झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में दोपहर के समय पेट भरने और किफायती भोजन की तलाश कर रहे लोगों के लिए स्ट्रीट फूड के कई पुराने और लोकप्रिय ठिकाने मौजूद हैं। इनमें से एक सबसे प्रमुख स्थान बसंत सेंट्रल के पास स्थित प्रकाश जी की दही-बड़ा मटर चाट की दुकान है। यह छोटी सी दुकान अपने बेहतरीन स्वाद और सस्ते दाम की वजह से शहर भर में मशहूर है। रोजाना दोपहर के वक्त यहाँ चाट प्रेमियों और आसपास के दुकानदारों की भारी भीड़ जुटती है। मात्र 30 रुपये में मिलने वाली यह चाट न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि व्यक्ति का पेट भरने के लिए भी काफी मानी जाती है।
ठंडे दही और चटपटे मसालों का अनूठा संगम
प्रकाश जी की चाट को जो चीज अन्य जगहों से अलग बनाती है, वह है इसका अनूठा कॉम्बिनेशन और इसे तैयार करने का पारम्परिक तरीका। इस डिश को तैयार करते समय ठंडी दही के साथ उबले हुए मसालेदार मटर, आलू, विशेष चाट मसाले, मीठी सोंठ और करारी पापड़ी को एक साथ मिलाया जाता है। ऊपर से छिड़का जाने वाला खास चाट मसाला और अन्य सामग्रियाँ इसके जायके को कई गुना बढ़ा देती हैं। चिलचिलाती धूप या दोपहर की भूख के दौरान ठंडा दही और तीखे-मसालेदार मटर-आलू का यह संतुलित मेल खाने वालों को ताजगी और संतुष्टि दोनों देता है।
ग्राहकों की राय: किफायती दाम में मिलता है उम्दा स्वाद
यहाँ आने वाले नियमित ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान की चाट का ज़ायका शहर के बाकी हिस्सों में मिलने वाली सामान्य चाट से बिल्कुल अलग है। चाट का आनंद ले रहे राहुल नाम के एक स्थानीय ग्राहक ने बताया कि उन्होंने जमशेदपुर के कई प्रमुख बाजारों में चाट खाई है, लेकिन यहाँ मिलने वाली दही-बड़ा मटर चाट की बात ही अलग है। राहुल के अनुसार, महंगाई के इस दौर में मात्र 30 रुपये में इतनी स्वादिष्ट, साफ-सुथरी और पेट भरने वाली चाट मिलना अपने आप में एक खास अनुभव है। यही वजह है कि यहाँ पहली बार आने वाला व्यक्ति बार-बार खिंचा चला आता है।
तीन पीढ़ियों से कायम है 70 वर्षों की पुरानी विरासत
प्रकाश जी की यह चाट की दुकान केवल अपने बेमिसाल स्वाद के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि इसकी अपनी एक लंबी और समृद्ध ऐतिहासिक विरासत भी है। यह दुकान पिछले लगभग 70 सालों से लगातार जमशेदपुर के निवासियों को पारंपरिक चाट का स्वाद परोस रही है। इन सात दशकों में जमशेदपुर शहर में कई बड़े बदलाव आए और खान-पान के नए विकल्प सामने आए, लेकिन इस ठिकाने ने अपने स्वाद और गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया। परिवार की तीन पीढ़ियाँ इस दुकान के संचालन से जुड़ी रही हैं, जो आज भी अपने पूर्वजों की मेहनत और पारंपरिक नुस्खे को पूरी लगन के साथ आगे बढ़ा रही हैं।





















