अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें एक संकीर्ण दायरे में सीमित नजर आ रही हैं, जहां हाजिर सोना (XAU/USD) 4,200 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे संघर्ष कर रहा है। वित्तीय बाजारों की नजरें पूरी तरह से संयुक्त राज्य अमेरिका के मुख्य पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (पीसीई) मूल्य सूचकांक पर टिकी हैं। चूंकि यह महंगाई सूचकांक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णयों के लिए सबसे पसंदीदा पैमाना माना जाता है, इसलिए इसके जारी होने से पहले सराफा निवेशक किसी भी बड़े जोखिम से बचते हुए नए दांव लगाने से बच रहे हैं। अमेरिकी आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो बुधवार को 12:30 जीएमटी पर अगस्त महीने के लिए पीसीई मूल्य सूचकांक जारी करने वाला है, जिसके बाद ही कीमती धातुओं के रुझान में निर्णायक मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है।
तकनीकी रुकावटें और चार्ट विश्लेषण के अलग-अलग संकेत
बाजार के तकनीकी ढांचे को लेकर विश्लेषकों की राय स्पष्ट रूप से बंटी हुई है। एक विश्लेषण में मेहता का मानना है कि सोने की किसी भी रिकवरी को मजबूत तकनीकी प्रतिरोधों का सामना करना पड़ेगा। उनके अनुसार 4,320 डॉलर से 4,323 डॉलर के बीच स्थित सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) का घना क्लस्टर और 4,312 डॉलर के स्तर पर मौजूद डाउनवर्ड ट्रेंड लाइन तात्कालिक बाधा के रूप में काम कर रहे हैं। वहीं उमैर का विश्लेषण संकेत देता है कि वर्तमान सुधार बेहद नाजुक है और तेजी की स्थिति तब तक पक्की नहीं हो सकती जब तक कि सोना 4,200 डॉलर से 4,400 डॉलर के दायरे से ऊपर मजबूती से बंद न हो।
दूसरी ओर, गरीब का आर्क साइकिल विश्लेषण फिलहाल पूरी तरह तटस्थ बना हुआ है। उनके मूल्यांकन के अनुसार सोना 100 प्रतिशत स्तर पर आर्क पर सिमट रहा है और अभी तक कोई दिशात्मक झुकाव तय नहीं हुआ है। इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि आगामी आर्थिक डेटा के बाद कीमतें दोनों में से किसी भी दिशा में जोरदार रफ्तार पकड़ सकती हैं। तकनीकी तौर पर नजर रखने वाला मुख्य स्तर 4,200 डॉलर ही बना हुआ है। यदि पीसीई आंकड़ों के बाद सोना इस स्तर से ऊपर लगातार टिका रहता है, तो तकनीकी दृष्टिकोण सुधर सकता है। इसके विपरीत, यदि तेजी दर्ज करने में विफलता हाथ लगती है, तो गिरावट का रुख 4,000 डॉलर के स्तर की ओर खुल जाएगा जो आर्क डिसिजन जोन के करीब है।
लाइव मार्केट डेटा और तकनीकी संकेतकों की स्थिति
क्लोजिंग बेल के समय उपलब्ध लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सोना (GC=F) 4,188 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले सत्र के 4,180 डॉलर के बंद भाव से 0.20 प्रतिशत अधिक है। 52 हफ्तों के दौरान सोने का दायरा 3,821 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच रहा है, जबकि आज का वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.73 गुना दर्ज किया गया। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई 35 के स्तर पर बना हुआ है, जो सुस्त गति का संकेत देता है। एमएसीडी -54.84 पर है जबकि इसका सिग्नल स्तर -25.91 पर दर्ज है, जिसका हिस्टोग्राम -28.94 के साथ मंदड़ियों के प्रभाव को दर्शाता है।
मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय ईएमए 4,337 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 4,360 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 4,438 डॉलर पर मौजूद हैं। इसके अलावा 50-दिवसीय एसएमए 4,363 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 4,555 डॉलर पर स्थित हैं। ईएमए 50 के ईएमए 200 से नीचे होने के चलते बाजार में डेथ क्रॉस बना हुआ है, जिससे दीर्घकालिक रुझान में मंदी के संकेत हैं। 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड 4,172 डॉलर से 4,556 डॉलर के बीच फैला है जिसका मध्य स्तर 4,364 डॉलर पर है। एडीएक्स 19 पर है जो एक कमजोर या सीमित दायरे वाले बाजार को प्रदर्शित करता है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 15 और सिग्नल लाइन 11 पर है। 99.20 के एटीआर के साथ दैनिक उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए मुख्य पिवट स्तर 4,207 डॉलर पर है, जहां पहला रेजिस्टेंस 4,232 डॉलर और दूसरा 4,276 डॉलर पर स्थित है, जबकि तात्कालिक सपोर्ट 4,163 डॉलर और दूसरा सपोर्ट 4,138 डॉलर पर स्थित है। 20-दिवसीय मुख्य सपोर्ट 4,143 डॉलर तथा रेजिस्टेंस 4,559 डॉलर के पास देखा जा रहा है।
डॉलर, बॉन्ड यील्ड और अन्य वैश्विक बाजारों का रुख
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान सोने का दायरा 4,200 डॉलर के करीब बना रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को मंगलवार के दो महीने के उच्चतम स्तर से पीछे धकेल दिया, जिससे सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों को कुछ सहारा मिला। इसके बावजूद फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख की उम्मीदों ने कीमतों में तेज उछाल को सीमित रखा है, क्योंकि निवेशक किसी भी बड़े जोखिम से पहले आधिकारिक महंगाई आंकड़ों की पुष्टि चाहते हैं।
विदेशी मुद्रा और क्रिप्टो बाजार में भी व्यापक हलचल दर्ज की गई। बुधवार को एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.6950 के करीब दो महीने के निचले स्तर पर आ गया, क्योंकि अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित सीपीआई आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे और इसने रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को ठंडा कर दिया। चीन के पीएमआई आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा देने में असफल रहे। दूसरी ओर, बैंक ऑफ़ जापान (बीओजे) के आक्रामक रुख की उम्मीदों और संभावित बाजार हस्तक्षेप की आशंकाओं के कारण जापानी येन में मजबूती दिखी, जिससे USD/JPY 157.00 के नीचे दबाव में रहा। क्रिप्टो बाजार में भी सतर्कता बनी रही, जहां बिटकॉइन बुधवार को 83,000 डॉलर के पास सुस्त रहा, क्योंकि सप्ताह की शुरुआत में यह 85,000 डॉलर के अहम स्तर को पार करने में विफल रहा था।



















