अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारी दबाव में दिखाई दे रहा है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत बने रहने और यूरोप के सबसे बड़े आर्थिक केंद्र जर्मनी में राजनीतिक अनिश्चितता की वजह से यूरो/डॉलर जोड़ी बुधवार को एशियाई कारोबार के दौरान 1.1425 के आसपास लुढ़क गई, जो 29 जुलाई के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि दोनों प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों के केंद्रीय बैंकों के बदलते रुख और मैक्रोइकोनॉमिक दबावों ने साझा यूरोपीय मुद्रा को कमजोर किया है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा जोड़ी फिलहाल 1.14 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 1.15 के मुकाबले 0.29% की गिरावट दर्शाता है। इस मुद्रा जोड़ी का 52 हफ्तों का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00x पर बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14 दिवसीय आरएसआई (RSI) 30 पर आ गया है, जो ओवरसोल्ड स्थिति का संकेत देता है। साथ ही ईएमए50 (EMA50) 1.15 और ईएमए200 (EMA200) 1.16 के स्तर के साथ डेथ क्रॉस दिखा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कीमत दीर्घावधि डाउनट्रेंड में फंसी हुई है। इसके अलावा बोलिंजर बैंड के निचले दायरे 1.14 के भी नीचे फिसलने से बिकवाली का दबाव गहराया है।
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और डॉलर की व्यापक मजबूती
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों को लेकर दिखाए जा रहे सख्त रुख ने अमेरिकी डॉलर को व्यापक मजबूती प्रदान की है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स के मुद्रास्फीति पर असर को लेकर केंद्रीय बैंक सतर्क है, जिसके कारण अक्टूबर में संभावित दर वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं। सोमवार को बाजार ने इसी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को दो अलग-अलग पूंजी लागतों पर आंका। मुद्रा तालिका से पता चलता है कि इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर ने प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले शानदार बढ़त हासिल की है, जिसमें कैनेडियन डॉलर के सामने डॉलर सबसे ज्यादा मजबूत साबित हुआ।
दूसरी ओर, जर्मनी के भीतर बढ़ते राजनीतिक जोखिमों ने निवेशकों की धारणा को झटका दिया है। फ्रांस के क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप्स (CDS) वर्ष 2020 के बाद के सबसे ऊंचे स्तरों पर पहुंच गए हैं, जबकि ब्रिटेन का फिस्कल हेडरूम बजट से पहले घटकर आधा रह गया है। इस पूरे यूरोपीय घटनाक्रम ने साझा मुद्रा के प्रति निवेशकों के रुझान को कमजोर किया है, जिससे बिकवाली का दौर लंबा खिंचता जा रहा है।
तकनीकी स्तर और चार्ट पर अहम बाधाएं
तकनीकी चार्ट पर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी (MACD) नकारात्मक दायरे में बना हुआ है, जो लगातार जारी बिकवाली दबाव की पुष्टि करता है। यदि यूरो/डॉलर जोड़ी में कोई तकनीकी सुधार या रिकवरी देखने को मिलती है, तो उसे सबसे पहले 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर यानी 1.1474 पर कड़ी रुकावट का सामना करना पड़ेगा। इस स्तर के बाद अगला प्रतिरोध 50.0% रिट्रेसमेंट स्तर 1.1519 पर है, जिसके ठीक ऊपर 100-दिवसीय एसएमए (SMA) 1.1540 पर स्थित है।
यदि मुद्रा जोड़ी इन बाधाओं को पार करने में सफल रहती है, तो 38.2% रिट्रेसमेंट स्तर 1.1563 और 23.6% रिट्रेसमेंट स्तर 1.1619 पर नए अवरोध सामने आएंगे। पूरे चक्र का उच्चतम स्तर 1.1708 के आसपास आंका गया है। इसके विपरीत, नीचे की ओर तत्काल सहारा 78.6% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर पर 1.1410 के पास है। यदि यह स्तर टूटता है, तो बाजार का मुख्य ढांचागत आधार पिछला स्विंग लो 1.1329 होगा, जो मंदड़ियों के लिए एक बड़ा लक्ष्य बन सकता है। तकनीकी संकेतकों में स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 1 और सिग्नल लाइन 9 पर है, जबकि 14 दिवसीय एडीएक्स (ADX) 28 पर बना हुआ है, जो ट्रेंड के मजबूत होने की ओर इशारा करता है। पिवट स्तर 1.14 पर है, जिसके प्रतिरोध R1 1.14 और R2 1.15 हैं, जबकि समर्थन स्तर S1 और S2 दोनों 1.14 के स्तर पर केंद्रित हैं।
वैश्विक मुद्राओं का मिजाज और एशियाई बाजार
मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी डॉलर की मजबूती का व्यापक असर देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर/अमेरिकी डॉलर जोड़ी पर नए सिरे से बिकवाली का दबाव बना और यह बुधवार को एशियाई सत्र में 0.7100 के स्तर का परीक्षण करती दिखी। ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती पीएमआई (PMI) आंकड़ों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर संकुचन के दायरे में फिसल गया, जबकि सेवा क्षेत्र लगातार दूसरे महीने धीमी गति से बढ़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक से पहले कारोबारी सतर्क हैं, जबकि अमेरिका-ईरान अप्रत्यक्ष वार्ताओं की समाप्ति पर बाजार ने कोई विशेष ध्यान नहीं दिया है।
उधर डॉलर/जापानी येन की जोड़ी बुधवार के एशियाई सत्र में 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। हालांकि, केंद्रीय बैंक की इस डोविश दर वृद्धि के बावजूद येन को खास समर्थन नहीं मिला है, हालांकि जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित करेंसी हस्तक्षेप की आशंका ने डॉलर/येन की तेजी पर कुछ हद तक ब्रेक लगाया है। ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन न्यूयॉर्क में मौजूद हैं, जहां खाड़ी देशों के साथ उनकी बैठकें तय हैं लेकिन कोई द्विपक्षीय बातचीत निर्धारित नहीं है।
सोने की कीमतों पर बिकवाली और जोखिम धारणा
डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों के रुख का असर कमोडिटी बाजार पर भी साफ देखा गया। सोने में नए सिरे से बिकवाली शुरू हुई और यह बुधवार को एशियाई कारोबार में 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष करता नजर आया। इससे पहले सोना 4,300 डॉलर से नीचे के स्तर से सुधरा था, लेकिन ताजा बिकवाली ने उस सुधार के एक बड़े हिस्से को मिटा दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाले उच्चस्तरीय शिखर सम्मेलन से पहले सर्राफा कारोबारी कोई भी बड़ा दिशात्मक दांव लगाने से बच रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।



















