घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर को सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने की संभावनाओं ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है। पिछले कारोबारी सत्र में प्रमुख सूचकांकों ने निचले स्तरों से उबरते हुए मजबूती दर्ज की थी, और अब बाजार प्रतिभागी वैश्विक संकेतों के साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
ब्रेंट क्रूड का 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसलना भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू इक्विटी के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। इसके अलावा युद्ध के मोर्चे पर समाधान की दिशा में सकारात्मक कदमों की उम्मीद ने भी बाजार के माहौल को सहारा दिया है। हालांकि, तकनीकी विश्लेषक अभी भी मान रहे हैं कि व्यापक रुझान में निर्णायक बदलाव आने से पहले बाजार कुछ समय कंसॉलिडेशन के दायरे में बिता सकता है।
भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल का रुख तय करेगा दिशा
बाजार की निकट अवधि की चाल काफी हद तक बाहरी कारकों पर निर्भर रहने वाली है। पश्चिम एशिया में होने वाले नए घटनाक्रम, ब्रेंट क्रूड की घटती-बढ़ती कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी या खरीदारी का दायरा सूचकांकों के उतार-चढ़ाव को दिशा देगा। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि युद्ध के मोर्चे पर संभावित समाधान से जुड़ी सकारात्मक खबरों से बाजार की धारणा सुधरी है, जिससे निकट अवधि में भारतीय इक्विटी में धीरे-धीरे बढ़त का सिलसिला जारी रह सकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक संकेत और विदेशी निवेश का प्रवाह आने वाले सत्रों में सबसे अहम चालक बने रहेंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की दरें सीमित दायरे में रहेंगी, घरेलू बाजार को निचले स्तरों पर सहारा मिलता रहेगा। लेकिन इसके साथ ही वैश्विक बाजारों की हलचल पर भी निवेशकों को सतर्क दृष्टि रखनी होगी, क्योंकि किसी भी प्रतिकूल अंतरराष्ट्रीय खबर का सीधा असर घरेलू भावना पर पड़ सकता है।
निफ्टी के लिए 23,115 से 23,650 का अहम दायरा
तकनीकी चार्ट पर निफ्टी ने पिछले कारोबारी सत्र में दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद होकर सुधार के स्पष्ट संकेत दिए थे। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, सूचकांक ने दैनिक चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई है। हालांकि, यह कैंडल पिछले सत्र के कारोबारी दायरे के भीतर ही सिमटी रही, जो किसी बड़े ट्रेंड रिवर्सल के बजाय एक सीमित दायरे के कंसॉलिडेशन की ओर इशारा करती है।
ब्रोकरेज का आकलन है कि निफ्टी अत्यधिक ओवरसोल्ड जोन से बाहर निकलकर पुलबैक दिखा रहा है, जिसके चलते आने वाले दिनों में सेक्टर और स्टॉक आधारित गतिविधियां अधिक प्रभावी रह सकती हैं। यदि गिरावट आती है, तो मंगलवार का निचला स्तर 23,285 अंक सबसे पहला समर्थन होगा। यदि यह स्तर टूटता है, तो सूचकांक पिछले सप्ताह के निचले स्तर 23,116 तक फिसल सकता है।
ऊपरी मोर्चे पर बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का अनुमान है कि निफ्टी 23,115 से 23,650 के विस्तृत दायरे में कारोबार का विस्तार कर सकता है। 23,600 से 23,650 का क्षेत्र एक प्रमुख रुकावट के रूप में काम करेगा, क्योंकि यह पिछले हफ्ते का उच्चतम स्तर होने के साथ-साथ हालिया ब्रेकडाउन का क्षेत्र भी है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि मौजूदा डाउनट्रेंड पर पूर्ण विराम लगाने और रुझान को मजबूती देने के लिए निफ्टी को दैनिक चार्ट पर हायर हाई और हायर लो का ढांचा तैयार करते हुए 23,650 के स्तर के ऊपर टिकना होगा।
बैंक निफ्टी: 56,000 के ऊपर मजबूती, 57,000 पर कड़ा प्रतिरोध
बैंकिंग सूचकांक बैंक निफ्टी में भी पिछले सत्र के दौरान एक बुलिश कैंडल देखी गई, लेकिन यह भी पिछले कारोबारी दिन के दायरे में ही बंद हुई। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के मुताबिक, पिछले छह कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी पिछले मंगलवार को बनी बड़ी मंदी वाली कैंडल के दायरे में ही फंसा हुआ है। यह स्थिति दर्शाती है कि हालिया गिरावट के बाद सूचकांक में ठहराव और कंसॉलिडेशन चल रहा है।
सकारात्मक पहलू यह है कि बैंक निफ्टी अभी भी 56,000 के अहम स्तर के ऊपर टिका हुआ है। यह स्तर सूचकांक के पिछले 12 सप्ताह के 56,000 से 58,700 के कारोबारी दायरे का निचला सिरा है। इसके बावजूद व्यापक तकनीकी संरचना अभी भी सतर्क रहने की सलाह देती है, क्योंकि सूचकांक 57,000 के कड़े प्रतिरोध के नीचे बना हुआ है और साप्ताहिक चार्ट पर अभी तक हायर हाई और हायर लो का टिकाऊ पैटर्न नहीं बन पाया है।
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का अनुमान है कि बैंक निफ्टी आने वाले सत्रों में 55,700 से 57,000 के दायरे में कारोबार जारी रख सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार यदि सूचकांक दैनिक चार्ट पर हायर हाई और हायर लो पैटर्न के साथ 57,000 के स्तर के ऊपर टिकाऊ क्लोजिंग देने में सफल रहता है, तो यह मौजूदा डाउनट्रेंड के थमने का संकेत होगा।
बैंक निफ्टी के लिए प्रमुख सपोर्ट और ब्रेकडाउन का जोखिम
यदि बैंक निफ्टी में मुनाफावसूली या बिकवाली का दबाव दोबारा गहराता है, तो 56,000 से 55,700 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट जोन की भूमिका निभाएगा। ब्रोकरेज का कहना है कि यह स्तर पिछले दो हफ्तों के दौरान दर्ज किए गए निचले स्तरों के काफी करीब है। हालांकि यदि यह अहम सपोर्ट जोन निर्णायक रूप से टूट जाता है, तो बैंक निफ्टी में गिरावट बढ़कर पहले 55,200 और उसके बाद 54,800 के स्तर तक पहुंच सकती है। इसलिए ट्रेडर्स को दोनों ओर के महत्वपूर्ण लेवल्स पर नजर रखते हुए सख्त स्टॉपलॉस के साथ काम करने की सलाह दी जा रही है।


















