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ऑस्ट्रेलिया में 4.5 फीसदी पर स्थिर रह सकती है बेरोजगारी दर, नए रोजगार आंकड़ों से पहले गिरा डॉलरबाज़ार
24 सित॰ 2026, 3:13 am (22 मिनट पहले)· 0

ऑस्ट्रेलिया में 4.5 फीसदी पर स्थिर रह सकती है बेरोजगारी दर, नए रोजगार आंकड़ों से पहले गिरा डॉलर

ऑस्ट्रेलिया में अगस्त के रोजगार आंकड़े आने से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट दर्ज की गई है। अनुमान है कि देश में 20,000 नए रोजगार जुड़े हैं और बेरोजगारी दर 4.5 प्रतिशत पर टिकी रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बीच ऑस्ट्रेलिया के रोजगार बाजार से जुड़े ताजा आंकड़े सामने आने वाले हैं। अर्थशास्त्रियों और बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त के दौरान देश की बेरोजगारी दर 4.5 प्रतिशत पर स्थिर बनी रह सकती है। जुलाई में 15,800 नौकरियों की शुद्ध गिरावट के बाद अगस्त महीने में लगभग 20,000 नए रोजगार जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। इस घोषणा से ठीक पहले मुद्रा विनिमय बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर लगातार दबाव दिखाई दे रहा है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मनोवैज्ञानिक स्तर 0.7000 के बेहद करीब पहुंच गया है।

ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा यह आधिकारिक रिपोर्ट गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 01:30 बजे जारी की जानी है। बाजार के अनुमानों के मुताबिक भागीदारी दर भी पिछले महीने के समान 66.9 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहने की संभावना है। हालांकि यह आंकड़ा जुलाई के कमजोर नतीजों की तुलना में एक मामूली सुधार प्रदर्शित करेगा, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि केवल रोजगार के आंकड़े ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की दिशा में कोई बड़ा या टिकाऊ उलटफेर करने में सक्षम नहीं होंगे।

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श्रम बाजार में सुस्ती और केंद्रीय बैंक की प्राथमिकताएं

श्रम बाजार की आंतरिक स्थितियों पर नजर डालें तो हाल के महीनों में कुछ ढिलाई देखने को मिली है। रोजगार से जुड़े अग्रणी संकेतकों से यह स्पष्ट होता है कि निकट भविष्य में इस नरमी की गति बेहद सीमित रहने वाली है। हाल के दिनों में रोजगार बाजार की स्थितियां उम्मीद से थोड़ी अधिक सुस्त हुई हैं, फिर भी नीतिगत स्तर पर इसे लेकर बहुत गहरी चिंताएं व्यक्त नहीं की गई हैं।

ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के संचालक मंडल का मूल दायित्व मूल्य स्थिरता बनाए रखने के साथ पूर्ण रोजगार सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद बैंक का प्राथमिक ध्यान इस बात पर टिका हुआ है कि अर्थव्यवस्था में ऊंची महंगाई दर जड़ें न जमा ले। बैंक के मौद्रिक नीति बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि आगामी ब्याज दर निर्णयों को तय करने में रोजगार आंकड़ों की भूमिका बेहद सीमित या नगण्य रहने की संभावना है।

अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक भू-राजनीति का असर

विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की तेज मजबूती ने अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव काफी बढ़ा दिया है। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की तरफ से आए सख्त और आक्रामक बयानों के बाद ग्रीनबैक में आई तेजी के कारण ऑस्ट्रेलियाई और अमेरिकी डॉलर का युग्म गिरकर 0.7100 के नीचे एक महीने के निचले स्तर पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से नीतिगत दरों में और सख्ती किए जाने की बढ़ती संभावनाएं प्रमुख कारण मानी जा रही हैं।

दूसरी ओर, मध्य पूर्व के तनाव को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत जरूर मिले हैं, जिसका असर व्यापक बाजार धारणा पर पड़ा है। ईरान की तरफ से यह बयान सामने आया था कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका उस पर सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाता है, तो वह कुछ ही दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल सकता है। दोनों पक्षों के बीच परोक्ष बातचीत संपन्न होने की खबरों से इस गतिरोध के जल्द समाधान की उम्मीदें बढ़ी थीं, हालांकि इस कूटनीतिक प्रगति के बावजूद डॉलर की सुरक्षित निवेश मांग में विशेष कमी नहीं आई।

तकनीकी स्तर और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति

मुद्रा बाजार के तकनीकी परिदृश्य को देखें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव बुधवार को और गहरा गया। यह मुद्रा युग्म अगस्त की शुरुआत में देखे गए निचले स्तरों यानी 0.7000 के निचले दायरे में फिसल गया है। मुद्रा विश्लेषक बेडनारिक के अनुसार, यदि यह जोड़ी 0.7030 के स्तर से नीचे फिसलती है, तो इसमें और बड़ी गिरावट का जोखिम बढ़ जाएगा। यह 0.7030 का स्तर तात्कालिक समर्थन क्षेत्र के रूप में काम कर रहा है, जिसके टूटने पर अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 0.6970 पर देखने को मिल सकता है।

ऊपरी स्तरों की बात करें तो विक्रेताओं की पहली मजबूत कतार 0.7100 के स्तर पर मौजूद है, जिसके बाद अगला और अधिक मजबूत प्रतिरोध 0.7130 के क्षेत्र में स्थित है। जब तक मुद्रा इन बाधाओं को पार नहीं करती, तब तक किसी बड़े उछाल की उम्मीद कम ही है। यदि रोजगार आंकड़े अपेक्षा से कहीं अधिक मजबूत आते हैं, तो अल्पावधि में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मांग में तात्कालिक सुधार हो सकता है, लेकिन यह बढ़त लंबे समय तक टिकेगी या नहीं, यह अमेरिकी डॉलर की गति और वैश्विक जोखिम धारणा पर निर्भर करेगा।

अर्थव्यवस्था में श्रम बाजार और मजदूरी वृद्धि का महत्व

किसी भी अर्थव्यवस्था की सेहत का सटीक आकलन करने के लिए श्रम बाजार की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण पैमानों में से एक होती है। जब रोजगार के अवसर अधिक होते हैं और बेरोजगारी कम रहती है, तो उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता बढ़ती है, जिससे समग्र आर्थिक विकास को गति मिलती है और घरेलू मुद्रा को समर्थन प्राप्त होता है। इसके विपरीत, जब श्रम बाजार अत्यधिक कड़ा हो जाता है अर्थात खुले पदों को भरने के लिए श्रमिकों की कमी हो जाती है, तो इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ता है क्योंकि मांग अधिक और आपूर्ति कम होने से वेतन में तीव्र वृद्धि होती है।

अर्थव्यवस्था में मजदूरी वृद्धि की रफ्तार नीति निर्माताओं के लिए विशेष रूप से संवेदनशील होती है। जब वेतन बढ़ता है, तो परिवारों के पास खर्च करने के लिए अधिक पूंजी उपलब्ध होती है, जिससे उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ने लगती हैं। ऊर्जा की अस्थिर कीमतों की तुलना में मजदूरी वृद्धि को मुद्रास्फीति का एक अंतर्निहित और स्थायी हिस्सा माना जाता है, क्योंकि एक बार वेतन बढ़ जाने के बाद उसमें कटौती करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता। यही कारण है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों को तय करते समय वेतन वृद्धि के आंकड़ों पर बहुत गहराई से नजर रखते हैं।

केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग नीतिगत जनादेश

विभिन्न वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा श्रम बाजार को दिया जाने वाला महत्व उनके वैधानिक जनादेश पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पास दोहरा जनादेश है, जिसमें अधिकतम रोजगार को बढ़ावा देना और कीमतों को स्थिर रखना दोनों शामिल हैं। इसके विपरीत, यूरोपीय सेंट्रल बैंक का एकमात्र प्राथमिक लक्ष्य महंगाई को पूरी तरह नियंत्रण में रखना है। हालांकि औपचारिक जनादेश चाहे जो भी हो, श्रम बाजार की परिस्थितियां हर केंद्रीय बैंक के लिए नीति निर्माण का अनिवार्य आधार बनी रहती हैं क्योंकि उनका सीधा संबंध आर्थिक विकास और मूल्य वृद्धि से होता है।

ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो महीने के समाप्त होने के लगभग 15 दिनों बाद श्रम बाजार की यह समीक्षा जारी करता है। इसमें बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा परखा जाने वाला पैमाना है क्योंकि यह उपभोक्ता खर्च और महंगाई से सीधे जुड़ी होती है। भले ही यह एक लैगिंग संकेतक हो, यानी पहले बीत चुकी अवधि की तस्वीर पेश करता हो, फिर भी यह ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के ब्याज दर फैसलों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। सामान्यतः मजबूत और सकारात्मक आंकड़े ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए अनुकूल माने जाते हैं। इस बार बाजार की नजरें कुल संख्या के साथ-साथ पूर्णकालिक और अंशकालिक नौकरियों के अलग-अलग विभाजन पर भी टिकी रहेंगी।

वैश्विक बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों की चाल

वैश्विक वित्तीय बाजारों में बुधवार को अन्य संपत्तियों में भी तेज हलचल दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के बीच बैंक ऑफ जापान के रुख ने भी ध्यान आकर्षित किया। बैंक ऑफ जापान ने अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जिसे मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है और यह विश्लेषकों के अनुमानों के पूरी तरह अनुकूल रहा। हालांकि इसके बावजूद जापानी येन में कमजोरी बनी रही और एशियाई सत्र में डॉलर-येन की जोड़ी 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार करती दिखी।

दूसरी तरफ, सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु यानी सोने पर भी गहरा दबाव देखा गया। पिछले दो दिनों की बढ़त को पीछे छोड़ते हुए सोना सप्ताह के मध्य में भारी गिरावट का शिकार हुआ। अमेरिकी डॉलर में आई जोरदार वापसी और अमेरिकी मुद्रा बाजार के सकारात्मक माहौल के चलते सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,300 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया, जो इसके एक सप्ताह के निचले स्तर को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर निवेशक आगामी ट्रंप और शी की बैठक से पहले अमेरिकी-ईरानी परोक्ष वार्ता की समाप्ति पर भी सतर्कता से नजर बनाए हुए हैं।

सवाल-जवाब

अगस्त में ऑस्ट्रेलिया की बेरोजगारी दर कितने प्रतिशत रहने का अनुमान है?
विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त में ऑस्ट्रेलिया की बेरोजगारी दर बिना किसी बदलाव के 4.5 प्रतिशत पर स्थिर रहेगी।
अगस्त महीने में देश में कितने नए रोजगार जुड़ने की उम्मीद है?
ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में अगस्त के दौरान लगभग 20,000 नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
जुलाई के महीने में रोजगार का क्या आंकड़ा रहा था?
जुलाई महीने में ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में 15,800 नौकरियों की शुद्ध गिरावट दर्ज की गई थी।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए तात्कालिक तकनीकी समर्थन स्तर क्या है?
मुद्रा विश्लेषक बेडनारिक के अनुसार तात्कालिक समर्थन स्तर 0.7030 पर है, जिसके नीचे टूटने पर 0.6970 अगला स्तर होगा।
बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।
सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद क्या स्तर देखा गया?
अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण सोना गिरकर 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया।
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