज दरों को बढ़ा सकता है या उन्हें स्थिर रख सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि क्यों हो रही है?
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 11 जून के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
सोने की कीमत किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई के डर के बीच, सोना 4,100 डॉलर के प्रमुख मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर मजबूती से कारोबार कर रहा है।
क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार के बारे में बिटवाइज़ की क्या रिपोर्ट है?
बिटवाइज़ के मैट होगन के अनुसार, क्रिप्टो बाज़ार अपने निचले स्तर से उबरने के संकेत दे रहा है और 1 जुलाई के बाद से बिटकॉइन ने 9 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।
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