अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर एक तय दायरे के भीतर मजबूती की ओर इशारा कर रही है। व्यापारिक सत्र के दौरान EUR/USD जोड़ी में सीमित हलचल दर्ज की गई है, हालांकि तकनीकी संकेत बताते हैं कि अल्पकालिक स्तर पर खरीदारी की गति में हल्का सुधार हुआ है। इसके साथ ही एशिया-प्रशांत और अमेरिकी फॉरेक्स सत्रों में अन्य प्रमुख मुद्राओं जैसे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में भी महत्वपूर्ण मोड़ देखे जा रहे हैं।
यूरो में 24 घंटे का तकनीकी नजरिया और प्रतिरोध स्तर
शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान जब EUR/USD का स्तर 1.1615 पर था, तब बाजार विशेषज्ञों ने यह अनुमान जताया था कि कीमत 1.1595 से 1.1635 के दायरे में घूम सकती है। बाद में सत्र के दौरान यूरो ने 1.1601 के निचले स्तर और 1.1635 के ऊपरी स्तर के बीच कारोबार किया और अंत में 1.1621 पर लगभग स्थिर बंद हुआ, जो कि +0.07% की मामूली बढ़त दर्शाता है।
बाजार में सुस्त कारोबार के बावजूद ऊपर की ओर बढ़ने की गति में मामूली इजाफा दर्ज किया गया है। आने वाले सत्र में यूरो थोड़ा ऊपर चढ़कर 1.1640 के स्तर का परीक्षण कर सकता है। हालांकि इस स्तर को पार करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन किसी भी आगे की बढ़त के लिए 1.1670 पर स्थित मुख्य प्रतिरोध स्तर को तोड़ना काफी कठिन माना जा रहा है। नीचे की ओर पहला तात्कालिक समर्थन 1.1610 पर स्थित है, जिसके बाद अगला प्रमुख समर्थन स्तर 1.1600 पर देखा जा रहा है।
1 से 3 सप्ताह की मध्यम अवधि की संभावनाएं
मध्यम अवधि के दृष्टिकोण से 04 सितंबर को जब स्पॉट रेट 1.1635 पर था, तब बाजार विश्लेषण में यह स्पष्ट किया गया था कि 03 सितंबर की तेजी के बाद रुझान ऊपर की ओर झुका है। हालांकि तेजी की गति इतनी मजबूत नहीं है कि वह एक बड़े ब्रेकआउट का रूप ले सके, इसलिए यूरो के 1.1585 से 1.1690 के व्यापक दायरे में बने रहने का अनुमान जताया गया था।
इसके बाद 07 सितंबर को जब स्पॉट मूल्य 1.1625 पर पहुंचा, तब भी यह माना गया कि सकारात्मक रुझान बरकरार है, लेकिन EUR/USD के लिए नया सीमित दायरा 1.1585 से 1.1670 रहेगा। वर्तमान में यही तकनीकी नजरिया बना हुआ है, जिसके तहत यूरोपीय मुद्रा सीमित दायरे के भीतर ही ऊपरी स्तरों का परीक्षण कर सकती है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मई के बाद के उच्चतम स्तर के करीब
मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर बनी रही, जो 14 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने की संभावनाओं और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद अमेरिकी डॉलर दबाव में दिखाई दे रहा है। जापानी येन में आई तेजी ने अमेरिकी डॉलर को मिलने वाले समर्थन को बेअसर कर दिया है।
इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा चालू माह के अंत में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने की बढ़ती उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए उत्प्रेरक का काम किया है। हालांकि चीन के मिले-जुले व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) आंकड़ों ने AUD/USD की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांधकर रखा है।
जापानी येन में मजबूती और USD/JPY में उतार-चढ़ाव
मंगलवार को अमेरिकी कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY जोड़ी 154.00 के आसपास डोलती नजर आई। इससे पहले दिन में यह जोड़ी 153.00 के स्तर से नीचे गिरकर छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई थी, जहां से इसमें रिकवरी दर्ज की गई। फॉरेक्स विश्लेषकों का मानना है कि USD/JPY में दिख रही यह बढ़त फिलहाल केवल एक तकनीकी सुधार (टेक्निकल करेक्शन) का हिस्सा है।
जापान में जारी वेतन वृद्धि के मजबूत आंकड़ों और दूसरी तिमाही के जीडीपी (GDP) संशोधित आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगले सप्ताह ब्याज दरें बढ़ाने के दांव को और मजबूत कर दिया है। इन आर्थिक संकेतकों के कारण जापानी येन को लगातार सहारा मिल रहा है, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल: डीजल क्रैक स्प्रेड $100 के पार
कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का बाजार भले ही कुछ महीने पहले की तुलना में अधिक शांत नजर आ रहा हो, लेकिन रिफाइंड ईंधन बाजार से एक अलग तस्वीर सामने आ रही है। विशेष रूप से डीजल बाजार में आपूर्ति और मांग के समीकरण काफी तनावपूर्ण दिखाई दे रहे हैं।
अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI क्रूड ऑयल के बीच के अंतर को दर्शाने वाला अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है। कारोबार के दौरान इसने $102.00 प्रति बैरल से ठीक ऊपर का सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर हासिल किया, जो ऊर्जा बाजार में रिफाइनिंग मार्जिन की अभूतपूर्व स्थिति को रेखांकित करता है।



















