अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में हालिया नरमी के संकेतों के बावजूद अमेरिकी डॉलर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है। लंबी अवधि की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जारी उछाल ने वैश्विक स्तर पर जोखिम उठाने की धारणा को कमजोर किया है, जिससे निवेशकों का रुख सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर डॉलर की ओर बना हुआ है। बॉन्ड बाजार में जारी भारी गिरावट फिलहाल निकट भविष्य में डॉलर में किसी बड़ी सुस्ती या करेक्शन की गुंजाइश को रोकती दिखाई दे रही है।
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और आगामी आर्थिक आंकड़े
बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकालिक ब्याज दरों में हलचल आगामी आर्थिक रिलीज पर निर्भर करेगी। वित्तीय दुनिया की नजरें सितंबर के एडीपी पेरोल डेटा, अगस्त महीने के व्यक्तिगत खर्च और पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर यानी पीसीई महंगाई आंकड़ों पर टिकी हैं। कोर पीसीई के मासिक आधार पर 0.2% से बढ़कर 0.3% रहने की संभावना जताई गई है। यह सूचकांक फेडरल रिजर्व का पसंदीदा महंगाई पैमाना माना जाता है, हालांकि आने वाले हफ्तों में जारी होने वाले सितंबर सीपीआई आंकड़ों को बाजार और अधिक तवज्जो दे सकता है।
विश्लेषकों का आकलन है कि अगर कोर पीसीई रीडिंग महीने-दर-महीने 0.4% पर पहुंचती है और इसे रोजगार के मजबूत आंकड़ों का समर्थन मिलता है, तो अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना दोबारा करीब 20 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ सकती है। बाजार की धारणा में हल्का ठहराव डॉलर की तेजी की चमक को थोड़ा धीमा जरूर कर सकता है, लेकिन मौजूदा आर्थिक रिपोर्टों का रुख ही आगे की दिशा तय करेगा। अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना दोबारा तय होने की गुंजाइश को देखते हुए इस तेजी के शीर्ष पर पहुंचने का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
ब्याज दरों के असर से अन्य प्रमुख मुद्राओं में गिरावट
बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.6950 के करीब दो महीने के निचले स्तर पर आ गया। अगस्त महीने में ऑस्ट्रेलिया के अंतर्निहित सीपीआई आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे, जिसने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। इसके साथ ही चीन के कमजोर पीएमआई आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूती देने में नाकाम रहे, भले ही उस समय अमेरिकी डॉलर की बढ़त थमी हुई थी।
जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का रुख भी उतार-चढ़ाव भरा रहा और यूएसडी/जेपीवाई एशियाई सत्र में 157.00 के नीचे दबाव में बना रहा। बैंक ऑफ जापान की तरफ से सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों और मुद्रा बाजार में सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को सहारा दिया, जिससे घरेलू स्तर पर कमजोर फैक्ट्री आउटपुट और रिटेल बिक्री के आंकड़ों का नकारात्मक असर कुछ हद तक संतुलित हो गया। साथ ही डॉलर की चौतरफा सुस्ती ने भी इस जोड़ी को नीचे बनाए रखने में भूमिका निभाई।
सोने के भाव में ठहराव और क्रिप्टो बाजार का हाल
यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतें सीमित दायरे में घूमती रहीं और पीली धातु 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे कारोबार करती दिखी। फंडामेंटल संकेतों के मिले-जुले रहने से सोने में एक दिशा तय नहीं हो सकी। मंगलवार को दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने डॉलर को नीचे खींचा, जिससे बिना ब्याज वाली धातु यानी सोने को कुछ सहारा मिला। हालांकि, फेडरल रिजर्व की तरफ से लंबे समय तक सख्त नीति जारी रखने की संभावनाओं ने सोने की ऊपरी बढ़त को सीमित कर दिया है।
डिजिटल एसेट बाजार में भी मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिला। पिछले दिन 10% से अधिक की छलांग लगाने के बाद बुधवार को आवे का भाव फिसलकर 161 डॉलर से नीचे आ गया। ब्लॉकचेन ऑन-चेन डेटा से संकेत मिलता है कि तेजी के बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफा काटा। इस बीच, आवे के संस्थापक स्टानी कुलेचोव आवेनॉमिक्स 3.0 के तहत टोकन-बर्न तंत्र लाने पर विचार कर रहे हैं, जो आने वाले समय में इस टोकन के लिए सकारात्मक उत्प्रेरक साबित हो सकता है।
अमेरिकी पीसीई मूल्य सूचकांक पर टिकी नजर
संयुक्त राज्य अमेरिका का ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस बुधवार को 12:30 जीएमटी पर अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े सार्वजनिक करने जा रहा है। वित्तीय बाजारों के प्रतिभागी पीसीई प्राइस इंडेक्स पर बेहद पैनी नजर रखते हैं, क्योंकि यह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना है। इस रिपोर्ट के परिणाम सीधे तौर पर फेडरल रिजर्व के नीतिगत दृष्टिकोण और भविष्य में ब्याज दरों के फैसलों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।



















