इंडोनेशिया में वित्त मंत्रालय की कमान संभालने के बाद नए वित्त मंत्री सुआहासिल नजारा के बयानों ने मुद्रा बाजार को स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की राजकोषीय नीतियों में निरंतरता और अनुशासन बना रहेगा। इस प्रशासनिक कदम से इंडोनेशियाई रुपये के लिए घरेलू जोखिम प्रीमियम में कमी आई है। हालांकि, मुद्रा बाजार के विश्लेषक क्रिस्टोफर वोंग का मानना है कि घरेलू स्तर पर स्थिरता के ठोस संकेत मिलने के बावजूद वैश्विक मोर्चे पर बनी प्रतिकूल परिस्थितियां रुपये की तेजी को पूरी तरह खुलने नहीं दे रही हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का ऊंचा स्तर, कच्चे तेल की कीमतें और बैंक इंडोनेशिया की आगामी मौद्रिक नीति बैठक जैसे कारक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इंडोनेशियाई रुपये (USD/IDR) की चाल को एक सीमित दायरे में बांधे हुए हैं।
राजकोषीय अनुशासन और नीतियों की निरंतरता पर जोर
नए वित्त मंत्री सुआहासिल नजारा ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्थिक प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडोनेशिया अपने वित्तीय प्रबंधन में निरंतरता बनाए रखेगा। वर्ष 2026 के लिए राजकोषीय घाटे का अनुमान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 2.85% पर बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि यह घाटा देश के वैधानिक नियम के तहत तय 3% की सीमा के भीतर ही रहेगा। सुआहासिल नजारा वर्ष 2019 से उप वित्त मंत्री के पद पर सेवाएं दे रहे थे, इसलिए उनकी पदोन्नति को नीतिगत बदलाव के बजाय मौजूदा वित्तीय अनुशासन को और मजबूत करने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है। घरेलू स्तर पर यह प्रतिबद्धता विदेशी निवेशकों को आश्वस्त करती है कि सरकार खर्च पर कड़ा नियंत्रण रखेगी।
तकनीकी स्तर और चार्ट पर रुपये की स्थिति
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखें तो दैनिक चार्ट पर हल्की तेजी की गति बरकरार है, हालांकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) में हालिया बढ़त के बाद नरमी के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगे हैं। बाजार में यह जोड़ी सीमित दायरे में कारोबार करने की स्थिति दिखा रही है। प्रतिरोध के प्रमुख स्तरों में 100-दिवसीय मूविंग एवरेज 17,700 पर स्थित है, जबकि 50-दिवसीय मूविंग एवरेज और वर्ष 2026 के निचले से ऊपरी स्तर के 23.6% फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर 17,840 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। नीचे की ओर समर्थन स्तरों में 21-दिवसीय मूविंग एवरेज 17,677 पर है, इसके बाद 38.2% फिबोनाची स्तर 17,620 पर और फिर 17,500 के स्तर पर अहम सपोर्ट मौजूद है।
ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, USD/IDR की विनिमय दर 17,808 पर दर्ज की गई है, जो पिछले बंद स्तर 17,757 की तुलना में 0.29% की बढ़त दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 15,636 से 18,222 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना पर रहा। 14-दिवसीय RSI वर्तमान में 57 पर है। एमएसीडी (MACD) -25.78 पर है जबकि इसका सिग्नल स्तर -52.17 है, जिसका हिस्टोग्राम 26.38 के साथ तेजी का रुझान दिखा रहा है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 17,704, 50-दिवसीय EMA 17,757 और 200-दिवसीय EMA 17,362 पर है। वहीं 50-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज (SMA) 17,826 और 200-दिवसीय SMA 17,350 पर दर्ज है, जो बाजार में दीर्घकालिक तेजी और गोल्डन क्रॉस की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड 17,535 से 17,826 के दायरे में हैं, और 14-दिवसीय एडीएक्स (ADX) 50 पर एक मजबूत ट्रेंड की ओर इशारा कर रहा है। स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 89 और सिग्नल लाइन 82 पर है। दैनिक अस्थिरता मापने वाला 14-दिवसीय एटीआर (ATR) 128.05 है, जबकि 20-दिवसीय सपोर्ट 17,436 और रेजिस्टेंस 17,856 के आसपास है। पिवट स्तर 17,792 पर है, जिसके ऊपर रेजिस्टेंस R1 17,849 और R2 17,890 पर हैं, तथा सपोर्ट S1 17,751 और S2 17,694 पर स्थित हैं।
एशियाई और वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजारों की हलचल
विदेशी मुद्रा बाजार में केवल इंडोनेशियाई रुपया ही दबाव का सामना नहीं कर रहा, बल्कि अन्य प्रमुख एशियाई और वैश्विक मुद्राओं में भी खींचतान जारी है। सोमवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7100 के स्तर से ऊपर टिका रहा। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर ने अपनी हालिया गिरावट रोकी, जो जुलाई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर से शुरू हुई थी। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) द्वारा लोन प्राइम रेट्स में कोई बदलाव न किए जाने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर थोड़ा दबाव पड़ा, लेकिन ट्रम्प-शी शिखर सम्मेलन से पहले रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने इसे सहारा दिया।
उधर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) एशियाई सत्र में गिरकर 157.00 से नीचे आ गया। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा रेट चेक किए जाने के बाद संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी मुद्रा को मजबूती दी। जापान में सार्वजनिक अवकाश के कारण व्यापारी सतर्क रुख अपना रहे हैं, जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी बाजार में अनिश्चितता बनाए रखी है। परिणामस्वरूप, अमेरिकी डॉलर की गिरावट सीमित रही, जिससे इस जोड़ी को भी आधार मिला।
कमोडिटी, बॉन्ड और केंद्रीय बैंकों का रुख
कमोडिटी बाजार में सोने की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और यह 4,350 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के करीब कारोबार करता दिखा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के बावजूद मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण कीमती धातुओं में यह सुधार देखा गया। वित्त बाजार तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में एक असामान्य स्थिति में हैं, जहां अनिश्चितता और अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। सोमवार को यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ खुलने के संकेत दे रहे थे, लेकिन सरकारी बॉन्ड बाजारों में तनाव साफ नजर आया। शुक्रवार को यूरोपीय और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में दोबारा उछाल दर्ज किया गया था। इस बीच, बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो काफी हद तक बाजार की पूर्व अपेक्षाओं के अनुरूप रहा।























