मंगलवार 24 जून को सर्राफा बाजार में निवेशकों को एक बार फिर झटका लगा. सोना और चांदी दोनों ही लगातार दूसरे दिन कमजोर पड़े. एमसीएक्स पर सुबह 9:40 बजे सोना 2234 रुपये की गिरावट के साथ 144295 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. चांदी की चमक तो और भी ज्यादा फीकी पड़ी, यह 3407 रुपये टूटकर 222427 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई.
विदेशी बाजार में भी यही हाल रहा. कॉमैक्स पर सोना 1.59% लुढ़ककर 4081 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 1.55% की गिरावट के साथ 61.110 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी.
बाकी कीमती धातुएं भी लुढ़कीं
गिरावट सिर्फ सोने-चांदी तक सीमित नहीं रही. प्लैटिनम में 0.9% की नरमी आई और यह 1,637.34 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. वहीं पैलेडियम की कीमत 1.2% गिरकर 1,223.29 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.
आपके शहर में क्या है सोने का रेट
चेन्नई के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 14,792 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 13,559 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट 11,339 रुपये प्रति ग्राम पर बिक रहा है. राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का दाम 14,474 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट का 13,269 रुपये और 18 कैरेट का 10,859 रुपये प्रति ग्राम रहा.
मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में भाव लगभग एक जैसे रहे. इन चारों शहरों में 24 कैरेट सोना 14,459 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 13,254 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट 10,844 रुपये प्रति ग्राम पर मिल रहा है.
क्यों गिर रहा है सोना
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आ रहे मजबूत आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की नीति को लेकर बदलती उम्मीदें मानी जा रही हैं. अगस्त डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स मंगलवार को 1.6% गिरकर 4,135 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गए. ग्लोबल लेवल पर देखें तो पिछले एक महीने में सोने के दाम करीब 10% तक टूट चुके हैं. इसके साथ ही एशियाई बाजारों में मांग कमजोर पड़ने के संकेत मिले हैं, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर दबाव और बढ़ गया है.
डॉयचे बैंक ने घटाया अनुमान
जर्मनी के बड़े बैंक डॉयचे बैंक ने सोने की कीमतों को लेकर अपने पुराने अनुमान में 20% से भी ज्यादा की कटौती कर दी है. बैंक का मानना है कि अगर बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से 3 से 4 बार ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना मजबूत होती है, तो सोना गिरकर 3,800 डॉलर प्रति औंस तक आ सकता है. एमपीसी को लेकर बदलती उम्मीदों ने सोने के लिए जोखिम का पलड़ा नीचे की ओर झुका दिया है.
डॉयचे बैंक के विश्लेषक माइकल शुएह ने कहा कि बैंक के बेस केस अनुमान के मुताबिक, अगर फेडरल रिजर्व लंबे वक्त तक ब्याज दरों में कोई फेरबदल नहीं करता है, तो इस साल की चौथी तिमाही में सोना 4,800 डॉलर प्रति औंस तक टिक सकता है. लेकिन अगर आने वाले समय में बाजार कई बार ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद को कीमतों में जोड़ लेता है, तो सोने पर दबाव बढ़ेगा और दाम 3,800 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकते हैं.













