अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो और अमरीकी डॉलर की जोड़ी यानी EUR/USD 1.1600 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के समीप बढ़त दर्ज करती देखी जा रही है। अमरीकी डॉलर में बनी चौतरफा बिकवाली के कारण यूरो को सहारा मिला है, जिससे यह जोड़ी 1.1598 के स्तर पर कारोबार कर रही है। चार्ट पर 20-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA 1.1594 पर स्थित है, जो इस करेंसी पेयर के लिए एक मजबूत और गतिशील सपोर्ट जोन का काम कर रहा है। जब तक कीमत इस स्तर के ऊपर बनी रहती है, तब तक अल्पकालिक नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। तकनीकी संकेतक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI (14) फिलहाल 53.23 के स्तर पर है, जो न्यूट्रल क्षेत्र में रहते हुए सकारात्मक रुझान दर्शा रहा है। हाल ही में 70 के ओवरब्रॉट स्तर से नीचे आने के बाद अपसाइड मोमेंटम बिना किसी अत्यधिक दबाव के संतुलित नजर आ रहा है।
तकनीकी स्तर और लाइव मार्केट संकेत
कीमतों के रुख पर नजर डालें तो EUR/USD के लिए तत्काल सपोर्ट 20-दिन के EMA यानी 1.1594 पर बना हुआ है। यदि दैनिक ट्रेडिंग में मोमबत्ती (कैंडल) इस सपोर्ट स्तर से नीचे क्लोज होती है, तो वर्तमान में बना तेजी का रुझान कमजोर पड़ सकता है और बाजार में गहरा करेक्शन देखने को मिल सकता है। दूसरी तरफ, यदि यूरो में तेजी लौटती है तो 1.1687 से 1.1714 का दायरा एक प्रमुख सप्लाई ज़ोन के रूप में काम करेगा, जहाँ बिकवाली का दबाव आ सकता है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, EUR/USD का ताजा भाव 1.16 है, जो पिछले बंद स्तर 1.16 की तुलना में 0.07 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शा रहा है। इस करेंसी जोड़ी का 52-हफ्तों का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिन के औसत के बराबर बना हुआ है। लंबी अवधि के मूविंग एवरेज में 50-दिन का SMA 1.15 पर और 200-दिन का SMA 1.16 पर स्थित है, जो एक दीर्घकालिक अपट्रेंड का संकेत देते हैं। हालांकि 50-दिन और 200-दिन के EMA में डेथ क्रॉस की स्थिति भी बनी हुई है। बोलिंगर बैंड्स (20,2) की सीमा 1.15 से 1.17 के मध्य है, जिसके भीतर कीमत स्थिर बनी हुई है। 14-पीरियड ADX संकेतक 30 पर दर्ज किया गया है, जो बाजार में स्पष्ट ट्रेंडिंग मोमेंटम की पुष्टि करता है।
अमरीकी NFP रिपोर्ट और फेडरल रिजर्व नीति का प्रभाव
फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए इस हफ्ते का सबसे बड़ा आकर्षण अमरीका की नॉनफार्म पेरोल यानी NFP रिपोर्ट है, जो ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा शुक्रवार को जारी की जाएगी। यह रिपोर्ट अमरीकी अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र को छोड़कर जोड़े गए नए रोजगारों का ब्योरा देती है। अमरीकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसलों में NFP के आंकड़ों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि फेड का मुख्य दायरा देश में अधिकतम रोजगार और 2 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर बनाए रखना है। जब NFP का आंकड़ा अनुमान से बेहतर आता है, तो इसका मतलब होता है कि अधिक लोगों के पास रोजगार है, जिससे उनकी आय और खर्च करने की क्षमता बढ़ती है। रोजगार में मजबूती के कारण अर्थव्यवस्था में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिसे नियंत्रित करने के लिए फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। उच्च ब्याज दरों की संभावना से अमरीकी डॉलर में मजबूती आती है। इसके विपरीत, यदि NFP आंकड़ा कमजोर रहता है, तो यह सुस्त श्रम बाजार का संकेत देता है, जिसके बाद फेड अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए ब्याज दरों में कटौती का रास्ता चुन सकता है।
रोजगार आंकड़े, बुलियन मार्केट और ECB का ब्याज दर फैसला
अमरीकी डॉलर और सोने (गोल्ड) के बीच NFP आंकड़ों के माध्यम से एक उल्टा संबंध देखा जाता है। जब-जब NFP आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तब-तब अमरीकी डॉलर में तेजी आती है, जबकि डॉलर महंगा होने के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बनता है। इसके अलावा, ऊंची ब्याज दरों के माहौल में बिना ब्याज देने वाले सोने में निवेश की तुलना में नकद या बॉन्ड में निवेश ज्यादा आकर्षक हो जाता है। हालांकि, केवल NFP के हेडलाइन आंकड़े ही नहीं, बल्कि रिपोर्ट के अन्य घटक भी बाजार की दिशा तय करते हैं। यदि NFP का आंकड़ा बेहतर रहता है लेकिन औसत साप्ताहिक कमाई (एवरेज वीकली अर्निंग्स) में गिरावट आती है, तो बाजार इसे मुद्रास्फीति में कमी के रूप में देखता है। इसके अतिरिक्त, लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट और औसत साप्ताहिक घंटों का आंकड़ा भी विशेष परिस्थितियों में बड़ा असर डालता है। दूसरी तरफ, यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ECB द्वारा इस महीने की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। ECB का यह संभावित कदम यूरो को अतिरिक्त मजबूती प्रदान कर रहा है।
एशियाई सत्र में अन्य वैश्विक मुद्राओं का हाल
EUR/USD के अलावा एशियाई कारोबारी सत्र में अन्य प्रमुख करेंसी जोड़ों में भी हलचल देखने को मिली। अमरीकी ADP प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट के कमजोर आंकड़ों के कारण अमरीकी डॉलर में चौतरफा गिरावट आई, जिससे USD/JPY 158.00 के स्तर से नीचे खिसक गया। बैंक ऑफ जापान यानी BoJ की ओर से नीति सख्त किए जाने की संभावनाओं और जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की चेतावनियों ने येन को समर्थन दिया है। वहीं दूसरी ओर AUD/USD जोड़ी 0.7150 के स्तर से ऊपर कारोबार करती दिखी। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित किया, भले ही चीन के रेटिंगडॉग सर्विसेज PMI आंकड़ों ने राहत दी थी। इसके अलावा, अमरीका और ईरान के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव और सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने की अटकलों से अमरीकी डॉलर की गिरावट को थामने में मदद मिली।
क्रिप्टो बाजार और एनर्जी मार्केट में रिकॉर्ड हलचल
डिजिटल एसेट बाजार में रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) अलग-अलग तकनीकी रास्तों पर चलते नजर आ रहे हैं। XRP एक महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन पर टिककर रिकवरी की नींव रख रहा है, जबकि XLM अपने कई प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के नीचे फिसल गया है। ऊर्जा बाजार में, कच्चे तेल के शांत दिखने के बावजूद डीजल क्रैक स्प्रेड ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। अमरीका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI क्रूड के बीच का अंतर इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकलकर 102.00 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया, जो रिफाइनिंग क्षमता और सप्लाई चेन पर अभूतपूर्व दबाव को दर्शाता है।


















