घरेलू इक्विटी बाजारों में गुरुवार, 15 अक्टूबर को जबर्दस्त खरीदारी देखने को मिली, जिससे कई कारोबारी सत्रों की सुस्ती एक झटके में खत्म हो गई। दलाल स्ट्रीट पर दिग्गज कंपनियों के शेयरों में चौतरफा मांग आने से बेंचमार्क इंडेक्स जोरदार छलांग लगाने में सफल रहे। हालांकि मुख्य सूचकांकों में बड़ी तेजी दर्ज की गई, लेकिन पूरे बाजार का रुख मिला-जुला बना रहा क्योंकि व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव भी साथ-साथ देखा गया।
प्रमुख सूचकांकों की अंतिम स्थिति
दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,533.72 अंक अथवा 2.11 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर 74,315.61 के स्तर पर रुका। ठीक इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों वाले निफ्टी ने 374.65 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की तेजी दर्ज की और यह 22,997.35 के स्तर पर बंद हुआ। इस तेज उछाल ने बेंचमार्क सूचकांकों को अपने मनोवैज्ञानिक स्तरों के करीब ला खड़ा किया है।
क्षेत्रवार सूचकांकों का प्रदर्शन
बाजार की इस तेजी को गति देने में कई प्रमुख क्षेत्रों ने अहम भूमिका निभाई। ऑटोमोबाइल, आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, तेल और गैस, निजी बैंक तथा रियल्टी इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की मजबूती दर्ज की गई। इसके विपरीत, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और मीडिया इंडेक्स दबाव में रहे, जहां 1 से 1.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। ब्रॉडर मार्केट का मूड कमजोर रहा, जिसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत तथा स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की सुस्ती देखी गई। मार्केट ब्रेड्थ नकारात्मक रही, जहां कुल 1,497 शेयर हरे निशान में बंद हुए, 2,536 कंपनियों के शेयरों में नुकसान दर्ज हुआ और 148 शेयरों के भाव में कोई फेरबदल नहीं हुआ।
शीर्ष लाभ और हानि वाले शेयर
इंडेक्स की अगुवाई करने वाले शेयरों में तकनीकी और निजी वित्तीय संस्थानों का दबदबा रहा। टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बीएसई लिमिटेड बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख नामों में शामिल रहे। दूसरी तरफ, बिकवाली के दबाव में आकर नेस्ले इंडिया, ट्रेंट, अडानी एंटरप्राइजेज, जियो फाइनेंशियल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) के शेयर लाल निशान में बंद हुए। जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार में ब्लूचिप शेयरों में आई मजबूत लिवाली ने इस उछाल को सहारा दिया है।



















