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करौली के सपोटरा में किले वाले जंगल में मादा लेपर्ड अपने दो शावकों के साथ दिखी, गांवों में दहशतराजस्थान
7 सित॰ 2026, 1:48 pm (1 घंटे पहले)· 3

करौली के सपोटरा में किले वाले जंगल में मादा लेपर्ड अपने दो शावकों के साथ दिखी, गांवों में दहशत

करौली जिले के सपोटरा उपखंड में किले वाले जंगल की दीवार पर मादा लेपर्ड अपने दो शावकों के साथ दिखाई देने से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। वन विभाग ने इलाके में दो टीमें तैनात कर निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से जंगल की तरफ अकेले न जाने की अपील की है।

करौली जिले के सपोटरा उपखंड में किले वाले जंगल से सटे गांवों में इन दिनों दहशत का माहौल है। दरअसल किले की एक पुरानी दीवार पर एक मादा लेपर्ड अपने दो नन्हे शावकों के साथ घूमती नजर आई, और इस नजारे की खबर फैलते ही आसपास रहने वाले लोग सहम गए। खबर मिलते ही वन महकमे ने बिना देर किए इलाके में चौकसी बढ़ा दी और हालात पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी।

निगरानी के लिए मैदान में उतरीं दो टीमें

लेपर्ड और उसके शावकों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वन विभाग का पूरा अमला हरकत में आ गया। किला वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए विभाग ने दो अलग-अलग टीमें तैनात कीं, जो जंगल के अलग-अलग हिस्सों में लगातार गश्त लगा रही हैं। इन टीमों को खास तौर पर यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे लेपर्ड की हरकतों पर पैनी नजर रखें और उसे किसी भी सूरत में गांव या बस्ती की तरफ न आने दें। यही वजह है कि वनकर्मी दिन हो या रात, बिना रुके इलाके का मुआयना कर रहे हैं ताकि लेपर्ड के जंगल से बाहर निकलने की किसी भी आहट को समय रहते पकड़ा जा सके। कुछ जगहों पर वन विभाग के कर्मचारियों ने लेपर्ड को जंगल के भीतर ही रोके रखने के मकसद से पटाखे भी फोड़े, ताकि तेज आवाज सुनकर वह बस्ती की तरफ रुख करने से बचे। दरअसल विभाग को आशंका है कि शावकों के साथ मौजूद यह मादा लेपर्ड किसी भी वक्त आबादी वाले इलाके की ओर निकल सकती है, इसलिए हर संभव तरीके से उसे जंगल के भीतर ही सीमित रखने की कोशिश की जा रही है।

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किले और जंगल की तरफ जाना कम कर बैठे लोग

दो शावकों के साथ लेपर्ड के दिखने की खबर के बाद स्थानीय लोगों ने किले और उससे लगे जंगल की तरफ जाना लगभग बंद ही कर दिया है। ग्रामीणों को डर सता रहा है कि शावकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने वाली यह मादा लेपर्ड कहीं आबादी वाले हिस्से की ओर न निकल आए, जिससे किसी बड़ी अनहोनी का खतरा पैदा हो सकता है। इलाके के क्षेत्रीय वन अधिकारी अनिल मीना और नाका प्रभारी राजेश मीना ने बताया कि लेपर्ड की मौजूदगी की सूचना मिलते ही किला वन क्षेत्र में निगरानी के लिए दो अलग-अलग टीमें तैनात कर दी गई हैं और वनकर्मियों को हर वक्त चौकस रहने के लिए कहा गया है। उनके मुताबिक टीमें लगातार गश्त और निगरानी में जुटी हैं ताकि हालात पर पूरी नजर रखी जा सके और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

वन विभाग की लोगों से अपील

वन विभाग ने आसपास के निवासियों से किले वाले जंगल और उससे सटे वन क्षेत्र में जाने से परहेज करने की अपील की है। विभाग ने खास तौर पर हिदायत दी है कि कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल की तरफ रुख न करे, क्योंकि लेपर्ड शावकों के साथ होने पर सामान्य से ज्यादा सतर्क और आक्रामक हो सकती है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर कहीं लेपर्ड नजर आ जाए तो उसके पास जाने, उसे घेरने या उसे छेड़ने जैसी कोई हरकत बिल्कुल न की जाए। विभाग की सलाह है कि ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी जाए और लेपर्ड से सुरक्षित दूरी बनाकर रखी जाए, ताकि इंसान और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रह सकें।

सवाल-जवाब

करौली में लेपर्ड कहां देखा गया?
करौली जिले के सपोटरा उपखंड स्थित किला वन क्षेत्र की एक दीवार पर मादा लेपर्ड अपने दो शावकों के साथ देखी गई।
घटना के बाद वन विभाग ने क्या कदम उठाए?
वन विभाग ने किला वन क्षेत्र में निगरानी के लिए दो टीमें तैनात कीं, जो लगातार गश्त कर रही हैं, और कुछ जगहों पर लेपर्ड को जंगल में ही रोकने के लिए पटाखे भी फोड़े गए।
लोगों में डर की वजह क्या है?
ग्रामीणों को आशंका है कि शावकों के साथ मौजूद लेपर्ड कहीं आबादी वाले इलाके की ओर न निकल आए, जिससे नुकसान होने का खतरा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने क्या जानकारी दी?
क्षेत्रीय वन अधिकारी अनिल मीना और नाका प्रभारी राजेश मीना ने बताया कि सूचना मिलते ही दो टीमें तैनात कर दी गई हैं और वनकर्मियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
वन विभाग ने लोगों को क्या सलाह दी है?
लोगों से किला वन क्षेत्र में अकेले न जाने और लेपर्ड दिखने पर उसके पास जाने या उसे छेड़ने से बचने की अपील की गई है।
अगर लेपर्ड नजर आए तो क्या करना चाहिए?
तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए और लेपर्ड से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।
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