मुद्रा बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान ब्रिटिश पाउंड ने यूरो के सामने जोरदार बढ़त दर्ज की, जिसके चलते EUR/GBP मुद्रा जोड़ी फिसलकर 0.8540 के ताजा छह हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गई। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था की दूसरी तिमाही के अंतिम विकास आंकड़ों में हुए सकारात्मक संशोधन ने पाउंड स्टर्लिंग को बड़ा सहारा दिया है। इसके साथ ही तकनीकी चार्ट पर यह जोड़ी जुलाई के अंत से बने अपने चढ़ते चैनल के निचले हिस्से को तोड़कर नीचे आ गई है, जिससे मंदड़ियों की पकड़ और गहरी हो गई है। हालिया कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक EUR/GBP 0.8547 के करीब कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 0.8578 के मुकाबले 0.37 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
ब्रिटेन के मजबूत आर्थिक आंकड़ों से बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत सख्ती को मिला बल
बुधवार को जारी ब्रिटेन के अंतिम सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी आंकड़ों के अनुसार देश की अर्थव्यवस्था दूसरी तिमाही में 0.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी। सालाना आधार पर यह वृद्धि दर 1.4 प्रतिशत दर्ज की गई। यह प्रदर्शन पहले जारी किए गए शुरुआती अनुमानों क्रमशः 0.4 प्रतिशत और 1.2 प्रतिशत की तुलना में काफी बेहतर रहा है। आर्थिक गतिविधियों में आई इस अप्रत्याशित मजबूती ने वित्तीय बाजार में यह धारणा मजबूत कर दी है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का कदम उठा सकता है।
आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक खबर केवल जीडीपी तक ही सीमित नहीं रही। ब्रिटेन का चालू खाता घाटा दूसरी तिमाही में सुधरकर 19.932 अरब पाउंड पर आ गया। पहली तिमाही के घाटे के आंकड़े को भी संशोधित करके 21.12 अरब पाउंड किया गया था। वित्तीय बाजार के विश्लेषक दूसरी तिमाही में 25.6 अरब पाउंड के भारी घाटे का अनुमान लगा रहे थे, जिसके मुकाबले वास्तविक नतीजे काफी बेहतर रहे। इस आर्थिक सुधार ने विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड की मांग को तेजी से बढ़ाया और अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले पाउंड दिन का सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला सिक्का बन गया। पाउंड ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले सबसे तगड़ी बढ़त हासिल की।
तकनीकी संकेत: ओवरसोल्ड स्तरों के नजदीक सहारा तलाशती मुद्रा जोड़ी
लगातार बिकवाली के चलते यह मुद्रा जोड़ी अब ओवरसोल्ड स्तरों के बेहद करीब आ गई है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 41 के स्तर पर मौजूद है, जबकि स्टोकेस्टिक संकेतक की फास्ट लाइन 9 और सिग्नल लाइन 46 पर है। ये तकनीकी स्थितियां इशारा करती हैं कि आने वाले कारोबारी सत्रों में मंदड़ियों के लिए 0.8530 से 0.8540 के समर्थन दायरे को तोड़कर नीचे जाना आसान नहीं होगा। यदि बाजार में कोई सुधारात्मक उछाल आता है, तो टूटी हुई ट्रेंडलाइन, 0.8560 का क्षेत्र और 17 व 28 सितंबर के 0.8560 के निचले स्तर मजबूत प्रतिरोध के रूप में सामने आएंगे। इसके ऊपर 29 सितंबर का उच्चतम स्तर 0.8585 अगला कड़ा पड़ाव साबित होगा।
लंबी अवधि के रुझान पर नजर डालें तो बाजार का रुख अब भी पूरी तरह नकारात्मक बना हुआ है। चार्ट पर 50-दिवसीय ईएमए 0.8576 और 200-दिवसीय ईएमए 0.8635 के बीच डेथ क्रॉस बना हुआ है, जबकि 20-दिवसीय ईएमए 0.8578 और 50-दिवसीय एसएमए 0.8568 पर स्थित हैं। बॉलिंगर बैंड्स के पैमाने पर निचला बैंड 0.8551 और ऊपरी बैंड 0.8613 है, और मौजूदा कीमत 0.8547 निचले बैंड से भी नीचे चल रही है। पिवट बिंदु 0.8554 पर है, जहां पहला प्रतिरोध 0.8569 और दूसरा प्रतिरोध 0.8591 पर है। नीचे की ओर पहला सहारा 0.8532 और दूसरा सहारा 0.8518 पर स्थित है। यदि 0.8530 का समर्थन टूटता है, तो मंदड़ियों की सीधी नजर 17 जुलाई के 0.8515 के उच्च स्तर पर होगी। इस जोड़ी का 52 हफ्तों का दायरा 0.8468 से 0.8865 के बीच रहा है।
वैश्विक मुद्रा बाजार का रुख: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पस्त, जापानी येन में टिकाव
बुधवार को व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में भी कई अहम हलचलें देखने को मिलीं। एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD दो महीने के निचले स्तर 0.6950 के करीब आ गया। ऑस्ट्रेलिया में अगस्त महीने के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिसने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा आगे ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं पर ठंडा पानी फेर दिया। इसके अलावा चीन के विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास राहत नहीं दी, भले ही अमेरिकी डॉलर की बढ़त कुछ देर के लिए थमी रही।
दूसरी ओर, USD/JPY एशियाई सत्र में 157.00 के स्तर से नीचे दबाव में बना रहा। जापान में सुस्त कारखाने उत्पादन और कमजोर खुदरा बिक्री आंकड़ों के बावजूद बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सख्ती की उम्मीदों और मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को सहारा दिया। व्यापक स्तर पर अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने भी इस जोड़ी पर नीचे की ओर दबाव बनाए रखा।
सोना, बिटकॉइन और आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर टिकी नजरें
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतों में 4,200 डॉलर के स्तर के करीब सीमित दायरे में कारोबार देखा गया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को मंगलवार के दो महीने के उच्च स्तर से नीचे खींचा, जिससे गैर-यील्ड वाली पीली धातु को कुछ सहारा मिला। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखने की आशंकाओं ने सोने की ऊपरी बढ़त को सीमित रखा।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन बुधवार को 83,000 डॉलर के पास स्थिर होता दिखा। हफ्ते की शुरुआत में खरीदार बिटकॉइन को 85,000 डॉलर के अहम स्तर के पार बंद कराने में नाकाम रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त और इस हफ्ते आने वाले कई महत्वपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़ों के मद्देनजर क्रिप्टो निवेशक बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं।
पूरे वित्तीय बाजार का ध्यान अब बुधवार को 12:30 जीएमटी पर संयुक्त राज्य अमेरिका के आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो द्वारा जारी किए जाने वाले अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स यानी पीसीई मूल्य सूचकांक पर लगा हुआ है। बाजार प्रतिभागी पीसीई सूचकांक पर बेहद बारीकी से नजर रखते हैं क्योंकि यह फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना है और इसके आंकड़े अमेरिकी केंद्रीय बैंक के भविष्य के नीतिगत फैसलों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।



















