मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन के विनिमय दर में हालिया सत्रों के दौरान बढ़त दर्ज की गई है, जिसकी मुख्य वजह बैंक ऑफ जापान द्वारा उठाए गए नीतिगत कदम के बाद जापानी येन में आई व्यापक कमजोरी है। शुक्रवार को जापानी केंद्रीय बैंक ने अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर को 1.00% से 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.25% करने का फैसला किया था। इस बढ़ोतरी के बावजूद विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में कारोबारियों ने नीतिगत रुख को अपेक्षाकृत नरम माना, क्योंकि नौ सदस्यीय बोर्ड में से दो नीति निर्माताओं ने ब्याज दर बढ़ाने के विरोध में मतदान किया था। इसके अलावा बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने भविष्य में दरों में संभावित बदलाव के समय को लेकर बेहद सीमित मार्गदर्शन दिया, जिससे निवेशकों में यह धारणा बनी कि केंद्रीय बैंक आक्रामक सख्ती करने की जल्दी में नहीं है। वर्तमान लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार GBP/JPY 210.62 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 208.54 के मुकाबले 1.00% की दैनिक बढ़त दर्शाता है, जबकि इसका 52 सप्ताह का दायरा 197.50 से 219.52 के बीच दर्ज है।
तकनीकी संकेतकों में हल्का सुधार लेकिन मंदी का दबाव बरकरार
दैनिक चार्ट पर तकनीकी तस्वीर का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि हालिया उछाल के बावजूद मुद्रा जोड़ी का अल्पकालिक रुझान मंदड़ियों के पक्ष में बना हुआ है। हाजिर भाव 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे बना हुआ है, जो लगभग 213.00 से 214.50 के दायरे में केंद्रित हैं। ताजा तकनीकी गणनाओं में SMA 50 का स्तर 214.44 और SMA 200 का स्तर 213.07 पर है, जबकि एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के मोर्चे पर EMA 20 स्तर 211.07, EMA 50 स्तर 213.12 और EMA 200 स्तर 211.74 पर स्थित है। भाव वर्तमान में 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 210.65 के ठीक नीचे बना हुआ है, जो यह स्पष्ट करता है कि मूल्य सुधार का दायरा सीमित बना हुआ है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स पर नजर डालें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 44 के आसपास स्थिर है, जो बाजार में कमजोर मांग और खरीदारी की धीमी गति की पुष्टि करता है। लाइव 14-दिवसीय RSI रीडिंग 45 के स्तर पर है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस में शून्य रेखा के पास मामूली सुधार दिखा है, जहां लाइव MACD रीडिंग -1.77 और सिग्नल लाइन -1.69 पर है, जिससे -0.08 का हिस्टोग्राम दर्ज है। यह ढांचा किसी स्पष्ट तेजी के उलटफेर के बजाय केवल अस्थाई स्थिरीकरण का संकेत दे रहा है। इसके साथ ही एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स 37 पर एक मजबूत ट्रेंडिंग स्थिति को दर्शा रहा है, जबकि 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज 1.82 पर दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को तय कर रहा है। स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 37 और सिग्नल लाइन 23 पर बनी हुई है, जबकि बोलिंजर बैंड का निचला स्तर 204.39, मध्य स्तर 211.96 और ऊपरी स्तर 219.52 पर है, जिसके दायरे में ही भाव घूम रहा है।
अहम रेसिस्टेंस और सपोर्ट स्तर
ऊपरी दिशा में सुधार जारी रहने की स्थिति में पहला तात्कालिक रेसिस्टेंस 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 210.65 पर नजर आता है। इसके पार निकलने पर अगला अवरोध 50.0% रिट्रेसमेंट स्तर 211.76 और उसके बाद 61.8% रिट्रेसमेंट स्तर 212.87 पर स्थित है। यदि खरीदारी का दबाव और बढ़ता है, तो जोड़ी को 200-दिवसीय SMA स्तर 213.00 और 50 तथा 100-दिवसीय SMA के 214.30 से 214.35 के क्षेत्र में एक मजबूत तकनीकी बाधा का सामना करना पड़ सकता है। इसके ऊपर 78.6% रिट्रेसमेंट स्तर 214.46 और पिछला स्विंग हाई दायरा 216.47 के पास प्रमुख सीमा रेखा के रूप में काम कर रहा है। लाइव पिवट स्तरों के आधार पर धुरी बिंदु 210.18 पर है, जिसमें ऊपरी रेसिस्टेंस R1 211.10 और R2 211.57 पर दर्ज हैं, जबकि नीचे की ओर समर्थन स्तर S1 209.71 और S2 208.79 पर स्थित हैं। बीस दिवसीय सपोर्ट लगभग 207.10 और रेसिस्टेंस 217.46 के आसपास देखा गया है।
बैंक ऑफ जापान का मौद्रिक इतिहास और नीतिगत बदलाव
जापान का केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ जापान, देश में मौद्रिक नीति निर्धारित करने और बैंकनोट जारी करने के साथ-साथ मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुद्रा नियंत्रण का काम करता है, जिसके तहत लगभग 2% का मुद्रास्फीति लक्ष्य रखा गया है। कम मुद्रास्फीति के माहौल से निपटने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए केंद्रीय बैंक ने साल 2013 में अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति अपनाई थी। इस नीति का मुख्य आधार क्वांटिटेटिव और क्वालिटेटिव ईजिंग यानी नोट छापकर सरकारी और कॉरपोरेट बॉन्ड जैसी परिसंपत्तियां खरीदना था ताकि वित्तीय प्रणाली में तरलता बनी रहे। इसके बाद साल 2016 में बैंक ने अपनी रणनीति को और आक्रामक बनाते हुए पहले नकारात्मक ब्याज दरें लागू कीं और फिर 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड के यील्ड को सीधे नियंत्रित करने का तंत्र स्थापित किया। लंबे समय तक चले इस अभूतपूर्व प्रोत्साहन के बाद मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने आखिरकार ब्याज दरों में वृद्धि की और अपनी अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति से पीछे हटना शुरू किया।
इस व्यापक प्रोत्साहन कार्यक्रम के कारण जापानी येन में अपनी प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले भारी गिरावट देखने को मिली। साल 2022 और 2023 में यह गिरावट और तेज हो गई क्योंकि दुनिया भर के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंची महंगाई पर काबू पाने के लिए आक्रामक रूप से ब्याज दरों में इजाफा किया, जबकि बैंक ऑफ जापान अपनी उदार नीति पर अड़ा रहा। इस नीतिगत अंतर ने येन के मूल्य को काफी नीचे खींच लिया। हालांकि साल 2024 में केंद्रीय बैंक द्वारा अत्यधिक उदार रुख छोड़ने के फैसले के साथ इस प्रवृत्ति में आंशिक बदलाव शुरू हुआ। येन की कमजोरी और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल ने जापानी मुद्रास्फीति को बैंक ऑफ जापान के 2% लक्ष्य से ऊपर पहुंचा दिया, जिसे देश में वेतन वृद्धि की संभावनाओं ने भी समर्थन दिया।
वैश्विक वित्तीय बाजारों और मुद्राओं की व्यापक स्थिति
अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में जापानी येन आज कनाडाई डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में देखा गया, जबकि अन्य क्रॉस पर दबाव बना हुआ है। एशियाई कारोबारी सत्र में USD/JPY 157.00 के नीचे नरम हुआ, जहां शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा दर जांच के बाद संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को हल्का समर्थन दिया। हालांकि जापान में अवकाश के माहौल और रूस-यूक्रेन तथा मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच अमेरिकी डॉलर ने अपनी गिरावट पर विराम लगाया जिससे इस जोड़ी का निचला दायरा सीमित रहा। दूसरी ओर AUD/USD एशियाई सत्र में 0.7100 के ऊपर स्थिर बना रहा। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा लोन प्राइम रेट को यथावत रखे जाने का असर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दिखा, लेकिन रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों और आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले मुद्रा को सहारा मिला।
कमोडिटी बाजार में सोने पर यूरोपीय सत्र के पूर्वार्ध में दबाव दिखा और यह लगभग $4,350 पर कारोबार करता रहा, जिसमें दिन के दौरान 0.50% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। पीली धातु पिछले बुधवार को बने छह सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर टिकी हुई है, क्योंकि निवेशक मध्य पूर्व संकट के घटनाक्रमों और मुद्रास्फीति पर इसके प्रभाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर ब्याज दर अपेक्षाओं को प्रभावित करता है। वैश्विक वित्तीय बाजार तीसरी तिमाही के अंतिम सप्ताहों में प्रवेश करते हुए एक असामान्य स्थिति में हैं, जहां अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव बना हुआ है लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है। शुक्रवार देर शाम यूरोपीय और अमेरिकी सॉवरेन बॉन्ड यील्ड में तेजी के बाद शेयर बाजारों में मिश्रित रुझान देखा जा रहा है।
















