हैदराबाद और तेलंगाना के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में काम करने वाली पेंट और निर्माण समाधान प्रदाता टेक्नो पेंट्स एंड केमिकल्स ने पूंजी बाजार से 500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी के पास अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दस्तावेज जमा करा दिए हैं। घरेलू प्राथमिक बाजार में लगातार जारी नए पब्लिक ऑफर्स के बीच यह तेलंगाना स्थित विनिर्माता के लिए उत्पादन विस्तार और परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। कंपनी अपने इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए नए फंड जुटाकर नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और कॉर्पोरेट विकास को गति देने की योजना बना रही है।
इश्यू का ढांचा: फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल का विवरण
बाजार नियामक के पास जमा विवरण पत्र के अनुसार, प्रस्तावित पब्लिक इश्यू का कुल आकार 500 करोड़ रुपये का रखा गया है। इस सार्वजनिक निर्गम में 325 करोड़ रुपये का पूरी तरह नया इक्विटी शेयर जारी करने वाला फ्रेश इश्यू शामिल है, जबकि बाकी 175 करोड़ रुपये का हिस्सा मौजूदा प्रमोटरों और शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के तहत बेचा जाएगा। क्योंकि ऑफर फॉर सेल के जरिए मिलने वाला पैसा सीधे बिकने वाले शेयरधारकों के खाते में जाता है, इसलिए टेक्नो पेंट्स एंड केमिकल्स को केवल फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि ही प्राप्त होगी, जिसमें से इश्यू से जुड़े खर्च काटे जाएंगे।
ड्राफ्ट दस्तावेजों में यह विकल्प भी रखा गया है कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास अंतिम रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा करने से पहले कंपनी 65 करोड़ रुपये तक का प्री-आईपीओ प्लेसमेंट ला सकती है। यदि कंपनी इस प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटाने में सफल रहती है, तो इस राशि को फ्रेश इश्यू के कुल आकार में से घटाकर समायोजित कर दिया जाएगा। इस रणनीतिक पूंजी संचय से कंपनी को औपचारिक लिस्टिंग से पहले ही अतिरिक्त तरलता हासिल हो सकेगी।
प्रमोटर, प्रमुख ग्राहक और टर्नकी बिजनेस मॉडल
टेक्नो पेंट्स एंड केमिकल्स का प्रवर्तन अकुरी श्रीनिवासा रेड्डी और ए संध्या द्वारा किया जा रहा है। कंपनी केवल पेंट विनिर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इसके साथ-साथ पेंट एप्लीकेशन सेवाएं भी देती है। कंपनी का मुख्य कारोबारी फोकस सीधे रियल एस्टेट डेवलपर्स और बड़े बिल्डरों की जरूरतों को पूरा करने पर टिका हुआ है। यह एकीकृत व्यवस्था ग्राहकों को सामग्री और काम दोनों के लिए सिंगल-विंडो समाधान मुहैया कराती है।
कंपनी के परिचालन मॉडल में टर्नकी पेंट सप्लाई और एप्लीकेशन अनुबंध शामिल हैं, जिसके तहत टेक्नो पेंट्स उत्पादों के निर्माण से लेकर साइट पर उनकी फिनिशिंग और काम पूरा करने तक का पूरा जिम्मा संभालती है। इससे कंपनी का सीधा जुड़ाव निर्माण और रियल एस्टेट क्षेत्र की जमीनी गतिविधियों से बना रहता है, खासकर उन क्षेत्रीय बाजारों में जहां इसका नेटवर्क मजबूत है। कंपनी के प्रतिष्ठित ग्राहकों की सूची में प्रेस्टीज, एपीआर ग्रुप और रामकी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बड़े उद्योग घराने शामिल हैं।
प्रोजेक्ट आधारित अनुबंधों के अलावा, कंपनी अपने उत्पादों की सीधी बिक्री बिजनेस-टू-बिजनेस यानी बी2बी ग्राहकों को भी करती है। इसके उत्पाद पोर्टफोलियो में पुट्टी, टेक्सचर्स, प्राइमर, इमल्शन और इनेमल शामिल हैं। खुदरा बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनी फ्रेंचाइजी नेटवर्क का भी सहारा ले रही है। जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, टेक्नो पेंट्स एंड केमिकल्स के पास 28 फ्रेंचाइजी स्वतंत्र रिटेल आउटलेट संचालित कर रहे थे, जो सीधे उपभोक्ता और ठेकेदार बाजार तक पहुंच बनाते हैं।
पूंजी का उपयोग: 149.1 करोड़ रुपये में नया ग्रीनफील्ड प्लांट
पब्लिक ऑफर के जरिए मिलने वाली शुद्ध पूंजी में से सबसे बड़ा हिस्सा विनिर्माण क्षमता के विस्तार पर खर्च किया जाएगा। कंपनी की योजना 149.1 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड पेंट्स मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन फैसिलिटी स्थापित करने की है। इसके अतिरिक्त, बढ़ते कारोबारी दायरे और टर्नकी प्रोजेक्ट्स को सुचारू रखने के लिए 80 करोड़ रुपये इंक्रीमेंटल वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए रखे गए हैं। शेष बची राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
वर्तमान में टेक्नो पेंट्स दो विनिर्माण संयंत्रों का संचालन करती है। इन दोनों मौजूदा संयंत्रों की कुल स्थापित क्षमता पाउडर पेंट्स (जिसमें पुट्टी और टेक्सचर्स शामिल हैं) के लिए 1,03,896 मीट्रिक टन प्रति वर्ष यानी एमटीपीए है। वहीं लिक्विड पेंट्स (जिसमें इमल्शन, प्राइमर और इनेमल शामिल हैं) के लिए यह क्षमता 22,199 किलोलीटर प्रति वर्ष यानी केएलपीए दर्ज है।
मौजूदा संयंत्रों में से एक इकाई लीज पर ली गई संपत्ति से संचालित हो रही है, जहां भविष्य में विस्तार और उन्नत उत्पाद विकास के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। इसी सीमितता को दूर करने के लिए कंपनी तेलंगाना के चेरियाल और पाशामीलारम में चल रहे अपने मौजूदा परिचालनों को समेटकर नए प्रस्तावित एकीकृत परिसर में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है। इससे कंपनी की संचालन दक्षता में सुधार होने और लॉजिस्टिक्स लागत घटने की उम्मीद है।
क्षमता में भारी इजाफा और 994.7 करोड़ रुपये की मजबूत ऑर्डर बुक
यदि प्रस्तावित ग्रीनफील्ड प्लांट तय योजना के अनुसार पूरा होता है, तो इससे कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि होगी। ड्राफ्ट पेपर्स में दिए गए ब्योरे के मुताबिक, इस नए एकीकृत संयंत्र में पाउडर पेंट की उत्पादन क्षमता 2,34,000 एमटीपीए और लिक्विड पेंट की क्षमता 31,200 केएलपीए होगी। यह विस्तार कंपनी को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट कारोबार के साथ-साथ खुदरा और संस्थागत मांग को बड़े पैमाने पर पूरा करने का सामर्थ्य देगा। हालांकि बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को नए संयंत्र के निर्माण की गति, इसके चालू होने की वास्तविक समयसीमा और उत्पादन शुरू होने के बाद क्षमता उपयोग के स्तर पर करीबी नजर रखनी होगी।
यह नया प्रस्तावित संयंत्र केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक विनिर्माण सह इनोवेशन केंद्र के तौर पर तैयार किया जा रहा है ताकि नए फॉर्मूलेशन और आधुनिक कोटिंग्स तैयार की जा सकें। जुलाई 2026 तक कंपनी के पास 994.7 करोड़ रुपये की मजबूत ऑर्डर बुक थी, जो आने वाले समय में इसके प्रोजेक्ट आधारित राजस्व और परिचालन की स्पष्ट दृश्यता प्रदान करती है।
वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफे में दोगुने से अधिक की उछाल
मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी ने अपने वित्तीय प्रदर्शन में जोरदार वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025-26 यानी एफवाई26 में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 37.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 यानी एफवाई25 में दर्ज 16.65 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।
इसी तरह परिचालन से प्राप्त राजस्व में भी शानदार उछाल देखने को मिला है। एफवाई26 में कंपनी का राजस्व 68.4 प्रतिशत बढ़कर 350.5 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि इससे पिछले वित्तीय वर्ष एफवाई25 में यह आंकड़ा 208.1 करोड़ रुपये रहा था। इस वित्तीय मजबूती और राजस्व में तेज विस्तार के दम पर कंपनी अब शेयर बाजार में प्रवेश कर अपनी आगामी विकास योजनाओं को वित्तीय समर्थन देने की तैयारी कर रही है।



















