घरेलू दोपहिया और वाहन उपकरण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हीरो मोटर्स के शेयरों ने भारतीय शेयर बाजार में ठोस शुरुआत की है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर कंपनी के शेयर अपने निर्गम मूल्य के मुकाबले 15.5 प्रतिशत प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए। इस मजबूत शुरुआत के बावजूद बाजार विश्लेषक इस नए शेयर पर सतर्क रुख अपना रहे हैं और नई खरीदारी करने से पहले इंतजार करने और देखने की रणनीति अपनाने का परामर्श दे रहे हैं।
लिस्टिंग और शुरुआती कारोबार की स्थिति
शेयर बाजार में लिस्टिंग के समय कंपनी का शेयर 97.30 रुपये पर खुला, जबकि इसका आईपीओ इश्यू प्राइस 84 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। इस स्तर पर सूचीबद्ध होते ही निवेशकों को प्रति शेयर 15.5 प्रतिशत का सीधा प्रीमियम हासिल हुआ। कारोबार के दौरान शेयर का भाव 97.20 रुपये के आसपास देखा गया, जिस पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 4,414.98 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
शुरुआती कारोबारी सत्र में इस ऑटो शेयर में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। शेयर ने दिन के दौरान 97.59 रुपये का उच्चतम स्तर और 80.50 रुपये का निचला स्तर छुआ। कारोबार की एक अवधि में शेयर अपने इश्यू प्राइस से लगभग 16 प्रतिशत ऊपर और अपने लिस्टिंग स्तर से करीब 18.3 प्रतिशत तक बढ़त के दायरे में देखा गया।
वैल्यूएशन और वित्तीय मानकों पर विश्लेषकों का विश्लेषण
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड में वेल्थ प्रमुख शिवानी न्याती के अनुसार, कंपनी को पावरट्रेन सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति और इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी क्षेत्र की वृद्धि की संभावनाओं का सीधा लाभ मिलता है। हालांकि, मौजूदा स्तरों पर कंपनी का मूल्यांकन लगभग 69 से 74 गुना पी/ई अनुपात पर है, जो उद्योग जगत की समकक्ष प्रतिस्पर्धी कंपनियों के औसत 50.2 गुना पी/ई की तुलना में काफी ऊंचा है।
वित्तीय प्रदर्शन के अन्य पैमानों पर नजर डालें तो हीरो मोटर्स का रिटर्न ऑन नेट वर्थ यानी आरओएनडब्ल्यू सुधरकर 8.53 प्रतिशत पर पहुंच गया है, जबकि इसका एबिटा मार्जिन भी सुधरकर लगभग 10.2 प्रतिशत हुआ है। हालांकि, यह दोनों वित्तीय आंकड़े क्षेत्र की प्रमुख प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में अभी भी नीचे बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त कंपनी के कारोबार में चुनिंदा बड़े ग्राहकों पर अत्यधिक निर्भरता यानी उच्च ग्राहक संकेंद्रण एक अन्य प्रमुख कारोबारी जोखिम के रूप में मौजूद है।
निवेशकों के लिए रणनीति और स्टॉप-लॉस की सलाह
मजबूत कारोबारी संभावनाओं के बीच सीमित वैल्यूएशन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिवानी न्याती ने कहा,
"हमारा पोस्ट-लिस्टिंग दृष्टिकोण न्यूट्रल है।"
विश्लेषकों का मानना है कि नए निवेशकों को शेयर में कोई नई पोजीशन बनाने से पहले वैल्यूएशन में सुधार या कीमतों में स्थिरता आने तक इंतजार करना चाहिए। वहीं जिन निवेशकों को आईपीओ आवंटन के दौरान शेयर मिले हैं, वे 75 से 77 रुपये के आसपास स्टॉप-लॉस निर्धारित करते हुए अपने शेयरों को होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं।
कंपनी का मुख्य व्यवसाय और उत्पाद पोर्टफोलियो
हीरो मोटर्स इंजीनियरिंग और ऑटोमोटिव उद्योग में गियर्स और ट्रांसमिशन, अलॉय और मेटैलिक पार्ट्स तथा बाइक पावरट्रेन सिस्टम के निर्माण में सक्रिय है। कंपनी वैश्विक स्तर पर ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स यानी ओईएम को अपने उत्पादों और समाधानों की आपूर्ति करती है। इसके उत्पादों की श्रृंखला मोटरसाइकिल, ऑटोमोटिव, ऑफ-रोड और इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणियों के प्रमुख ब्रांड्स में इस्तेमाल की जाती है।


















